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सकराओं में नौवीं की छात्रा पर भैंसे ने किया हमला, मौत
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:52 AM IST
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कैचवर्ड---- आखिर कब जागेगा प्रशासन
सकराओं में लावारिस भैंसे के हमले से 14 वर्षीय लड़की की मौत
नौवीं कक्षा की छात्रा थी प्रीत देवी, गंभीर हालत में लाया गया ट्रामा सेंटर, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजनों ने बेटी की मौत के लिए प्रशासन को ठहरयाया जिम्मेदार
लावारिस पशुओं को लेकर गंभीर नहीं अंबाला प्रशासन, कब तक लोगों की जान जोखिम में डालता रहेगा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। निकटवर्ती गांव सकराओं में लावारिस भैंसे ने 14 वर्षीय लड़की पर हमला कर दिया। इससे लड़की की मौत हो गई। मृतक नग्गल के राजकीय स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने अपनी बेटी की मौत के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को दोषी ठहराया है जोकि लावारिस पशुओं पर लगाम कसने में विफल साबित हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार 14 वर्षीय प्रीत देवी सुबह करीब साढ़े सात बजे घर के आंगन की सफाई कर रही थी। इसी बीच बरामदे में एक भैंसा आ गया। उसने प्रीत को मारने का प्रयास किया लेकिन प्रीत किसी तरह घर से बाहर की ओर भाग निकली। भैंसा भी उसके पीछे लगा गया। गली में इस दौरान एक अन्य महिला भी थी जोकि स्वयं को बचाने के लिए भागी। महिला व प्रीत गांव के मंदिर में जा घुसे। महिला एक कमरे में सुरक्षित पहुंच गई, मगर प्रीत खुशकिस्मत नहीं थी। भैंसे ने उस पर हमला कर दिया। इससे प्रीत के सिर और शरीर पर चोटें आईं। शोर मचाने पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने भैंसे को भगाया और एंबुलेंस के माध्यम से प्रीत को सिटी ट्रामा सेंटर लाया गया। यहां गंभीर चोटें देखते हुए प्रीत को पीजीआई रेफर किया गया, मगर तभी उसने दम तोड़ दिया।
मां की आठ वर्ष पहले हो चुकी मौत
सिविल अस्पताल में मौजूद प्रीत के दादा जोगिंद्र ने बताया कि प्रीत की मां की करीब आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके पिता लक्ष्मण ट्रक ड्राइवर हैं। बड़ी बहन की शादी जो चुकी है जबकि दो छोटे भाई भी हैं। हादसे को लेकर परिवार सदमे में है। उन्होंने बताया कि लावारिस भैंसा कुछ दिन से गांव में घूम रहा था और दो-तीन लोगों पर उसने पहले भी हमला किया था। पुलिस ने सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द किया।
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शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी लावारिस पशुओं की भरमार
शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी लावारिस पशुओं की भरमार है। रात को तो लावारिस पशुओं के कारण खतरा और बढ़ जाता है। अधिकारी बार-बार कहते हैं कि पंजाब से लोग हरियाणा सीमा में अपने पशु छोड़ देते हैं, लेकिन प्रशासन के पास किसी समस्या से निपटने की कोई नीति नहीं है। गांवों में हालात और भी खराब हैं। लावारिस पशु किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। नगर निगम ने बीते दिनों कहा था कि अब नया ठेका दिया जाएगा। लावारिस पशु पकड़ने जाने पर जुर्माना भी 5 से 25 हजार रुपये करने की बात कही थी। यही नहीं अंबाला बार एसोसिएशन के वकीलों ने नगर निगम के अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए अदालत में केस दायर किया था लेकिन फिर भी प्रशासन व निगम अफसरों पर जूं नहीं रेंग रही है।
ट्विन सिटी में लावारिस पशुओं के मामले में 23 को सुनवाई
ट्विन सिटी में लावारिस पशुओं के मामले में सोमवार को यूटिलिटी कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में निगम की ओर से सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार पेश हुए जिन्होंने बताया कि निगम पशुओं पर लगाम कसने के लिए टेंडर अलॉट कर रही है। उन्होंने निगम की अन्य योजना पर भी जानकारी कोर्ट को दी। मगर याचिकाकर्ता अधिवक्ताओं ने सोमवार कोर्ट में वर्क सस्पेंड के चलते इस पर बहस नहीं की। इसके बाद कोर्ट ने 23 अक्तूबर मामले की तारीख निर्धारित कर दी है। याचिकाकर्ता एडवोकेट रोहित जैन ने बताया कि निगम ने अब तक कोई ठोस योजना तैयार नहीं की है और आगामी तारीख को इस मामले में बहस की जाएगी।
यह हुए हादसे
- अगस्त में मुलाना में एक वृद्ध को सांड से सींग मार दिए थे जिससे उनकी मौत हो गई।
- परशुराम कॉलोनी निवासी सरोज पर गाय ने हमला किया था, उसे पीजीआई रेफर किया गया।
