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बिना बिल के मौके से मिली 57 हजार नशे की दवाएं
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कार्रवाई करती हुई टीम
- फोटो : Ambala
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घास मंडी अंबाला शहर में होलसेल की दुकान से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भारी मात्रा में नशे की दवाएं बरामद कीं। इन दवाओं का कोई भी रिकॉर्ड नहीं था, जबकि बिना बिल और डॉ. की सलाह के यह दवाएं नहीं दी जा सकतीं। इस दौरान फूड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन टीम की अगुवाई में पंजाब के खन्ना की सीआईए टीम के अलावा अंबाला पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
दरअसल सीआईए खन्ना की टीम ने नशे के कारोबार में संलिप्त अकीत जैन को पकड़ा था। जांच में अकीत ने बताया कि उसकी एक दुकान खन्ना, एक लुधियाना और तीसरी होलसेल दुकान अंबाला शहर में भी मारुति रेमिडिज के नाम से चल रही है। अकीत जैन के खुलासे के बाद टीम ने एक मार्च को अंबाला में दस्तक देकर दुकान को सील कर दिया था, लेकिन टीम ने इसकी जानकारी अंबाला प्रशासन को नहीं दी थी। इसी कारण 13 मार्च की देर शाम टीम ने दोबारा से अंबाला में दस्तक दी थी। हालांकि इस बार एफडीए अंबाला के अधिकारियों को पहले से ही सूचना दे दी गई थी। इस तरह टीम संयुक्त रूप से मौके पर पहुंची और दुकान पर लगी सील को खोला गया।
पल्लव जैन के नाम से लिया गया था लाइसेंस
जांच के दौरान पता चला कि अंबाला शहर में अकीत जैन की जो होलसेल दुकान थी उसका लाइसेंस पल्लव जैन के नाम से लिया गया था। यह लाइसेंस एक अक्तूबर 2020 को जारी किया गया था, जोकि 2025 तक वैध है। जांच में पता चला कि अकीत ने ही पल्लव को कर्मचारी के तौर पर यहां अनुबंधित किया हुआ है।
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सीनियर ड्रग्स कंट्रोल की अगुवाई में हुई कार्रवाई
पूरी कार्रवाई सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सुनील चौधरी में हुई। पंचकूला के डीसीओ परवीन कुमार को टीम में शामिल किया गया था। यहां पल्लव जैन की गैर मौजूदगी में वीडियोग्राफी करते हुए टीम ने सीआईए खन्ना द्वारा लगाई गई सील को खोला।
ये दवाएं हुईं बरामद
मौके पर कुल 12 प्रकार की दवाइयों में से ट्रामाडोल (33,200गोली) अल्प्राजोलाम 0.5एम जी (18,000 गोली) फ्रीजियम 5 (2,700 गोली) सहित कुल 57,630 टैबलेट और 108 बोतलें मौजूद थीं। इस स्टाक की लिस्ट बना कर संयुक्त रेड में शामिल अधिकारी सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सुनील चौधरी ने सीआईए खन्ना के इंस्पेक्टर विनोद कुमार को सौंप कर दुकान को दोबारा से सील कर दिया। जांच के दौरान इन दवाओं का कोई भी बिल बरामद नहीं हुआ। इसी कारण टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
मौके पर करीब 57 हजार टैबलेट बरामद की गईं। इनका स्टाक बनाकर टीम के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही दोबारा से दुकान को सील भी कर दिया गया है।
-सुनील ड्रग कंट्रोल ऑफिसर, अंबाला
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दरअसल सीआईए खन्ना की टीम ने नशे के कारोबार में संलिप्त अकीत जैन को पकड़ा था। जांच में अकीत ने बताया कि उसकी एक दुकान खन्ना, एक लुधियाना और तीसरी होलसेल दुकान अंबाला शहर में भी मारुति रेमिडिज के नाम से चल रही है। अकीत जैन के खुलासे के बाद टीम ने एक मार्च को अंबाला में दस्तक देकर दुकान को सील कर दिया था, लेकिन टीम ने इसकी जानकारी अंबाला प्रशासन को नहीं दी थी। इसी कारण 13 मार्च की देर शाम टीम ने दोबारा से अंबाला में दस्तक दी थी। हालांकि इस बार एफडीए अंबाला के अधिकारियों को पहले से ही सूचना दे दी गई थी। इस तरह टीम संयुक्त रूप से मौके पर पहुंची और दुकान पर लगी सील को खोला गया।
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पल्लव जैन के नाम से लिया गया था लाइसेंस
जांच के दौरान पता चला कि अंबाला शहर में अकीत जैन की जो होलसेल दुकान थी उसका लाइसेंस पल्लव जैन के नाम से लिया गया था। यह लाइसेंस एक अक्तूबर 2020 को जारी किया गया था, जोकि 2025 तक वैध है। जांच में पता चला कि अकीत ने ही पल्लव को कर्मचारी के तौर पर यहां अनुबंधित किया हुआ है।
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सीनियर ड्रग्स कंट्रोल की अगुवाई में हुई कार्रवाई
पूरी कार्रवाई सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सुनील चौधरी में हुई। पंचकूला के डीसीओ परवीन कुमार को टीम में शामिल किया गया था। यहां पल्लव जैन की गैर मौजूदगी में वीडियोग्राफी करते हुए टीम ने सीआईए खन्ना द्वारा लगाई गई सील को खोला।
ये दवाएं हुईं बरामद
मौके पर कुल 12 प्रकार की दवाइयों में से ट्रामाडोल (33,200गोली) अल्प्राजोलाम 0.5एम जी (18,000 गोली) फ्रीजियम 5 (2,700 गोली) सहित कुल 57,630 टैबलेट और 108 बोतलें मौजूद थीं। इस स्टाक की लिस्ट बना कर संयुक्त रेड में शामिल अधिकारी सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सुनील चौधरी ने सीआईए खन्ना के इंस्पेक्टर विनोद कुमार को सौंप कर दुकान को दोबारा से सील कर दिया। जांच के दौरान इन दवाओं का कोई भी बिल बरामद नहीं हुआ। इसी कारण टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
मौके पर करीब 57 हजार टैबलेट बरामद की गईं। इनका स्टाक बनाकर टीम के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही दोबारा से दुकान को सील भी कर दिया गया है।
-सुनील ड्रग कंट्रोल ऑफिसर, अंबाला