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दिवाली से भी ज्यादा प्रदूषित हुई हवा, 341 पहुंचा एक्यूआई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 12:51 AM IST
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Air more polluted than Diwali, AQI reached 341
अंबाला सिटी। अंबाला की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। रविवार को एक्यूआई दिवाली वाली रात से भी ज्यादा खराब श्रेणी का रहा है। रविवार को अंबाला का एक्यूआई 341 तक पहुंच गया जबकि दिवाली से अगले दिन को एक्यूआई 301 था।
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जिले के कई इलाकों में हवा में धूल, मिट्टी, बारूद के कणों की तादाद बढ़ी है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। दिवाली के दो दिन बीतने के साथ ही अंबाला की हवा और भी अधिक जहरीली हो गई। वहीं, गत दिवस एक्यूआई 228 दर्ज किया गया था। इतनी खराब हवा में सांस लेना सांस के मरीजों के लिए तो खतरनाक है वहीं, सामान्य लोग भी ऐसी हवा में सांस लेने से बीमार पड़ सकते हैं।
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अस्थमा के मरीजों को ज्यादा परेशानी : जब भी शहर की आबोहवा खराब होती है, तो सबसे पहले इसका असर सांस के मरीजों पर पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में होती है, क्योंकि हवा में धूल और बारूद के कणों की मात्रा ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए डॉक्टर मॉस्क का प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं।
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वायु गुणवत्ता सूचकांक का प्रभाव एक्यूआई - स्वास्थ्य पर असर
0-50 - अच्छा, कोई खतरा नहीं
51-100 - बेहतर, सांस रोगियों के लिए दिक्कत भरा।
101-200 - अच्छा नहीं, फेफड़ों के मरीज व बुजुर्गों के लिए ठीक नहीं।
201-300 - खराब, फेफड़ों के मरीज पर बुरा असर।
यह रही पिछले 10 दिनों में अंबाला का एक्यूआई
दिन--एक्यूआई
7 नवंबर-- 341
6 नवंबर--228
5 नवंबर--301
4 नवंबर--198
3 नवंबर-- 212
2 नवंबर--168
1 नवंबर-- 182
31 अक्तूबर-- 135
30 अक्तूबर--118
29 अक्तूबर--119
28 अक्तूबर--124
27 अक्तूबर--109
पिछले दिनों हुई आतिशबाजी का असर आने वाले दिनों में दिखाई देगा क्योंकि एक दम से आतिशबाजी से निकलने वाले कण हवा में नहीं घुलते हैं बल्कि धीरे-धीरे इसका असर दिखाई देने लगेगा। हो सकता है कि आने वाले समय एक्यूआई इससे भी अधिक पहुंच जाए। इससे बचने के लिए सामान्य लोगों को भी मास्क का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा जिन्हें अस्थमा से संबंधित दिक्कत है, उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि वह बहुत कम ही घर से बाहर निकलें। ऐसी हवा में सांस लेने से फेफड़ों को बहुत अधिक परेशानी हो सकती है और वहीं सांस की दिक्कत का कारण बन जाएगी।
- डॉक्टर शुभ ज्योति प्रकाश, चिकित्सक, अंबाला सिटी।
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