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Ambala: शंभू सीमा बंद होने से ठप कारोबार, अब राज्यपाल को सौंपेंगे हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन

Sun, 21 Jul 2024 09:38 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 21 Jul 2024 09:38 PM IST
सार

कपड़ा, मनियारी मार्केट और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को अधिक चपत लग रही है। दुकानदारों और हजारों कामगारों पर रोजी-रोटी का संकट मंडरा रहा है।

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Ambala: Business stalled due to closure of Shambhu border, now signed memorandum will be submitted to Governer
हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए - फोटो : संवाद

विस्तार

पिछले छह महीने से बंद पड़ी शंभू सीमा की वजह से अंबाला का 60 फीसदी कारोबार खत्म हो गया। सबसे ज्यादा कपड़ा मार्केट, होलसेल मनियारी मार्केट, सब्जी मंडी और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को नुकसान पहुंचा है। इसे खुलवाने के लिए व्यापारियों की ओर से लगातार आवाज बुलंद की जा रही है।

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इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष अधिवक्ता रोहित जैन की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है। करीब 10 हजार लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन अब राज्यपाल को सौंपने की तैयारी है, जिसके लिए समय मांगा गया है।
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उन्होंने कहा कि शंभू सीमा बंद करवाने के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है, जिसे खुलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर होलसेल कपड़ा व मनियारी मार्केट (चूड़ी मार्केट) पर पड़ रहा है। यहां तीन राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर से लोग कपड़ा व दूसरा सामान खरीदने आते थे।
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बॉर्डर बंद होने से अब यह लोग आना बंद हो गए हैं। कपड़ा व मनियारी मार्केट के दुकानदार अपना सामान भी उक्त राज्यों में भेज नहीं पा रहे हैं। इसी वजह से कपड़ा व मनियारी मार्केट का कारोबार खत्म हो गया है। ऐसे में दुकानदारों संग यहां काम करने वाले करीब 10 हजार कर्मचारियों की रोजी रोटी पर संकट मंडरा रहा है।

इसके अलावा अंबाला के ट्रांसपोर्ट कारोबार को भी भारी नुकसान हो रहा है। जिले में करीब पांच हजार ट्रक व दूसरे लोडिंग वाहन हैं। इनमें से आधे वाहन कारोबार के सिलसिले में पंजाब, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर रोज जाते थे, मगर अब इन वाहनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।


इससे हर ट्रांसपोर्टर की जेब पर रोजाना प्रत्येक वाहन पर तीन से चार हजार रुपये का खर्च बढ़ रहा है। इस संबंध में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में कांग्रेसी नेता तरुण चुघ, सुरजीत सिंह पंजोखरा, कुलदीप सिंह गुल्लू, अशोक बरतिया, सचिन पुनिया, गौरव गुगलानी, सन्नी मोखा, हरजीत सिंह बब्बल, जितेंद्र पाल सिंह सोढ़ी, रोहित गर्ग व अन्य अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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