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एसई ने लगाई फटकार बोले, सबको कर दूंगा सस्पेंड, ईस्ट सब डिवीजन ने बिठा दिया भट्ठा
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अंबाला सिटी। सबको सस्पेंड कर दूंगा। ईस्ट सब डिवीजन ने तो भट्ठा बिठा रखा है...। बिजली निगम के उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम की बैठक में आई समस्याओं से परेशान एसई आरके खन्ना ने सोमवार को कुछ इसी तरह अधिकारियों को फटकार लगाई। ईस्ट सब डिवीजन में सबसे ज्यादा समस्याएं पहुंची थीं। इसीलिए गुस्साए एसई ने सीए सूरज कुमार को फोन मिलाकर जमकर फटकार लगाई। एसई बोले कि छोटे-छोटे कार्य के लिए जनता को यहां तक आना पड़ रहा है। हालांकि बैठक में 11 लोग ही समस्या लेकर पहुंचे थे, लेकिन इन 11 की ही सुनवाई में उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन दीपक झा और एसई आरके खन्ना के पसीने छूट गए। बैठक सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर शुरू होकर 12 बजकर 56 मिनट तक चली। इस दौरान उपभोक्ता केडी शर्मा ने कहा कि एससी साहब हम तो आपके कारण चुप हैं, वरना आपके जेई कितना काम करते हैं यह आप भी अच्छे से जानते हैं।
उपभोक्ता बोला नहीं सुनी जाती समस्याएं, यहां तो होती है ड्रामेबाजी
दयालबाग छावनी से आए उपभोक्ता ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार ने खुले दरबार इसीलिए लगवाने शुरू करवाए थे कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान हो। लेकिन यहां पर तो ड्रामेबाजी होती है। उपभोक्ता ने यह बात उस समय कही जब एसई आरके खन्ना ने उसे कहा कि आपके ऊपर तो चोरी का केस बना है हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। आपको कुछ कहना है तो कोर्ट में जाएं। इस पर ओमप्रकाश ने कहा कि 50 हजार रुपये का जुर्माना उस पर लगाया गया है। इस पर 50 हजार रुपये अदालत में खर्च कर दूं, मेरे पास इतने रुपये नहीं हैं। गलती आपके विभाग की है। तो इसका हर्जाना मैं क्यों दूं। ओमप्रकाश ने बताया कि उसने इस बारे में 22 नोटिस दिए हैं और 7 बार आरटीआई की अपील डाली, लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहा है। दुखड़ा रोते हुए कहा कि 2010 में वाईएमपीएल कंपनी ने मीटरों का सर्वे किया था। लेकिन उस समय हमें कुछ नहीं बताया गया। 2017 में हमें बताया गया कि उस समय आपका मीटर स्लो चल रहा था। इसी कारण सात साल बाद मेरे ऊपर चोरी का केस डाल दिया गया। इस बारे में मैंने 20 मई 2019 और इससे पहले 18 जून 2019 को भी दरबार में शिकायत दी थी। उससे पहले भी 2018 में एप्लीकेशन दी, लेकिन उसे एसडीओ ने एक साल तक दबाए रखा। इसीलिए मेरे साथ अन्याय हो रहा है।
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उपभोक्ता बोला नहीं सुनी जाती समस्याएं, यहां तो होती है ड्रामेबाजी
दयालबाग छावनी से आए उपभोक्ता ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार ने खुले दरबार इसीलिए लगवाने शुरू करवाए थे कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान हो। लेकिन यहां पर तो ड्रामेबाजी होती है। उपभोक्ता ने यह बात उस समय कही जब एसई आरके खन्ना ने उसे कहा कि आपके ऊपर तो चोरी का केस बना है हम इसमें कुछ नहीं कर सकते। आपको कुछ कहना है तो कोर्ट में जाएं। इस पर ओमप्रकाश ने कहा कि 50 हजार रुपये का जुर्माना उस पर लगाया गया है। इस पर 50 हजार रुपये अदालत में खर्च कर दूं, मेरे पास इतने रुपये नहीं हैं। गलती आपके विभाग की है। तो इसका हर्जाना मैं क्यों दूं। ओमप्रकाश ने बताया कि उसने इस बारे में 22 नोटिस दिए हैं और 7 बार आरटीआई की अपील डाली, लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहा है। दुखड़ा रोते हुए कहा कि 2010 में वाईएमपीएल कंपनी ने मीटरों का सर्वे किया था। लेकिन उस समय हमें कुछ नहीं बताया गया। 2017 में हमें बताया गया कि उस समय आपका मीटर स्लो चल रहा था। इसी कारण सात साल बाद मेरे ऊपर चोरी का केस डाल दिया गया। इस बारे में मैंने 20 मई 2019 और इससे पहले 18 जून 2019 को भी दरबार में शिकायत दी थी। उससे पहले भी 2018 में एप्लीकेशन दी, लेकिन उसे एसडीओ ने एक साल तक दबाए रखा। इसीलिए मेरे साथ अन्याय हो रहा है।
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