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लंकेश कर गए बराड़ा से पलायन, फीका रहेगा दशहरा
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:12 AM IST
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लंकेश कर गए बराड़ा से पलायन, फीका रहेगा दशहरा
फोटो नंबर -- 54
विश्व का सबसे ऊंचा रावण का पुतला बना था बराड़ा की पहचान
इस बार पंचकूला में बनाया गया है 210 फीट का रावण
आशीष भारद्वाज/रमाकांत अत्री
बराड़ा। यहां से लंकेश पलायन कर गए हैं और इस बार बराड़ा का दशहरा फीका नजर आएगा। 15 से अधिक वर्ष से बराड़ा का दहशरा देशभर में चर्चा का विषय रहा, जबकि 210 फीट ऊंचा रावण का पुतला बराड़ा की पहचान रहा है। विश्व का सबसे ऊंचा रावण का पुतला अब तक बराड़ा में फूंका जाता था, यह बराड़ा की पहचान बन चुका था। आयोजकों ने इस बार बराड़ा के बजाय पंचकूला में 210 फीट का रावण का पुतला बनाया है जबकि क्षेत्र में चर्चा है कि बराड़ा में इस बार दशहरे पर फीका माहौल रहेगा। बताया जाता है कि जिस जगह पर रावण का पुतला दहन होता था, वहां काफी हिस्से में आबादी बस गई है।
दरअसल बराड़ा के रहने वाले तेजिंद्र सिंह चौहान ने बुराई के प्रतीक लंकेश का पुतला मात्र 20 फीट की ऊंचाई से बनाना शुरू किया था। हर साल वह रावण के पुतले की ऊंचाई बढ़ाते आ रहे हैं। इस वर्ष लंकेश का पुतला 210 फीट का पंचकूला में माता मनसा देवी मंदिर बोर्ड पंचकूला मैदान में बनाया जा रहा गया है। लंकेश का विश्व प्रसिद्ध पुतला वहीं पर दहन होगा। बराड़ा व आसपास के लोग लंकेश दहन नहीं देख सकेंगे। अगर बराड़ा में पुतला दहन के लिए जगह मिल जाती तो आज पंचकूला में नहीं बल्कि बराड़ा में ही दशहरा महोत्सव आयोजित होता। बराड़ा के इस दशहरे को देखने के लिए आसपास के राज्यों से भी लोग आते थे। लोग हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व यूपी से परिवार सहित आते और विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का दहन देखते और अपने मोबाइल में इसे कैद भी करते। जहां पर लंकेश दहन होता था भले ही वहां पर आज आबादी हो चुकी है लेकिन 10-12 एकड़ भूमि लंकेश दहन के लिए खाली होती थी, जहां पर दशहरा महोत्वस आयोजित होता था।
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घरों में आने लगे मेहमान, नहीं देख सकेंगे रावण दहन
बराड़ा के रहने वाले प्रदीप कुमार, दिनेश कुमार, दीप रानी, ममता शर्मा, राज बाला, चंद्र कांता व सीमा ने बताया कि हर साल बराड़ा में दशहरे पर लंकेश के पुतले का दहन होता था लेकिन अब की बार पंचकूला में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। पंचकूला उनके यहां से करीब 105 किलोमीटर दूर है, जिस कारण वह वहां नहीं जा सकते। उनके घर हर साल की तरह मेहमान भी आने लग गए हैं, जो रावण दहन नहीं देख सकेंगे।
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फोटो नंबर -- 54
विश्व का सबसे ऊंचा रावण का पुतला बना था बराड़ा की पहचान
इस बार पंचकूला में बनाया गया है 210 फीट का रावण
आशीष भारद्वाज/रमाकांत अत्री
बराड़ा। यहां से लंकेश पलायन कर गए हैं और इस बार बराड़ा का दशहरा फीका नजर आएगा। 15 से अधिक वर्ष से बराड़ा का दहशरा देशभर में चर्चा का विषय रहा, जबकि 210 फीट ऊंचा रावण का पुतला बराड़ा की पहचान रहा है। विश्व का सबसे ऊंचा रावण का पुतला अब तक बराड़ा में फूंका जाता था, यह बराड़ा की पहचान बन चुका था। आयोजकों ने इस बार बराड़ा के बजाय पंचकूला में 210 फीट का रावण का पुतला बनाया है जबकि क्षेत्र में चर्चा है कि बराड़ा में इस बार दशहरे पर फीका माहौल रहेगा। बताया जाता है कि जिस जगह पर रावण का पुतला दहन होता था, वहां काफी हिस्से में आबादी बस गई है।
दरअसल बराड़ा के रहने वाले तेजिंद्र सिंह चौहान ने बुराई के प्रतीक लंकेश का पुतला मात्र 20 फीट की ऊंचाई से बनाना शुरू किया था। हर साल वह रावण के पुतले की ऊंचाई बढ़ाते आ रहे हैं। इस वर्ष लंकेश का पुतला 210 फीट का पंचकूला में माता मनसा देवी मंदिर बोर्ड पंचकूला मैदान में बनाया जा रहा गया है। लंकेश का विश्व प्रसिद्ध पुतला वहीं पर दहन होगा। बराड़ा व आसपास के लोग लंकेश दहन नहीं देख सकेंगे। अगर बराड़ा में पुतला दहन के लिए जगह मिल जाती तो आज पंचकूला में नहीं बल्कि बराड़ा में ही दशहरा महोत्सव आयोजित होता। बराड़ा के इस दशहरे को देखने के लिए आसपास के राज्यों से भी लोग आते थे। लोग हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व यूपी से परिवार सहित आते और विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का दहन देखते और अपने मोबाइल में इसे कैद भी करते। जहां पर लंकेश दहन होता था भले ही वहां पर आज आबादी हो चुकी है लेकिन 10-12 एकड़ भूमि लंकेश दहन के लिए खाली होती थी, जहां पर दशहरा महोत्वस आयोजित होता था।
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घरों में आने लगे मेहमान, नहीं देख सकेंगे रावण दहन
बराड़ा के रहने वाले प्रदीप कुमार, दिनेश कुमार, दीप रानी, ममता शर्मा, राज बाला, चंद्र कांता व सीमा ने बताया कि हर साल बराड़ा में दशहरे पर लंकेश के पुतले का दहन होता था लेकिन अब की बार पंचकूला में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। पंचकूला उनके यहां से करीब 105 किलोमीटर दूर है, जिस कारण वह वहां नहीं जा सकते। उनके घर हर साल की तरह मेहमान भी आने लग गए हैं, जो रावण दहन नहीं देख सकेंगे।
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