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- रात को घर नहीं पहुंचने पर हुई अनहोनी की आशंका
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:59 AM IST
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सेल्समैन की धारदार हथियार से हत्या, रेलवे ट्रैक के पास मिला खून से लथपथ शव
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
अंबाला-सहारनपुर रेलवे ट्रैक के पास देर रात यमुनानगर निवासी 32 वर्षीय बालकनाथ की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। बालक नाथ अंबाला कैंट स्थित एक क्रॉकरी शॉप में काम करता था। जब वह रातभर घर नहीं लौटा तो परिजन सुबह ढूंढते हुए अंबाला पहुंचे, लेकिन स्टेशन से पहले आउटर पर ही रेल पटरियों के किनारे उन्हें बालक नाथ का शव दिखाई दिया। इसके बाद मामले की जानकारी तुरंत जीआरपी को दी गई। फिलहाल बालकनाथ की पत्नी की शिकायत पर जीआरपी ने कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
ट्रेन से ही अप-डाउन करता था
यमुनानगर की कॉलोनी शिवपुरी-ए निवासी बालकनाथ उर्फ कोची कई सालों से अंबाला कैंट स्थित एक क्रॉकरी शॉप में काम करता था और वह ट्रेन से अप-डाउन करता था। अंबाला पहुंचे बालकनाथ के चाचा के लड़के सुरेंद्र ने बताया कि बीती रात लगभग पौने नौ बजे बालकनाथ ने पत्नी मीनाक्षी को फोन करके जल्द ही अंबाला से ट्रेन के जरिए आने की बात कही। इसके बाद मीनाक्षी ने उसे कुछ खाद्य सामग्री लाने के लिए कहा।
सुरेंद्र ने बताया कि देर रात घर पर बालक नाथ के कुछ दोस्त आए जिन्होंने उन्हें बताया कि बालकनाथ शायद देर रात तक घर लौटेगा। मगर बालकनाथ पूरी रात घर नहीं लौटा। सुरेंद्र ने बताया कि सुबह एक युवक फिर घर पर आया जिसने पूछा कि बालकनाथ रात के समय घर नहीं आया। इसके बाद वह भी वहां से निकल गया। परिजनों को शक हुआ और उन्होंने बालकनाथ का कई बार फोन ट्राई किया, लेकिन स्विच ऑफ रहा। इसके बाद सुरेंद्र, मृतक का भाई सतीश, मीनाक्षी और अन्य परिजन बालकनाथ को खोजने के लिए अंबाला पहुंचे। मगर बताते हैं कि ट्रेन के आउटर पर रुकते ही रेल पटरियों के किनारे उन्होंने बालकनाथ का खून से लथपथ शव देखा।
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छाती पर घाव के निशान
छानबीन के दौरान जीआरपी ने पाया कि बालकनाथ की छाती पर घाव के निशान थे। उसका पर्स, मोबाइल, बैग व अन्य वस्तुएं भी गायब मिली। मोबाइल रात से ही स्विच ऑफ आ रहा था। वहीं उसकी टी-शर्ट भी शव से कुछ दूरी पर मिली है। जीआरपी का अनुमान है कि मामला लूट का भी हो सकता है। मगर जीआरपी मामले में कुछ भी खुलकर कहने से कतरा रही है। मृतक के भाई सतीश कुमार ने बताया कि बालक नाथ की कुछ साल पहले शादी हुई थी और उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी है। उसकी किसी से दुश्मनी या झगड़ा नहीं था।
वारदात स्थल पर अंधेरा
बता दें कि जिस स्थान पर वारदात हुई है उस स्थान पर अंधेरा पसरा रहता है। यह क्षेत्र अंबाला-सहारनपुर लाइन पर कैंट स्टेशन का आउटर माना जाता है। इस रेललाइन के ठीक ऊपर से जीटी रोड ओवरब्रिज है। कुछ साथ ही शास्त्री और रेलवे कालोनी जाने के लिए अंडरपास भी है। यहां पर लाइट का व्यापक प्रबंध नहीं है जिस कारण यहां अक्सर आपराधिक किस्म के लोग सक्रिय रहते हैं।
रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की जानकारी मिलने के बाद मौके का मुआयना किया गया है। हालात बता रहे हैं कि तेजधार हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है। अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। -शीतल कुमार, डीएसपी, जीआरपी, अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
अंबाला-सहारनपुर रेलवे ट्रैक के पास देर रात यमुनानगर निवासी 32 वर्षीय बालकनाथ की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। बालक नाथ अंबाला कैंट स्थित एक क्रॉकरी शॉप में काम करता था। जब वह रातभर घर नहीं लौटा तो परिजन सुबह ढूंढते हुए अंबाला पहुंचे, लेकिन स्टेशन से पहले आउटर पर ही रेल पटरियों के किनारे उन्हें बालक नाथ का शव दिखाई दिया। इसके बाद मामले की जानकारी तुरंत जीआरपी को दी गई। फिलहाल बालकनाथ की पत्नी की शिकायत पर जीआरपी ने कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
ट्रेन से ही अप-डाउन करता था
यमुनानगर की कॉलोनी शिवपुरी-ए निवासी बालकनाथ उर्फ कोची कई सालों से अंबाला कैंट स्थित एक क्रॉकरी शॉप में काम करता था और वह ट्रेन से अप-डाउन करता था। अंबाला पहुंचे बालकनाथ के चाचा के लड़के सुरेंद्र ने बताया कि बीती रात लगभग पौने नौ बजे बालकनाथ ने पत्नी मीनाक्षी को फोन करके जल्द ही अंबाला से ट्रेन के जरिए आने की बात कही। इसके बाद मीनाक्षी ने उसे कुछ खाद्य सामग्री लाने के लिए कहा।
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सुरेंद्र ने बताया कि देर रात घर पर बालक नाथ के कुछ दोस्त आए जिन्होंने उन्हें बताया कि बालकनाथ शायद देर रात तक घर लौटेगा। मगर बालकनाथ पूरी रात घर नहीं लौटा। सुरेंद्र ने बताया कि सुबह एक युवक फिर घर पर आया जिसने पूछा कि बालकनाथ रात के समय घर नहीं आया। इसके बाद वह भी वहां से निकल गया। परिजनों को शक हुआ और उन्होंने बालकनाथ का कई बार फोन ट्राई किया, लेकिन स्विच ऑफ रहा। इसके बाद सुरेंद्र, मृतक का भाई सतीश, मीनाक्षी और अन्य परिजन बालकनाथ को खोजने के लिए अंबाला पहुंचे। मगर बताते हैं कि ट्रेन के आउटर पर रुकते ही रेल पटरियों के किनारे उन्होंने बालकनाथ का खून से लथपथ शव देखा।
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छाती पर घाव के निशान
छानबीन के दौरान जीआरपी ने पाया कि बालकनाथ की छाती पर घाव के निशान थे। उसका पर्स, मोबाइल, बैग व अन्य वस्तुएं भी गायब मिली। मोबाइल रात से ही स्विच ऑफ आ रहा था। वहीं उसकी टी-शर्ट भी शव से कुछ दूरी पर मिली है। जीआरपी का अनुमान है कि मामला लूट का भी हो सकता है। मगर जीआरपी मामले में कुछ भी खुलकर कहने से कतरा रही है। मृतक के भाई सतीश कुमार ने बताया कि बालक नाथ की कुछ साल पहले शादी हुई थी और उसका डेढ़ वर्षीय बेटा भी है। उसकी किसी से दुश्मनी या झगड़ा नहीं था।
वारदात स्थल पर अंधेरा
बता दें कि जिस स्थान पर वारदात हुई है उस स्थान पर अंधेरा पसरा रहता है। यह क्षेत्र अंबाला-सहारनपुर लाइन पर कैंट स्टेशन का आउटर माना जाता है। इस रेललाइन के ठीक ऊपर से जीटी रोड ओवरब्रिज है। कुछ साथ ही शास्त्री और रेलवे कालोनी जाने के लिए अंडरपास भी है। यहां पर लाइट का व्यापक प्रबंध नहीं है जिस कारण यहां अक्सर आपराधिक किस्म के लोग सक्रिय रहते हैं।
रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की जानकारी मिलने के बाद मौके का मुआयना किया गया है। हालात बता रहे हैं कि तेजधार हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है। अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। -शीतल कुमार, डीएसपी, जीआरपी, अंबाला।