{"_id":"5af5f6c54f1c1bd8408b492e","slug":"71526068933-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- जिला कलेक्टर और कमिश्नर ने माजरा (शहजादपुर) की गौचरांद आदि की 625 कनाल 1","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- जिला कलेक्टर और कमिश्नर ने माजरा (शहजादपुर) की गौचरांद आदि की 625 कनाल 1
Updated Sat, 12 May 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
625 कनाल जमीन पंचायत के नहीं की नाम, पंचायत समिति सदस्य ने दिया इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़/शहजादपुर।
गांव माजरा (शहजादपुर) की गोचरान आदि की 625 कनाल 18 मरले भूमि की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम न करने पर पंचायत समिति शहजादपुर के वार्ड 12 की सदस्य वीना रानी ने शुक्रवार को पद से त्यागपत्र दे दिया।
सीएम विंडो पर डाली गई शिकायत में उन्होंने कहा कि गांव माजरा में गोचरान, श्मशान भूमि, गैरमुमकिन तालाब और श्री सत्य नारायण मंदिर की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम कराने के लिए वे पिछले काफी समय से संघर्षरत है। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर के पास ग्राम पंचायत माजरा ने वर्ष 2001 में दफा 13 के तहत उपरोक्त भूमि की मलकीयती पंचायत के नाम करने के लिए केस डाला था। इस पर तत्कालीन जिला कलेक्टर अंबाला ने 25 अक्टूबर 2016 को दिए अपने फैसले में उपरोक्त भूमि की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम कर दिए जाने का फैसला किया था। इसके बाद गांव के ही लगभग एक दर्जन लोगों ने जिला कलेक्टर द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ कमिश्नर अंबाला की अदालत में 22 नवंबर 2016 को केस दायर किया था। कमिश्नर अंबाला ने इसी वर्ष 30 जनवरी को दिए गए अपने फैसले में जिला अंबाला कलेक्टर का फैसला बरकरार रखते हुए इस सारी भूमि की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम करने के आदेश दे दिए थे। लेकिन सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यह जमीन ग्राम पंचायत माजरा के नाम नहीं की गई। इसी से खफा होकर उन्होंने शुक्रवार को पद से त्यागपत्र दे दिया। त्यागपत्र की प्रतियां वीना रानी ने एसडीएम नारायणगढ़, नायब तहसीलदार शहजादपुर, बीडीपीओ शहजादपुर तथा हलका विधायक एवं राज्यमंत्री नायब सैनी को भी दे दी है।
इस बारे जब बीडीपीओ से संपर्क साधा गया तो वह तो अपने कार्यालय से बाहर गए हुए थे। उनके ही कार्यालय के अधिकारी प्रदीप कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि वीना रानी का त्याग पत्र उनके कार्यालय में पहुंच चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़/शहजादपुर।
गांव माजरा (शहजादपुर) की गोचरान आदि की 625 कनाल 18 मरले भूमि की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम न करने पर पंचायत समिति शहजादपुर के वार्ड 12 की सदस्य वीना रानी ने शुक्रवार को पद से त्यागपत्र दे दिया।
सीएम विंडो पर डाली गई शिकायत में उन्होंने कहा कि गांव माजरा में गोचरान, श्मशान भूमि, गैरमुमकिन तालाब और श्री सत्य नारायण मंदिर की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम कराने के लिए वे पिछले काफी समय से संघर्षरत है। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर के पास ग्राम पंचायत माजरा ने वर्ष 2001 में दफा 13 के तहत उपरोक्त भूमि की मलकीयती पंचायत के नाम करने के लिए केस डाला था। इस पर तत्कालीन जिला कलेक्टर अंबाला ने 25 अक्टूबर 2016 को दिए अपने फैसले में उपरोक्त भूमि की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम कर दिए जाने का फैसला किया था। इसके बाद गांव के ही लगभग एक दर्जन लोगों ने जिला कलेक्टर द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ कमिश्नर अंबाला की अदालत में 22 नवंबर 2016 को केस दायर किया था। कमिश्नर अंबाला ने इसी वर्ष 30 जनवरी को दिए गए अपने फैसले में जिला अंबाला कलेक्टर का फैसला बरकरार रखते हुए इस सारी भूमि की मलकीयती ग्राम पंचायत माजरा के नाम करने के आदेश दे दिए थे। लेकिन सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यह जमीन ग्राम पंचायत माजरा के नाम नहीं की गई। इसी से खफा होकर उन्होंने शुक्रवार को पद से त्यागपत्र दे दिया। त्यागपत्र की प्रतियां वीना रानी ने एसडीएम नारायणगढ़, नायब तहसीलदार शहजादपुर, बीडीपीओ शहजादपुर तथा हलका विधायक एवं राज्यमंत्री नायब सैनी को भी दे दी है।
विज्ञापन
इस बारे जब बीडीपीओ से संपर्क साधा गया तो वह तो अपने कार्यालय से बाहर गए हुए थे। उनके ही कार्यालय के अधिकारी प्रदीप कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि वीना रानी का त्याग पत्र उनके कार्यालय में पहुंच चुका है।
विज्ञापन