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निगम चुनाव : कांग्रेस और भाजपा में फूट सतह पर
Ambala
Updated Sat, 25 May 2013 05:30 AM IST
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मोहित धुपड़
अंबाला। निगम चुनाव में कांग्रेस और भाजपा में बगावत के स्वर थम नहीं रहे हैं। बीते कई दिनों से रूठों को मनाने की कोशिशें बेकार हो गई हैं। 23 मई तक दोनों पार्टियों के आला नेताओं की पूरी कोशिशों के बावजूद बागी नहीं माने। ऐसे में अपने ही चुनावी गणित को बिगाड़ सकते हैं। इसका लाभ दूसरे प्रत्याशियों को हो सकता है।
इसलिए बने थे बागी
कांग्रेस और भाजपा के ये बागी दावेदार इसलिए बागी बने, क्योंकि पार्टी के आला नेताओं ने नगर निगम चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया। इसलिए कई आजाद प्रत्याशी के रूप में ‘अपनों’ के खिलाफ ही मैदान में उतर आए हैं। अब 23 मई को नामांकन लेने का आखिरी दिन था। कुछेक तो जैसे-तैसे मान गए, लेकिन अधिकतर मैदान में डटे हुए हैं।
भाजपा को महंगी न पड़ जाए बागियाें की नाराजगी
वार्ड नंबर एक से ही भाजपा की बड़ी परेशानी पूर्व पार्षद सुरेंद्र सिंह गोगू ने बढ़ा दी है। पूर्व पार्षद सुरेंद्र सिंह गोगू और उनके बिरादरी भाई कृपाल सग्गू ने यहां भाजपा की प्रत्याशी सुनीता यादव के खिलाफ मैदान में उतरने की घोषणा कर दी थी। लेकिन पार्टी के आला नेता उन्हें जैसे-तैसे रोक दिया। लेकिन इस बात से खफा पूर्व पार्षद सुरेंद्र गोग्गू ने अब वार्ड से भाजपा प्रत्याशी सुनीता यादव की बजाए आजाद प्रत्याशी सोनिया को खुला समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। वार्ड नंबर 18 से भाजपा की पूर्व पार्षद अंजू बिंद्रा भी भाजपा प्रत्याशी अशीष तायल के खिलाफ मैदान में है। जबकि इसी वार्ड से टिकट न मिलने से खफा पूर्व पार्षद नरेश शर्मा भी चुपचाप घर शांत होकर बैठ गए हैं। उधर, भाजपा की टिकट मांग रहे गुरजोत सिंह गुलाटी भी टिकट न मिलने की वजह से शांत होकर निष्क्रिय बैठ गए हैं। वार्ड नंबर 19 से सुनील चोपड़ा को टिकट मिलने की वजह से अन्य भाजपा के दावेदार भी निष्क्रिय होकर घर बैठ गए हैं। वार्ड नंबर 19 से ही विधायक अनिल विज द्वारा मनाने के लाख प्रयासों के बावजूद पार्षद नरेंद्र बंगाली भी आजाद प्रत्याशी के रूप में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उधर, भाजपा के पूर्व पार्षद कमल किशोर जैन व सुरेश गर्ग भी टिकट न मिलने की वजह से निष्क्रिय होकर बैठ गए हैं।
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कांग्रेसियों का घमासान, आला नेता परेशान
भाजपा के साथ-साथ अब बहुत से कांग्रेसी भी अपनों के खिलाफ ही मैदान में डटकर खड़े हो गए हैं। हालांकि कांग्रेस समर्थक पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। वार्ड नंबर एक से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जसबीर कौर बब्बल के मुकाबले में कांग्रेस डा. प्रवेश सासन खड़ी है। वार्ड दो में कांग्रेसी दर्शना मेहता के खिलाफ कांग्रेसी नेत्री प्रवेश सासन खड़ी हो गई है। वार्ड नंबर तीन में कांग्रेसी पूर्व पार्षद महेंद्र तंवर, देवराज देबा, देवेंद्र कुमार आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर चार में कांग्रेसी रमा रानी सिंगला व शैलिका भसीन आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर पांच में रूपम गुगलानी मैदान में हैं, लेकिन पूर्व पार्षद गुरप्रीत कौर टिकट न मिलने से मायूस चुपचाप घर बैठ गई हैं। वार्ड छह में कांग्रेसी पूर्व पार्षद पवन अग्रवाल डिंपी, सन्नी मोखा, विशाल चड्डा एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। वार्ड नंबर सात में दलजीत सिंह भाटिया के खिलाफ भी कांग्रेसी मैदान में हैं। वार्ड नंबर आठ में कांग्रेसी नेता विनोद धीमान और अर्जुन सिंह धीमान मैदान में हैं। वार्ड ग्यारह में दिलीप बिट्टू चावला मैदान में हैं, लेकिन इसी वार्ड से टिकट कटने वाले पूर्व पार्षद चंद्रगुप्त बंसल का जोश पहले जैसा नहीं दिखाई दे रहा है। वार्ड नंबर बारह और तेरह से भी कई कांग्रेसी आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर चौदह में कांग्रेस की पूर्व पार्षद रिया रतरा, युवा कांग्रेसी हिमांशु पुंज व राजीव जैन मैदान में हैं। वार्ड नंबर सत्रह से कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद हीरालाल यादव और सुरेश त्रेहन मैदान के अतिरिक्त बजरंग लाल मैदान में हैं। वार्ड नंबर अठारह से पूर्व पार्षद डा. विकास भटेजा, महेश गोयल के अतिरिक्त परविंद्र पाल सिंह, संदीप दुग्गल व कंवलजीत अपनों के खिलाफ ही ताल ठोक रहे हैं। वार्ड नंबर उन्नीस में कांग्रेस के वरिष्ठ पूर्व पार्षद सुधीर जयसवाल, प्रवीण कुमार आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर बीस में कांग्रेसी प्रदीप कुमार, ममतेश्वरी देवी मैदान में हैं।
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अंबाला। निगम चुनाव में कांग्रेस और भाजपा में बगावत के स्वर थम नहीं रहे हैं। बीते कई दिनों से रूठों को मनाने की कोशिशें बेकार हो गई हैं। 23 मई तक दोनों पार्टियों के आला नेताओं की पूरी कोशिशों के बावजूद बागी नहीं माने। ऐसे में अपने ही चुनावी गणित को बिगाड़ सकते हैं। इसका लाभ दूसरे प्रत्याशियों को हो सकता है।
इसलिए बने थे बागी
कांग्रेस और भाजपा के ये बागी दावेदार इसलिए बागी बने, क्योंकि पार्टी के आला नेताओं ने नगर निगम चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया। इसलिए कई आजाद प्रत्याशी के रूप में ‘अपनों’ के खिलाफ ही मैदान में उतर आए हैं। अब 23 मई को नामांकन लेने का आखिरी दिन था। कुछेक तो जैसे-तैसे मान गए, लेकिन अधिकतर मैदान में डटे हुए हैं।
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भाजपा को महंगी न पड़ जाए बागियाें की नाराजगी
वार्ड नंबर एक से ही भाजपा की बड़ी परेशानी पूर्व पार्षद सुरेंद्र सिंह गोगू ने बढ़ा दी है। पूर्व पार्षद सुरेंद्र सिंह गोगू और उनके बिरादरी भाई कृपाल सग्गू ने यहां भाजपा की प्रत्याशी सुनीता यादव के खिलाफ मैदान में उतरने की घोषणा कर दी थी। लेकिन पार्टी के आला नेता उन्हें जैसे-तैसे रोक दिया। लेकिन इस बात से खफा पूर्व पार्षद सुरेंद्र गोग्गू ने अब वार्ड से भाजपा प्रत्याशी सुनीता यादव की बजाए आजाद प्रत्याशी सोनिया को खुला समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। वार्ड