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गंडासियां व गोलियां चलने से दो पक्षों के सात घायल
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:54 PM IST
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पिलखनी में खूनी संघर्ष, चली गोलियां
- गंडासियां और गोलियां चलने से दो पक्षों के सात घायल
- पिलखनी के पास छह एकड़ जमीन को लेकर था विवाद
- जमीन पर बिजली का कनेक्शन करने पहुंचे था एक पक्ष
- अचानक दूसरे पक्ष के पहुंचने पर हुआ विवाद, बीस के खिलाफ मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। गांव पिलखनी में मंगलवार दोपहर भूमि विवाद उस समय खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया जब दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोगों ने बंदूकें व तेजधार हथियार निकाल लिए। इसी बीच दोनों पक्षों में क्रास फायरिंग हुई। तेजधार हथियार लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। वहीं गोली लगने से एक ही पक्ष के दो लोग घायल हो गए, जबकि तेजधार हथियारों से पांच अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को आनन-फानन में कैंट सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां दो घायलों की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट अस्पताल चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इसके बाद हरकत में आई साहा पुलिस ने एक घायल की शिकायत पर एक पक्ष के बीस लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, सरकारी ड्यूटी में बाधा व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गांव पिलखनी में खेती की छह एकड़ जमीन को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पहले भी मारपीट हो चुकी है और जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन था। परंतु गांव पिलखनी निवासी नरमैल सिंह का पक्ष बिजली विभाग के साथ लगती जमीन पर बिजली का कनेक्शन लगाने पहुंचा था। उनके साथ बिजली निगम के कर्मी भी थे। खेत में खंभे लगाने की तैयारी चल रही थी। नरमैल का कहना था कि कोर्ट की ओर से उनके पक्ष में निर्णय दिया गया। इसके बाद कार्रवाई की जा रही थी। जैसे ही वह काम कर रहे थे कि अचानक दूसरा पक्ष गांव साहबपुरा से गुरमुख सिंह व अन्य अन्य मौके पर पहुंचे और जमीन पर ऐतराज जताना शुरू कर दिया। जब नरमैल पक्ष ने विरोध जताना चाह तो दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तेजधार हथियार चले। तभी कुछ युवक बंदूक ले आए और दोनों पक्षों में क्रास फायरिंग होने लगी। संघर्ष के दौरान खंभे लगाने का विरोध जता रहे गुरमुख सिंह पक्ष के करीब पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें साहिब पुरा निवासी सरबजीत के शरीर पर बंदूक के छर्रे के करीबन 10-12 निशान थे, वहीं दलजिंद्र के बाजू पर भी गोली लगने व तेजधार हथियार के गहरे घाव थे और रणजीत सिंह, राजिंद्र व एक अन्य घायल हो गए जबकि नरमैल पक्ष से करीबन दो व्यक्तियों के घायल होने की जानकारी मिली है।
खंभे छोड़ भाग बिजली कर्मी
खेतों में बिजली के खंभे लगाने आए बिजली कर्मी मुसीबत में फंस गए। दोनों पक्षों में जब विवाद छिड़ा और क्रास फायरिंग हुई तो सामान छोड़कर मौके से बिजली कर्मी भाग खड़े हुए। आलम यह था कि कुछ बिजली कर्मी तो खेत में ही गिर गए। पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने व कर्मियों से अभद्र व्यवहार के आरोप में भी मामला दर्ज किया है।
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यह बोले घायल
घायलों का कहना था कि इस जमीन का मामला कोर्ट में चल रहा है और दूसरा पक्ष बिजली निगम के कर्मियों को पैसों का लालच देकर जबरन जमीन पर कनेक्शन लगाने के लिए पहुंचा था। साहा पुलिस के अनुसार पीड़ित नरमैल की शिकायत पर करीबन 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल भी घायल हुए दूसरे पक्ष के बयान नहीं हुए हैं।
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यह था रंजिश का कारण
गांव पिलखनी के नरमैल सिंह ने गुरमुख सिंह से कई साल पहले छह एकड़ जमीन खरीदी थी। कुल छह लाख में सौदा हुआ था। एक लाख रुपया बयाना भी दे दिया गया था, लेकिन गुरमुख सिंह ने समय पर इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई थी। तभी से दोनों पक्षों में टकराव हो गया था। पुलिस ने बताया कि मामला कोर्ट में जाने के बाद फैसला नरमैल सिंह के पक्ष में आया था। उसी आधार पर नरमैल सिंह ने उस जमीन की रजिस्ट्री करा ली थी।
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नरमैल पक्ष की शिकायत पर करीबन 15-20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नरमैल सिंह कोर्ट के आदेश के बाद जमीन पर बिजली का कनेक्शन लेने के बिजली कर्मचारियों के साथ पहुंचा था कि दूसरे पक्ष ने मौके पर पहुंचकर ऐतराज जताया। दोनों के बीच मारपीट हुई। जबकि हमलावर पक्ष सरकारी कर्मचारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
