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अंबाला-पटियाला बॉर्डर सील, यात्री परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
Updated Sat, 24 Oct 2015 12:21 AM IST
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में पंजाब बंद के आह्वान पर शुक्रवार को अंबाला-पटियाला बार्डर भी सील कर दिया गया। अंबाला और पटियाला से आए सैकड़ों सिख श्रद्धालुओं के अंबाला-अमृतसर नेशनल हाईवे नंबर एक पर बैठने से दोनों ओर हाइवे जाम हो गया जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब ग्यारह बजे से शाम को करीबन सवा पांच बजे तक जाम लगने से वाहन चालकों से लेकर स्कूली छात्रों तक परेशान रहे।
जाम में मौजूद लोगों को संबोधित करने वाले विभिन्न वक्ताओं ने अपनी कौम और अपने गुरुघरों की रक्षा करने के लिए भी सिख संगतों से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में सिख संगत अपने गुरुघरों की पहरेदारी करें। वक्ताओं ने फरीदकोट में हुई श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में बादल सरकार को कोसते हुए कहा कि इस घटना को तीन माह से ज्यादा समय गुजर चुका है, लेकिन आजतक सरकार सही आरोपियों तक तो पहुंची नहीं, बल्कि वहीं गुरुघर के ग्रंथी भाइयों को काबू कर इस घोर अपराध का ठीकरा उन पर ही फोड़कर अपने ही सिख भाइयों को बदनाम करवा दिया। इससे सिखों में और भी ज्यादा रोष व्याप्त हो गया है। वक्ताओं ने बादल सरकार के साथ-साथ एसजीपीसी नेताओं व सदस्यों पर भी जमकर भड़ास निकाली। शाम तक धरना स्थल पर इसी तरह विभिन्न ग्रंथियों, सिख नेताओं की बयानबाजी जारी रही।
इस तरह से परेशान हुए वाहन चालक
केस एक- दिल्ली से लुधियाना एक शादी के लिए जा रहे परिवार को बहुत ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ी। परिवार कार में शंभू बार्डर से थोड़ा पहले घग्गर पुल तक पहुंच गया। वहां पुलिस वालों ने उनसे कहा कि वे वाया चंडीगढ़ अथवा पटियाला होकर आगे जाएं। कार में सवार जगतार सिंह ने बताया कि वे वाया पटियाला जाते वक्त अंबाला सिटी में प्रवेश किए और हिसार की ओर चले गए, उसके बाद वहां पूछने पर जब उन्हें गलत मार्ग को मालूम चला तो वे पटियाला की ओर निकले। जगतार सिंह के अनुसार उन्हें इस दौरान इतना ज्यादा भटकना पड़ा कि कार में बैठा उनका पूरा परिवार बहुत परेशान हो गया।
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केस-दो- करनाल से जालंधर जा रहे सतीश गुप्ता कहते हैं कि उन्हें किसी बिजनेस कार्य की वजह से जालंधर जाना था। उनकी दोपहर को दो बजे वहां बहुत महत्वपूर्ण मीटिंग थी। लेकिन वे भी अंबाला आकर फंस गए और अब उन्हें वाया जीरकपुर से राजपुरा होते हुए जालंधर जाना पड़ेगा। इसी चक्कर में वे बहुत ज्यादा लेट हो जाएंगे। जिससे उनके बिजनेस को भी नुकसान हो सकता है।
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केस तीन: अपने बेटे विक्की के विवाह के लिए खन्ना में लड़की देखने जा रहे जोगेंद्र सिंह कहते हैं कि वे भी अंबाला आकर फंस गए हैं। उनके अनुसार अब उन्हें कई किलोमीटर लंबा सफर तय कर वहां पहुंचना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी नहीं होनी चाहिए, मगर इस तरह सड़कों पर बैठकर इस बात का विरोध करना तो ठीक बात नहीं है।
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केस चार: सिटी के विभिन्न स्कूलों के बच्चों को भी भारी परेशानियां झेलनी पड़ी। इस दौरान स्कूली बसों को शंभू बार्डर पर ही रोक दिया गया। दोपहर से लेकर शाम तक बसें वहीं खड़ी रही। बच्चे बसों में फंसे परेशान होते रहे। बस चालक ने सभी बच्चों के घरों में फोन कर ये दिक्कत बताई। कई आसपास गांवों के अभिभावक तो बाइक पर आकर बच्चों को खेतों-खेतों के रास्ते से घरों तक ले गए। लेकिन दूरदराज के गांवों के लोग जाम की वजह से बसों तक नहीं पहुंच पाएं। इसी वजह से बच्चे बहुत ज्यादा परेशान हुए।
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सिटी में भी जाम से बुरा हुआ हाल
इस दौरान बलदेव नगर इलाका क्षेत्र में ही मुख्यमार्गों पर अंबाला पुलिस के जवान खड़े हो गए और वे पंजाब जाने वाले वाहनों को डायवर्ट करवाते रहे। कुछ वाया बलदेव नगर चंडीगढ़ हाईवे पर चले गए, कुछ वाया पालीटेक्निक चौक आगे गन्नौर- पटियाला की ओर निकल गए। लेकिन शहर के भीतर पंजाब के वाहनों के जबरदस्त आवाजाही से शहर के भीतर का ट्रैफिक बहुत ज्यादा परेशान हो गया। शहरियों को इस दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। देरशाम तक शहर में जाम जैसे हालात बने रहे।