नंबर 18 से भाजपा की पूर्व पार्षद अंजू बिंद्रा भी भाजपा प्रत्याशी अशीष तायल के खिलाफ मैदान में है। जबकि इसी वार्ड से टिकट न मिलने से खफा पूर्व पार्षद नरेश शर्मा भी चुपचाप घर शांत होकर बैठ गए हैं। उधर, भाजपा की टिकट मांग रहे गुरजोत सिंह गुलाटी भी टिकट न मिलने की वजह से शांत होकर निष्क्रिय बैठ गए हैं। वार्ड नंबर 19 से सुनील चोपड़ा को टिकट मिलने की वजह से अन्य भाजपा के दावेदार भी निष्क्रिय होकर घर बैठ गए हैं। वार्ड नंबर 19 से ही विधायक अनिल विज द्वारा मनाने के लाख प्रयासों के बावजूद पार्षद नरेंद्र बंगाली भी आजाद प्रत्याशी के रूप में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उधर, भाजपा के पूर्व पार्षद कमल किशोर जैन व सुरेश गर्ग भी टिकट न मिलने की वजह से निष्क्रिय होकर बैठ गए हैं।
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कांग्रेसियों का घमासान, आला नेता परेशान
भाजपा के साथ-साथ अब बहुत से कांग्रेसी भी अपनों के खिलाफ ही मैदान में डटकर खड़े हो गए हैं। हालांकि कांग्रेस समर्थक पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। वार्ड नंबर एक से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जसबीर कौर बब्बल के मुकाबले में कांग्रेस डा. प्रवेश सासन खड़ी है। वार्ड दो में कांग्रेसी दर्शना मेहता के खिलाफ कांग्रेसी नेत्री प्रवेश सासन खड़ी हो गई है। वार्ड नंबर तीन में कांग्रेसी पूर्व पार्षद महेंद्र तंवर, देवराज देबा, देवेंद्र कुमार आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर चार में कांग्रेसी रमा रानी सिंगला व शैलिका भसीन आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर पांच में रूपम गुगलानी मैदान में हैं, लेकिन पूर्व पार्षद गुरप्रीत कौर टिकट न मिलने से मायूस चुपचाप घर बैठ गई हैं। वार्ड छह में कांग्रेसी पूर्व पार्षद पवन अग्रवाल डिंपी, सन्नी मोखा, विशाल चड्डा एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। वार्ड नंबर सात में दलजीत सिंह भाटिया के खिलाफ भी कांग्रेसी मैदान में हैं। वार्ड नंबर आठ में कांग्रेसी नेता विनोद धीमान और अर्जुन सिंह धीमान मैदान में हैं। वार्ड ग्यारह में दिलीप बिट्टू चावला मैदान में हैं, लेकिन इसी वार्ड से टिकट कटने वाले पूर्व पार्षद चंद्रगुप्त बंसल का जोश पहले जैसा नहीं दिखाई दे रहा है। वार्ड नंबर बारह और तेरह से भी कई कांग्रेसी आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर चौदह में कांग्रेस की पूर्व पार्षद रिया रतरा, युवा कांग्रेसी हिमांशु पुंज व राजीव जैन मैदान में हैं। वार्ड नंबर सत्रह से कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद हीरालाल यादव और सुरेश त्रेहन मैदान के अतिरिक्त बजरंग लाल मैदान में हैं। वार्ड नंबर अठारह से पूर्व पार्षद डा. विकास भटेजा, महेश गोयल के अतिरिक्त परविंद्र पाल सिंह, संदीप दुग्गल व कंवलजीत अपनों के खिलाफ ही ताल ठोक रहे हैं। वार्ड नंबर उन्नीस में कांग्रेस के वरिष्ठ पूर्व पार्षद सुधीर जयसवाल, प्रवीण कुमार आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर बीस में कांग्रेसी प्रदीप कुमार, ममतेश्वरी देवी मैदान में हैं।