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जांच के लिए टीम गठित
Ambala
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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अंबाला। जिले के सबसे संवेदनशील इलाका सैन्य क्षेत्र से बम शैल सिविल एरिया में कैसे पहुंचे? इस घटना को लेकर सेना अफसर स्तब्ध है। फिलहाल अनुमान लगाया जा रहा है कि इन बम शैलों का इस्तेमाल होने के बाद इन्हें बेचने के इरादे से चोरी की गई है। लेकिन इस घटना से अति संवेदनशील इलाका सैन्य क्षेत्र की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
उधर, सेना अफसरों ने ये साफ कर दिया है कि नाले से मिले बम शैल सेना के ही हैं, जिन्हें इस्तेमाल किया जा चुका है और अब उनसे फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
दो दिन पहले छावनी की सेवा समिति स्कूल के पास बाजीगर कालोनी से गुजर रहे नाले में से दो सफाईकर्मियों को एक बम शैल मिला था। जिसे देखकर सफाईकर्मी घबरा गए और वहां लोग भी इकट्ठा हो गए। तुरंत पुलिस को वहां बुलवाया गया था। पुलिस के कहने पर नाले की दोबारा सर्च की गई तो उसमें एक और बम शैल मिला। डीसीपी अशोक कुमार खुद मौके पर पहुंचे, जबकि बम स्क्वायड की टीम को बुलवाया गया। सेना को भी इसकी सूचना दे दी गई। बम स्क्वायड ने अब इन बम शैल से कोई खतरा न होने की बात कही। जिसके बाद इन दोनों बम शैल को पड़ाव थाने में रख दिए गए।
उधर, सेना के अफसरों को इस बारे में सूचना मिलने के बाद सेना ने एक विशेष टीम तैयार कर दी है। जिसे इसी बात की जांच के लिए लगाया गया है कि आखिरकार ये बम शैल चोरी कैसे हुए। यहां सेना का फायरिंग ट्रेनिंग रेंज सेंटर भी हैं। जहां जवान अभ्यास करते हैं। वहीं इस तरह के बम शैल से प्रेक्टिस की जाती है। इस्तेमाल होने के बाद बाकायदा पूरे नियमानुसार और लंबी प्रक्रिया के बाद इसका स्क्रैप बेचा जाता है। सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। जो स्थानीय पुलिस की जांच और पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
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उधर, पड़ाव पुलिस के गुरदेव सिंह के अनुसार सेना को सूचित कर दिया है। अभी पुलिस भी अपनी जांच कर रही है। इन बम शैल से अब कोई खतरा नहीं है, इसलिए इन्हें थाने में रखा है। जांच के बाद ही सेना इन्हें यहां से लेकर जाएगी। सेना को पुलिस द्वारा पूरा सहयोग दिया जाएगा।
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उधर, सेना अफसरों ने ये साफ कर दिया है कि नाले से मिले बम शैल सेना के ही हैं, जिन्हें इस्तेमाल किया जा चुका है और अब उनसे फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
दो दिन पहले छावनी की सेवा समिति स्कूल के पास बाजीगर कालोनी से गुजर रहे नाले में से दो सफाईकर्मियों को एक बम शैल मिला था। जिसे देखकर सफाईकर्मी घबरा गए और वहां लोग भी इकट्ठा हो गए। तुरंत पुलिस को वहां बुलवाया गया था। पुलिस के कहने पर नाले की दोबारा सर्च की गई तो उसमें एक और बम शैल मिला। डीसीपी अशोक कुमार खुद मौके पर पहुंचे, जबकि बम स्क्वायड की टीम को बुलवाया गया। सेना को भी इसकी सूचना दे दी गई। बम स्क्वायड ने अब इन बम शैल से कोई खतरा न होने की बात कही। जिसके बाद इन दोनों बम शैल को पड़ाव थाने में रख दिए गए।
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उधर, सेना के अफसरों को इस बारे में सूचना मिलने के बाद सेना ने एक विशेष टीम तैयार कर दी है। जिसे इसी बात की जांच के लिए लगाया गया है कि आखिरकार ये बम शैल चोरी कैसे हुए। यहां सेना का फायरिंग ट्रेनिंग रेंज सेंटर भी हैं। जहां जवान अभ्यास करते हैं। वहीं इस तरह के बम शैल से प्रेक्टिस की जाती है। इस्तेमाल होने के बाद बाकायदा पूरे नियमानुसार और लंबी प्रक्रिया के बाद इसका स्क्रैप बेचा जाता है। सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। जो स्थानीय पुलिस की जांच और पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
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उधर, पड़ाव पुलिस के गुरदेव सिंह के अनुसार सेना को सूचित कर दिया है। अभी पुलिस भी अपनी जांच कर रही है। इन बम शैल से अब कोई खतरा नहीं है, इसलिए इन्हें थाने में रखा है। जांच के बाद ही सेना इन्हें यहां से लेकर जाएगी। सेना को पुलिस द्वारा पूरा सहयोग दिया जाएगा।