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Ambala News: गुमनाम पत्र में डॉक्टरों और स्कैन सेंटर पर आरोप, विजिलेंस की दस्तक
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अंबाला छावनी का नागरिक अस्पताल
अंबाला। स्वास्थ्य विभाग को मिली एक गुमनाम चिट्ठी में छावनी नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों पर कमीशन लेने, एमआरआई और सीटी स्कैन सेंटर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ये आरोप अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों सहित फिजिशियनों, नोडल अधिकारी, रेडियोलॉजिस्ट पर हैं।
इसके लिए सोमवार को पंचकूला मुख्यालय से जांच के लिए गठित विजिलेंस की टीम ने अस्पताल में दस्तक दी। इस टीम में शामिल अधिकारी ने डॉक्टरों के अलावा एमआरआई व सिटी स्कैन सेंटर में भी जाकर पूछताछ की। साथ ही कुछ दस्तावेजों को जांचने के अलावा स्कैन करवाने के लिए पहुंचे मरीजों से भी बातचीत की। जांच पूरी करने के बाद टीम वापस गई। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर यह आरोप सही हैं या निराधार। डॉक्टरों और सेंटर संचालक ने सभी आरोपियों को निराधार बताया है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग को मिली इस चिट्ठी में किसी शिकायत कर्ता का जिक्र नहीं है। जिक्र है कि स्कैन के लिए अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों, फिजिशियन सहित नोडल अधिकारी व क्लर्क के साथ मिलकर कमिशन का खेल रचा जा रहा है।
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चिट्ठी में ये है जिक्र
बताया जाता है कि चिट्ठी में सीटी स्कैन और एमआरआई में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में था। छावनी नागरिक अस्पताल का एक कंपनी को टेंडर मिला है और वो पीपी मोड पर चल रहा है। संबंधित सेंटर संचालक मरीजों की फाइल बनाकर देते हैं और वो नोडल अधिकारी और क्लर्क वेरिफाई करते हैं। इनके कर्मचारी मशीन बंद होने का हवाला देकर मरीजों की दो-दो फाइल बना लेते हैं। स्कैन करने से मना देते हैं। उनका रिफंड भी नहीं करते। स्कैन के लिए सेंटर ठेकेदार 20 प्रतिशत कमिशन देता है। जो हड्डी रोग विशेषज्ञ सहित फिजिशियन व नोडल अधिकारी व क्लर्क, रेडियोलॉजिस्ट को जाता है।
वर्जन
चंडीगढ़ मुख्यालय से टीम आई थी और सेंटर में जांच करके गए है। साथ ही मरीजों से भी बातचीत की गई है कि बीपीएल कार्ड वालों से पैसे तो नहीं लिए जा रहे। चिट्ठी में लगे आरोप निराधार है। किसी ने स्कैन न होने आदि का गुस्सा निकाला और बिना नाम के चिट्ठी भेज दी।
पुरुषोत्तम दास, सेंटर संचालक, एमआरआई और सिटी स्कैन सेंटर
वर्जन
मुख्यालय से आई विजिलेंस की टीम ने सोमवार को जांच की है। अस्पताल के हड्डियों व फीजिशियन, सेंटर की नोडल अधिकारी डॉक्टर पर आरोप लगे हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
डॉ. लोकवीर सिंह, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल
वर्जन
मुख्यालय से एक चिट्ठी मिली है और उसमें कुछ आरोप लगाए हैं। मामले की जांच के लिए पीएमओ अंबाला कैंट को बोल दिया गया है।
डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला
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इसके लिए सोमवार को पंचकूला मुख्यालय से जांच के लिए गठित विजिलेंस की टीम ने अस्पताल में दस्तक दी। इस टीम में शामिल अधिकारी ने डॉक्टरों के अलावा एमआरआई व सिटी स्कैन सेंटर में भी जाकर पूछताछ की। साथ ही कुछ दस्तावेजों को जांचने के अलावा स्कैन करवाने के लिए पहुंचे मरीजों से भी बातचीत की। जांच पूरी करने के बाद टीम वापस गई। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर यह आरोप सही हैं या निराधार। डॉक्टरों और सेंटर संचालक ने सभी आरोपियों को निराधार बताया है।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग को मिली इस चिट्ठी में किसी शिकायत कर्ता का जिक्र नहीं है। जिक्र है कि स्कैन के लिए अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों, फिजिशियन सहित नोडल अधिकारी व क्लर्क के साथ मिलकर कमिशन का खेल रचा जा रहा है।
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चिट्ठी में ये है जिक्र
बताया जाता है कि चिट्ठी में सीटी स्कैन और एमआरआई में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में था। छावनी नागरिक अस्पताल का एक कंपनी को टेंडर मिला है और वो पीपी मोड पर चल रहा है। संबंधित सेंटर संचालक मरीजों की फाइल बनाकर देते हैं और वो नोडल अधिकारी और क्लर्क वेरिफाई करते हैं। इनके कर्मचारी मशीन बंद होने का हवाला देकर मरीजों की दो-दो फाइल बना लेते हैं। स्कैन करने से मना देते हैं। उनका रिफंड भी नहीं करते। स्कैन के लिए सेंटर ठेकेदार 20 प्रतिशत कमिशन देता है। जो हड्डी रोग विशेषज्ञ सहित फिजिशियन व नोडल अधिकारी व क्लर्क, रेडियोलॉजिस्ट को जाता है।
वर्जन
चंडीगढ़ मुख्यालय से टीम आई थी और सेंटर में जांच करके गए है। साथ ही मरीजों से भी बातचीत की गई है कि बीपीएल कार्ड वालों से पैसे तो नहीं लिए जा रहे। चिट्ठी में लगे आरोप निराधार है। किसी ने स्कैन न होने आदि का गुस्सा निकाला और बिना नाम के चिट्ठी भेज दी।
पुरुषोत्तम दास, सेंटर संचालक, एमआरआई और सिटी स्कैन सेंटर
वर्जन
मुख्यालय से आई विजिलेंस की टीम ने सोमवार को जांच की है। अस्पताल के हड्डियों व फीजिशियन, सेंटर की नोडल अधिकारी डॉक्टर पर आरोप लगे हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
डॉ. लोकवीर सिंह, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल
वर्जन
मुख्यालय से एक चिट्ठी मिली है और उसमें कुछ आरोप लगाए हैं। मामले की जांच के लिए पीएमओ अंबाला कैंट को बोल दिया गया है।
डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला