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आरटीए टीम की लोकेशन लीक करते हुए 4 आरोपी दबोचे
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लाइव रिपोर्ट और माफिया वाट्सएप ग्रुप के जरिए आरटीए टीम की लोकेशन वाहन चालकों तक पहुंचाने वाले चार युवकों को कर्मचारियों ने पीछा कर धर दबोचा। पकड़े जाने से पहले चालाक दो युवकों ने अपना मोबाइल सड़क किनारे फेंक दिया तो दो मोबाइल सहित पकड़े गए। चारों युवकों को आरटीए टीम ने पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
लगभग चार महीने बाद दोबारा एजेंटों के वाट्सएप ग्रुप सक्रिय हो गए हैं। इसका खुलासा बुधवार को पकड़े गए युवकों की टीम से प्राथमिक पूछताछ के बाद हुआ। आरटीए इंफोर्समेंट विंग में तैनात उप निरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि एचसी बलबीर सिंह, सिपाही संदीप कुमार, चालक जसवंत सिंह सहित ओवरलोड वाहनों की चेकिंग करते हुए जब दोसड़का के होली चौक पहुंचे तो देखा कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में उनका चार युवक पीछा कर रहे हैं। मोबाइल से किसी को टीम की लोकेशन दे रहे हैं। शक के आधार पर कार चालक युवक को रुकने का इशारा किया तो वह मौके से भागने लगे। साथी कर्मचारियों की मदद से कार को काबू किया गया।
पकड़े गए आरोपी, कर्मचारियों की मिलीभगत का भी अंदेशा
पूछताछ में युवकों की पहचान अली अहमद वासी खांडरा, इसरान वासी जैतपुर, इकराम और इस्लाम वासी जिला यमुनानगर के तौर पर हुई। बार-बार टीम की पल-पल की जानकारी वाट्सएप ग्रुप संचालकों द्वारा कैसे भेजी जाती है इसको लेकर कर्मचारियों के मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि टीम किस समय निकलेगी यह जानकारी तो वाट्सएप ग्रुप वालों को कोई उनका खासमखास ही देता है। इसी के बाद ही वह टीम की गाड़ी की रेकी करते हैं।
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मोबाइल में बनाए थे दो ग्रुप
जांच के दौरान 2 युवकों से 2 मोबाइल बरामद किए। इसमें एक मोबाइल में लाइव रिपोर्ट वाट्सएप ग्रुप बना हुआ था। दूसरे मोबाइल में माफिया ग्रुप बना हुआ था। युवकों ने बताया कि वह सभी इन लोकेशन ग्रुप में जुड़े हैं और वह आरटीए टीम की लोकेशन उक्त ग्रुप में शेयर करते हैं। उन्होंने अपनी कारगुजारी को लेकर माफी भी मांगी।
पहले भी एडीसी ने काबू किया था गिरोह
11 सितंबर 2020 को अंबाला की तत्कालीन एडीसी ने आरटीए विभाग के साथ मिलकर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था जोकि ट्रांसपोर्टरों को आरटीए विभाग की गाड़ी की पल पल की सूचना देते थे। पकड़े गए गिरोह के 8 सदस्यों ने टाइगर जिंदा है, जय बजरंग बली आदि नामों से ऐसे ग्रुप बना रखे थे, जिनके जरिए ट्रांसपोर्टरों को आरटीए टीम की लगातार अपडेट देते थे। यही नहीं तीन दिन पहले नारायणगढ़ में एडीसी एवं आरटीए अंबाला की गाड़ी को एक अन्य गाड़ी ने टक्कर मारी थी। एडीसी ने पुलिस को सूचना दी थी परतें खुलने के बाद ही गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था।
टीम को पूरी तरह से चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी रूट पर जाने से पहले कोई भी टीम की लोकेशन लीक न हो सके, वहीं अपने नजदीक चलने वाले वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
- गौरी मिड्डा, सचिव आरटीए।
