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दो माह में सिर्फ साढ़े तीन करोड़ ने जमा करवाया प्रापर्टी टैक्स, 1
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ब्याज में छूट के बावजूद सिर्फ साढ़े तीन करोड़ प्रापर्टी टैक्स जमा, 18 करोड़ अभी भी बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए दिखाई गई मेहरबानी भी अधिक असर नहीं दिखा सकी है। दो माह में नगर निगम करीब साढ़े तीन करोड़ के लगभग ही टैक्स को रिकवर कर पाया है, जबकि अभी भी करीब 18 करोड़ रुपये बकाया है। इसे वसूलने के लिए नगर निगम के पास कोई ठोस कदम नहीं है और वह केवल नोटिस देने तक ही सीमित है। प्रापर्टी टैक्स डकारने वालों में केवल प्राइवेट संस्थान ही नहीं बल्कि सरकारी संस्थान भी शामिल हैं, जिनसे नगर निगम को टैक्स वसूलना है। इससे पूर्व नगर निगम की ओर से डिफाल्टरों की लिस्ट भी तैयार की गई थी। जिनसे निगम ने करोड़ों रुपये लेने हैं, लेकिन लिस्ट तैयार करने के बाद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई थी।
नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स वसूलने के लिए दो माह से ब्याज में पूरी छूट दी थी। इसके बाद से ही 1 जनवरी से लेकर 28 फरवरी तक निगम में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। अंबाला सिटी में 90 हजार के लगभग और कैंट में 95 हजार के लगभग घर हैं, जिनसे प्रतिवर्ष नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में वसूलता है। वहीं जो लोग या संस्थान टैक्स नहीं दे पाते हैं उनके प्रापर्टी टैक्स पर ब्याज लगा दिया जाता है। वहीं कई संस्थान तो ऐसे है जिन पर 20 से 25 लाख रुपये तक की राशि प्रापर्टी टैक्स के रूप में बकाया है। अगर सरकारी विभागों की बात करें तो 28 फरवरी तक करीब 95 लाख रुपये ही टैक्स जमा हुआ है, अभी भी सरकारी विभागों को 6 से 7 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। वहीं नगर निगम की दो टीमें जिनमें दो क्लर्क हैं, वह रोजाना टैक्स वसूली के लिए जा रहे हैं।
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275 डिफाल्टरों की नगर निगम ने लिस्ट की थी तैयार
नगर निगम ने उन 275 डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार की थी, जिनसे नगर निगम ने लगभग 15 करोड़ रुपये लेना था, लेकिन उनमें से भी कुछ ही ऐसे संस्थान है, जिन्होंने अपना पूरा प्रॉपर्टी टैक्स चुकाया है। बाकियों ने नगर निगम की ओर ब्याज पर दी गई पूरी तरह से छूट पर कोई ध्यान नहीं दिया है।
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अब देना होगा ब्याज के साथ टैक्स
ब्याज में छूट 28 फरवरी तक ही थी। इसके बाद अभी तक इसे आगे बढ़ाने की कोई सूचना अधिकारियों को नहीं मिली है, जिस कारण अगर कोई आज से टैक्स जमा करवाता है तो उसे ब्याज के साथ ही अपना टैक्स जमा करवाना पड़ेगा। वहीं टैक्स के ब्याज में पूरी छूट से पूर्व कुछ प्रतिशत की छूट दी गई थी, जिसका लोगों ने अधिक फायदा नहीं उठाया था, लेकिन पूरी छूट देने के बाद भी नगर निगम पूरे प्रापर्टी टैक्स को वसूल नहीं कर सका है।
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ब्याज में छूट वीरवार तक ही थी, अभी भी जिन्होंने प्रापर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया है, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा और टैक्स वसूलने के लिए अन्य कदम भी उठाएं जाएंगे।
- विनोद नेहरा, ईओ, नगर निगम अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए दिखाई गई मेहरबानी भी अधिक असर नहीं दिखा सकी है। दो माह में नगर निगम करीब साढ़े तीन करोड़ के लगभग ही टैक्स को रिकवर कर पाया है, जबकि अभी भी करीब 18 करोड़ रुपये बकाया है। इसे वसूलने के लिए नगर निगम के पास कोई ठोस कदम नहीं है और वह केवल नोटिस देने तक ही सीमित है। प्रापर्टी टैक्स डकारने वालों में केवल प्राइवेट संस्थान ही नहीं बल्कि सरकारी संस्थान भी शामिल हैं, जिनसे नगर निगम को टैक्स वसूलना है। इससे पूर्व नगर निगम की ओर से डिफाल्टरों की लिस्ट भी तैयार की गई थी। जिनसे निगम ने करोड़ों रुपये लेने हैं, लेकिन लिस्ट तैयार करने के बाद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई थी।
नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स वसूलने के लिए दो माह से ब्याज में पूरी छूट दी थी। इसके बाद से ही 1 जनवरी से लेकर 28 फरवरी तक निगम में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। अंबाला सिटी में 90 हजार के लगभग और कैंट में 95 हजार के लगभग घर हैं, जिनसे प्रतिवर्ष नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में वसूलता है। वहीं जो लोग या संस्थान टैक्स नहीं दे पाते हैं उनके प्रापर्टी टैक्स पर ब्याज लगा दिया जाता है। वहीं कई संस्थान तो ऐसे है जिन पर 20 से 25 लाख रुपये तक की राशि प्रापर्टी टैक्स के रूप में बकाया है। अगर सरकारी विभागों की बात करें तो 28 फरवरी तक करीब 95 लाख रुपये ही टैक्स जमा हुआ है, अभी भी सरकारी विभागों को 6 से 7 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। वहीं नगर निगम की दो टीमें जिनमें दो क्लर्क हैं, वह रोजाना टैक्स वसूली के लिए जा रहे हैं।
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275 डिफाल्टरों की नगर निगम ने लिस्ट की थी तैयार
नगर निगम ने उन 275 डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार की थी, जिनसे नगर निगम ने लगभग 15 करोड़ रुपये लेना था, लेकिन उनमें से भी कुछ ही ऐसे संस्थान है, जिन्होंने अपना पूरा प्रॉपर्टी टैक्स चुकाया है। बाकियों ने नगर निगम की ओर ब्याज पर दी गई पूरी तरह से छूट पर कोई ध्यान नहीं दिया है।
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अब देना होगा ब्याज के साथ टैक्स
ब्याज में छूट 28 फरवरी तक ही थी। इसके बाद अभी तक इसे आगे बढ़ाने की कोई सूचना अधिकारियों को नहीं मिली है, जिस कारण अगर कोई आज से टैक्स जमा करवाता है तो उसे ब्याज के साथ ही अपना टैक्स जमा करवाना पड़ेगा। वहीं टैक्स के ब्याज में पूरी छूट से पूर्व कुछ प्रतिशत की छूट दी गई थी, जिसका लोगों ने अधिक फायदा नहीं उठाया था, लेकिन पूरी छूट देने के बाद भी नगर निगम पूरे प्रापर्टी टैक्स को वसूल नहीं कर सका है।
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ब्याज में छूट वीरवार तक ही थी, अभी भी जिन्होंने प्रापर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया है, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा और टैक्स वसूलने के लिए अन्य कदम भी उठाएं जाएंगे।
- विनोद नेहरा, ईओ, नगर निगम अंबाला।