- कर्ण पैलेस के निकट व्यक्ति को सांड ने सींग मार दिए थे जिससे उसकी मौत हो गई थी।
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कैचवर्ड---- आखिर कब जागेगा प्रशासन
सकराओं में लावारिस भैंसे के हमले से 14 वर्षीय लड़की की मौत
नौवीं कक्षा की छात्रा थी प्रीत देवी, गंभीर हालत में लाया गया ट्रामा सेंटर, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजनों ने बेटी की मौत के लिए प्रशासन को ठहरयाया जिम्मेदार
लावारिस पशुओं को लेकर गंभीर नहीं अंबाला प्रशासन, कब तक लोगों की जान जोखिम में डालता रहेगा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। निकटवर्ती गांव सकराओं में लावारिस भैंसे ने 14 वर्षीय लड़की पर हमला कर दिया। इससे लड़की की मौत हो गई। मृतक नग्गल के राजकीय स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने अपनी बेटी की मौत के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को दोषी ठहराया है जोकि लावारिस पशुओं पर लगाम कसने में विफल साबित हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार 14 वर्षीय प्रीत देवी सुबह करीब साढ़े सात बजे घर के आंगन की सफाई कर रही थी। इसी बीच बरामदे में एक भैंसा आ गया। उसने प्रीत को मारने का प्रयास किया लेकिन प्रीत किसी तरह घर से बाहर की ओर भाग निकली। भैंसा भी उसके पीछे लगा गया। गली में इस दौरान एक अन्य महिला भी थी जोकि स्वयं को बचाने के लिए भागी। महिला व प्रीत गांव के मंदिर में जा घुसे। महिला एक कमरे में सुरक्षित पहुंच गई, मगर प्रीत खुशकिस्मत नहीं थी। भैंसे ने उस पर हमला कर दिया। इससे प्रीत के सिर और शरीर पर चोटें आईं। शोर मचाने पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने भैंसे को भगाया और एंबुलेंस के माध्यम से प्रीत को सिटी ट्रामा सेंटर लाया गया। यहां गंभीर चोटें देखते हुए प्रीत को पीजीआई रेफर किया गया, मगर तभी उसने दम तोड़ दिया।
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मां की आठ वर्ष पहले हो चुकी मौत
सिविल अस्पताल में मौजूद प्रीत के दादा जोगिंद्र ने बताया कि प्रीत की मां की करीब आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके पिता लक्ष्मण ट्रक ड्राइवर हैं। बड़ी बहन की शादी जो चुकी है जबकि दो छोटे भाई भी हैं। हादसे को लेकर परिवार सदमे में है। उन्होंने बताया कि लावारिस भैंसा कुछ दिन से गांव में घूम रहा था और दो-तीन लोगों पर उसने पहले भी हमला किया था। पुलिस ने सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द किया।
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शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी लावारिस पशुओं की भरमार
शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी लावारिस पशुओं की भरमार है। रात को तो लावारिस पशुओं के कारण खतरा और बढ़ जाता है। अधिकारी बार-बार कहते हैं कि पंजाब से लोग हरियाणा सीमा में अपने पशु छोड़ देते हैं, लेकिन प्रशासन के पास किसी समस्या से निपटने की कोई नीति नहीं है। गांवों में हालात और भी खराब हैं। लावारिस पशु किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। नगर निगम ने बीते दिनों कहा था कि अब नया ठेका दिया जाएगा। लावारिस पशु पकड़ने जाने पर जुर्माना भी 5 से 25 हजार रुपये करने की बात कही थी। यही नहीं अंबाला बार एसोसिएशन के वकीलों ने नगर निगम के अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए अदालत में केस दायर किया था लेकिन फिर भी प्रशासन व निगम अफसरों पर जूं नहीं रेंग रही है।
ट्विन सिटी में लावारिस पशुओं के मामले में 23 को सुनवाई
ट्विन सिटी में लावारिस पशुओं के मामले में सोमवार को यूटिलिटी कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में निगम की ओर से सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार पेश हुए जिन्होंने बताया कि निगम पशुओं पर लगाम कसने के लिए टेंडर अलॉट कर रही है। उन्होंने निगम की अन्य योजना पर भी जानकारी कोर्ट को दी। मगर याचिकाकर्ता अधिवक्ताओं ने सोमवार कोर्ट में वर्क सस्पेंड के चलते इस पर बहस नहीं की। इसके बाद कोर्ट ने 23 अक्तूबर मामले की तारीख निर्धारित कर दी है। याचिकाकर्ता एडवोकेट रोहित जैन ने बताया कि निगम ने अब तक कोई ठोस योजना तैयार नहीं की है और आगामी तारीख को इस मामले में बहस की जाएगी।
यह हुए हादसे
- अगस्त में मुलाना में एक वृद्ध को सांड से सींग मार दिए थे जिससे उनकी मौत हो गई।
- परशुराम कॉलोनी निवासी सरोज पर गाय ने हमला किया था, उसे पीजीआई रेफर किया गया।
- कर्ण पैलेस के निकट व्यक्ति को सांड ने सींग मार दिए थे जिससे उसकी मौत हो गई थी।