पकड़े गए लोग ओवरलोड वाहन संचालकों को आरटीए टीम के आनेे की सूचना देते थे। वाहन मालिकों के ग्रुप बनाए हुए हैं। मामला दर्ज कर चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आज उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा, ताकि अन्य साथियों बारे जानकारी हासिल की जा सके।
-चंद्रभान, थाना प्रभारी, मुलाना।
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लगभग चार महीने बाद दोबारा एजेंटों के वाट्सएप ग्रुप सक्रिय हो गए हैं। इसका खुलासा बुधवार को पकड़े गए युवकों की टीम से प्राथमिक पूछताछ के बाद हुआ। आरटीए इंफोर्समेंट विंग में तैनात उप निरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि एचसी बलबीर सिंह, सिपाही संदीप कुमार, चालक जसवंत सिंह सहित ओवरलोड वाहनों की चेकिंग करते हुए जब दोसड़का के होली चौक पहुंचे तो देखा कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में उनका चार युवक पीछा कर रहे हैं। मोबाइल से किसी को टीम की लोकेशन दे रहे हैं। शक के आधार पर कार चालक युवक को रुकने का इशारा किया तो वह मौके से भागने लगे। साथी कर्मचारियों की मदद से कार को काबू किया गया।
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पकड़े गए आरोपी, कर्मचारियों की मिलीभगत का भी अंदेशा
पूछताछ में युवकों की पहचान अली अहमद वासी खांडरा, इसरान वासी जैतपुर, इकराम और इस्लाम वासी जिला यमुनानगर के तौर पर हुई। बार-बार टीम की पल-पल की जानकारी वाट्सएप ग्रुप संचालकों द्वारा कैसे भेजी जाती है इसको लेकर कर्मचारियों के मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि टीम किस समय निकलेगी यह जानकारी तो वाट्सएप ग्रुप वालों को कोई उनका खासमखास ही देता है। इसी के बाद ही वह टीम की गाड़ी की रेकी करते हैं।
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मोबाइल में बनाए थे दो ग्रुप
जांच के दौरान 2 युवकों से 2 मोबाइल बरामद किए। इसमें एक मोबाइल में लाइव रिपोर्ट वाट्सएप ग्रुप बना हुआ था। दूसरे मोबाइल में माफिया ग्रुप बना हुआ था। युवकों ने बताया कि वह सभी इन लोकेशन ग्रुप में जुड़े हैं और वह आरटीए टीम की लोकेशन उक्त ग्रुप में शेयर करते हैं। उन्होंने अपनी कारगुजारी को लेकर माफी भी मांगी।
पहले भी एडीसी ने काबू किया था गिरोह
11 सितंबर 2020 को अंबाला की तत्कालीन एडीसी ने आरटीए विभाग के साथ मिलकर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था जोकि ट्रांसपोर्टरों को आरटीए विभाग की गाड़ी की पल पल की सूचना देते थे। पकड़े गए गिरोह के 8 सदस्यों ने टाइगर जिंदा है, जय बजरंग बली आदि नामों से ऐसे ग्रुप बना रखे थे, जिनके जरिए ट्रांसपोर्टरों को आरटीए टीम की लगातार अपडेट देते थे। यही नहीं तीन दिन पहले नारायणगढ़ में एडीसी एवं आरटीए अंबाला की गाड़ी को एक अन्य गाड़ी ने टक्कर मारी थी। एडीसी ने पुलिस को सूचना दी थी परतें खुलने के बाद ही गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था।
टीम को पूरी तरह से चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी रूट पर जाने से पहले कोई भी टीम की लोकेशन लीक न हो सके, वहीं अपने नजदीक चलने वाले वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
- गौरी मिड्डा, सचिव आरटीए।
पकड़े गए लोग ओवरलोड वाहन संचालकों को आरटीए टीम के आनेे की सूचना देते थे। वाहन मालिकों के ग्रुप बनाए हुए हैं। मामला दर्ज कर चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आज उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा, ताकि अन्य साथियों बारे जानकारी हासिल की जा सके।
-चंद्रभान, थाना प्रभारी, मुलाना।