- शैलेंद्र, प्रभारी, साहा थाना, अंबाला
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पिलखनी में खूनी संघर्ष, चली गोलियां
- गंडासियां और गोलियां चलने से दो पक्षों के सात घायल
- पिलखनी के पास छह एकड़ जमीन को लेकर था विवाद
- जमीन पर बिजली का कनेक्शन करने पहुंचे था एक पक्ष
- अचानक दूसरे पक्ष के पहुंचने पर हुआ विवाद, बीस के खिलाफ मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। गांव पिलखनी में मंगलवार दोपहर भूमि विवाद उस समय खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया जब दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोगों ने बंदूकें व तेजधार हथियार निकाल लिए। इसी बीच दोनों पक्षों में क्रास फायरिंग हुई। तेजधार हथियार लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। वहीं गोली लगने से एक ही पक्ष के दो लोग घायल हो गए, जबकि तेजधार हथियारों से पांच अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को आनन-फानन में कैंट सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां दो घायलों की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट अस्पताल चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इसके बाद हरकत में आई साहा पुलिस ने एक घायल की शिकायत पर एक पक्ष के बीस लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, सरकारी ड्यूटी में बाधा व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गांव पिलखनी में खेती की छह एकड़ जमीन को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पहले भी मारपीट हो चुकी है और जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन था। परंतु गांव पिलखनी निवासी नरमैल सिंह का पक्ष बिजली विभाग के साथ लगती जमीन पर बिजली का कनेक्शन लगाने पहुंचा था। उनके साथ बिजली निगम के कर्मी भी थे। खेत में खंभे लगाने की तैयारी चल रही थी। नरमैल का कहना था कि कोर्ट की ओर से उनके पक्ष में निर्णय दिया गया। इसके बाद कार्रवाई की जा रही थी। जैसे ही वह काम कर रहे थे कि अचानक दूसरा पक्ष गांव साहबपुरा से गुरमुख सिंह व अन्य अन्य मौके पर पहुंचे और जमीन पर ऐतराज जताना शुरू कर दिया। जब नरमैल पक्ष ने विरोध जताना चाह तो दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तेजधार हथियार चले। तभी कुछ युवक बंदूक ले आए और दोनों पक्षों में क्रास फायरिंग होने लगी। संघर्ष के दौरान खंभे लगाने का विरोध जता रहे गुरमुख सिंह पक्ष के करीब पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें साहिब पुरा निवासी सरबजीत के शरीर पर बंदूक के छर्रे के करीबन 10-12 निशान थे, वहीं दलजिंद्र के बाजू पर भी गोली लगने व तेजधार हथियार के गहरे घाव थे और रणजीत सिंह, राजिंद्र व एक अन्य घायल हो गए जबकि नरमैल पक्ष से करीबन दो व्यक्तियों के घायल होने की जानकारी मिली है।
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खंभे छोड़ भाग बिजली कर्मी
खेतों में बिजली के खंभे लगाने आए बिजली कर्मी मुसीबत में फंस गए। दोनों पक्षों में जब विवाद छिड़ा और क्रास फायरिंग हुई तो सामान छोड़कर मौके से बिजली कर्मी भाग खड़े हुए। आलम यह था कि कुछ बिजली कर्मी तो खेत में ही गिर गए। पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने व कर्मियों से अभद्र व्यवहार के आरोप में भी मामला दर्ज किया है।
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यह बोले घायल
घायलों का कहना था कि इस जमीन का मामला कोर्ट में चल रहा है और दूसरा पक्ष बिजली निगम के कर्मियों को पैसों का लालच देकर जबरन जमीन पर कनेक्शन लगाने के लिए पहुंचा था। साहा पुलिस के अनुसार पीड़ित नरमैल की शिकायत पर करीबन 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल भी घायल हुए दूसरे पक्ष के बयान नहीं हुए हैं।
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यह था रंजिश का कारण
गांव पिलखनी के नरमैल सिंह ने गुरमुख सिंह से कई साल पहले छह एकड़ जमीन खरीदी थी। कुल छह लाख में सौदा हुआ था। एक लाख रुपया बयाना भी दे दिया गया था, लेकिन गुरमुख सिंह ने समय पर इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई थी। तभी से दोनों पक्षों में टकराव हो गया था। पुलिस ने बताया कि मामला कोर्ट में जाने के बाद फैसला नरमैल सिंह के पक्ष में आया था। उसी आधार पर नरमैल सिंह ने उस जमीन की रजिस्ट्री करा ली थी।
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नरमैल पक्ष की शिकायत पर करीबन 15-20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नरमैल सिंह कोर्ट के आदेश के बाद जमीन पर बिजली का कनेक्शन लेने के बिजली कर्मचारियों के साथ पहुंचा था कि दूसरे पक्ष ने मौके पर पहुंचकर ऐतराज जताया। दोनों के बीच मारपीट हुई। जबकि हमलावर पक्ष सरकारी कर्मचारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
- शैलेंद्र, प्रभारी, साहा थाना, अंबाला