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शाम को सवा पांच बजे के करीब शंभू बार्डर से जाम खोल दिया गया था। लेकिन जाम की पूर्व सूचना के चलते पंजाब जाने वाला ट्रैफिक वाया जीरकपुर और वाया पटियाला होते हुए निकलवा दिया गया था। दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस सदा-ए-सरहद जाम से पहले ही निकाल दी गई थी। देरशाम तक हाइवे पर यातायात सुचारु हो गया था।
-जसबीर सिंह, इंचार्ज, अंबाला ट्रैफिक पुलिस
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जाम में मौजूद लोगों को संबोधित करने वाले विभिन्न वक्ताओं ने अपनी कौम और अपने गुरुघरों की रक्षा करने के लिए भी सिख संगतों से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में सिख संगत अपने गुरुघरों की पहरेदारी करें। वक्ताओं ने फरीदकोट में हुई श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में बादल सरकार को कोसते हुए कहा कि इस घटना को तीन माह से ज्यादा समय गुजर चुका है, लेकिन आजतक सरकार सही आरोपियों तक तो पहुंची नहीं, बल्कि वहीं गुरुघर के ग्रंथी भाइयों को काबू कर इस घोर अपराध का ठीकरा उन पर ही फोड़कर अपने ही सिख भाइयों को बदनाम करवा दिया। इससे सिखों में और भी ज्यादा रोष व्याप्त हो गया है। वक्ताओं ने बादल सरकार के साथ-साथ एसजीपीसी नेताओं व सदस्यों पर भी जमकर भड़ास निकाली। शाम तक धरना स्थल पर इसी तरह विभिन्न ग्रंथियों, सिख नेताओं की बयानबाजी जारी रही।
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इस तरह से परेशान हुए वाहन चालक
केस एक- दिल्ली से लुधियाना एक शादी के लिए जा रहे परिवार को बहुत ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ी। परिवार कार में शंभू बार्डर से थोड़ा पहले घग्गर पुल तक पहुंच गया। वहां पुलिस वालों ने उनसे कहा कि वे वाया चंडीगढ़ अथवा पटियाला होकर आगे जाएं। कार में सवार जगतार सिंह ने बताया कि वे वाया पटियाला जाते वक्त अंबाला सिटी में प्रवेश किए और हिसार की ओर चले गए, उसके बाद वहां पूछने पर जब उन्हें गलत मार्ग को मालूम चला तो वे पटियाला की ओर निकले। जगतार सिंह के अनुसार उन्हें इस दौरान इतना ज्यादा भटकना पड़ा कि कार में बैठा उनका पूरा परिवार बहुत परेशान हो गया।
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केस-दो- करनाल से जालंधर जा रहे सतीश गुप्ता कहते हैं कि उन्हें किसी बिजनेस कार्य की वजह से जालंधर जाना था। उनकी दोपहर को दो बजे वहां बहुत महत्वपूर्ण मीटिंग थी। लेकिन वे भी अंबाला आकर फंस गए और अब उन्हें वाया जीरकपुर से राजपुरा होते हुए जालंधर जाना पड़ेगा। इसी चक्कर में वे बहुत ज्यादा लेट हो जाएंगे। जिससे उनके बिजनेस को भी नुकसान हो सकता है।
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केस तीन: अपने बेटे विक्की के विवाह के लिए खन्ना में लड़की देखने जा रहे जोगेंद्र सिंह कहते हैं कि वे भी अंबाला आकर फंस गए हैं। उनके अनुसार अब उन्हें कई किलोमीटर लंबा सफर तय कर वहां पहुंचना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी नहीं होनी चाहिए, मगर इस तरह सड़कों पर बैठकर इस बात का विरोध करना तो ठीक बात नहीं है।
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केस चार: सिटी के विभिन्न स्कूलों के बच्चों को भी भारी परेशानियां झेलनी पड़ी। इस दौरान स्कूली बसों को शंभू बार्डर पर ही रोक दिया गया। दोपहर से लेकर शाम तक बसें वहीं खड़ी रही। बच्चे बसों में फंसे परेशान होते रहे। बस चालक ने सभी बच्चों के घरों में फोन कर ये दिक्कत बताई। कई आसपास गांवों के अभिभावक तो बाइक पर आकर बच्चों को खेतों-खेतों के रास्ते से घरों तक ले गए। लेकिन दूरदराज के गांवों के लोग जाम की वजह से बसों तक नहीं पहुंच पाएं। इसी वजह से बच्चे बहुत ज्यादा परेशान हुए।
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सिटी में भी जाम से बुरा हुआ हाल
इस दौरान बलदेव नगर इलाका क्षेत्र में ही मुख्यमार्गों पर अंबाला पुलिस के जवान खड़े हो गए और वे पंजाब जाने वाले वाहनों को डायवर्ट करवाते रहे। कुछ वाया बलदेव नगर चंडीगढ़ हाईवे पर चले गए, कुछ वाया पालीटेक्निक चौक आगे गन्नौर- पटियाला की ओर निकल गए। लेकिन शहर के भीतर पंजाब के वाहनों के जबरदस्त आवाजाही से शहर के भीतर का ट्रैफिक बहुत ज्यादा परेशान हो गया। शहरियों को इस दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। देरशाम तक शहर में जाम जैसे हालात बने रहे।
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शाम को सवा पांच बजे के करीब शंभू बार्डर से जाम खोल दिया गया था। लेकिन जाम की पूर्व सूचना के चलते पंजाब जाने वाला ट्रैफिक वाया जीरकपुर और वाया पटियाला होते हुए निकलवा दिया गया था। दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस सदा-ए-सरहद जाम से पहले ही निकाल दी गई थी। देरशाम तक हाइवे पर यातायात सुचारु हो गया था।
-जसबीर सिंह, इंचार्ज, अंबाला ट्रैफिक पुलिस