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लोटे में पानी भरकर नमक डाल किसानों ने खाई कसम, राज्य मंत्री को वोट नहीं डालेंगे
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लोटे में पानी भरकर नमक डाल किसानों ने खाई कसम, राज्यमंत्री को वोट नहीं डालेंगे
फोटो नंबर :: 31 से 35
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-शुगर मिल बनौंदी द्वारा किसानों का 100 करोड़ रुपये बकाया न देने का मामला, धरना प्रदर्शन में राज्यमंत्री के खिलाफ किसानों में दिखा गुस्सा, बहिष्कार पर जताई सहमति
-मिल मालिक के आश्वासन पर किसानों ने धरना किया समाप्त
-भाकियू नेता बोले-यदि तय समय में पैसा नहीं मिला तो 14 फरवरी से मिल में इकट्ठा होंगे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर। किसानों का शुगर मिल की तरफ से 100 करोड़ रुपये का बकाया क्षेत्र के मौजूदा विधायक एवं प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लिए दिक्कतें खड़ी कर सकता है। बकाया पैसा न मिलने से भड़के किसानों ने वीरवार को धरना प्रदर्शन के दौरान लोटे में पानी भरा और इसमें नमक डालकर कसम खाई कि मंत्री को वोट नहीं देंगे। शुगर मिल के सामने भाकियू के आह्वान पर एकत्रित हुए किसानों ने जहां शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया, वहीं मौजूदा विधायक व राज्य मंत्री नायब सैनी को भी आड़े हाथों लेते हुए विस चुनावों में उनके बहिष्कार का ऐलान तक कर दिया। हालांकि, मिल मालिक के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि तय समय में बकाया पैसा नहीं मिला तो 14 फरवरी से किसान मिल में डटेंगे।
यह है मामला
शुगर मिल बनौंदी के पास किसानों का पिछले पिराई सत्र का लगभग 30 करोड़ रुपये बकाया था, जिसे मिल प्रबंधन देने में आनाकानी कर रहा था। जिससे किसान भड़क गए। इसी को लेकर किसानों ने दो जनवरी को महापंचायत बुलाई। किसानों की मानें तो करीब सौ करोड़ रुपये शुगर मिल की ओर बकाया है। इसी को लेकर किसान नेताओं सहित राज्य मंत्री, कृषि मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें तय हुआ था कि किसानों की वर्ष 2017-18 की राशि 10 जनवरी तक दे दी जाएगी व 11 जनवरी से नये सत्र के डेढ़ करोड़ रुपये रोजाना किसानों के खाते में जमा करवा दिये जाएंगे। लेकिन, शुगर मिल प्रबंधन अपने वायदे पर खरा नहीं उतरा जिसको लेकर वीरवार को धरना दिया गया।
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राज्य मंत्री के बहिष्कार पर हुई नोकझोंक
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष द्वारा राज्यमंत्री को वोट न डालने की अपील पर एक किसान नरपत राणा ने भाकियू पर ही सवाल खड़े कर दिए। जब भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी किसानों को राज्यमंत्री का बहिष्कार करने की बात कर लोटे में नमक डलवाने की बात कर रहे थे तो वहां पर मौजूद कस्बा शहजादपुर के एक किसान नरपत राणा ने कहा कि पहले किसान यूनियन के नेता लोटे में नमक डालकर कहें कि वह भी किसी पार्टी से चुनाव नहीं लड़ेंगे और न ही किसी को समर्थन करेंगे। इस पर चढूनी ने कहा कि हमने बीजेपी सरकार को भी अपने छह वादे भेजे थे, जबकि बीजेपी सरकार इस पर खरी नहीं उतरी। इसलिए वह बीजेपी को सपोर्ट नहीं करेंगे। चढूनी ने कहा कि जो किसान की बात करेगा या किसानों के मुद्दों का समर्थन करेगा, भारतीय किसान यूनियन उन्हें समर्थन करेगी।
राज्य मंत्री जींद चुनाव में व्यस्त, किसी की नहीं सुनी
धरने पर बैठे किसानों से मिल के केन मैनेजर व डिप्टी केन मैनेजर मिलने पहुंचे, तो किसानों ने उनसे बात करने से ही मना कर दिया। दूसरी ओर एसडीएम अदिति भी मौके पर पहुंचीं और आश्वासन दिया कि पेमेंट में अब दिक्कत नहीं आएगी, जबकि शुगर मिल डेढ़ करोड़ रुपये रोजाना पेमेंट करेगा। इस पर किसानों ने सहमति नहीं जताई। उन्होंने राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी को धरनास्थल पर बुलाने की मांग की। एसडीएम ने जब किसानों को बताया कि राज्यमंत्री जींद चुनाव में व्यस्त हैं, इस पर किसान भड़क गए।
मिल मालिक के आश्वासन पर माने
किसान यूनियन के सदस्यों ने शुगर मिल मालिक को धरने पर बुलाने की मांग की और कहा कि मिल मालिक उन्हें धरनास्थल पर आकर आश्वासन दें, तब किसान धरने से उठेंगे। इस पर प्रशासन ने शुगर मिल मालिक को मौके पर बुलाया। शुगर मिल मालिक राहुल ने किसानों को बताया कि कुछ परिस्थितियों की वजह से किसानों की पेमेंट में देरी हुई है, जिसका उन्हें खेद है। उन्होंने कहा कि किसानों की पिछले वर्ष सारी पेमेंट उनके खाते में डाल दी गई है व इस सत्र की भी करीब साढ़े चार करोड़ की पेमेंट कर दी गई है। वहीं उनकी 8 करोड़ की बिजली की पेमेंट सरकार से आनी है व करीब 15 करोड़ की उनको फंडिंग आनी है, जो किसानों के खातों में डाल दी जाएगी। हर रोज डेढ़ करोड़ पेमेंट किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी और आगे से ऐसी कोई दिक्कत किसानों को नही आएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने धरना खत्म किया। इस दौरान जिला प्रधान मलकीत सिंह, मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा, गुलाब सिंह, किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद राणा खुड्डा, रमेश राणा शैला, फकीरचंद, राजेंद्र तंदवाल, हरिओम नगोली, रविंद्र बरौली, बृजपाल राणा बड़ागांव, सुखदेव सैनी गदौली, गुरचरण बनोंदी, विनोद डैहर, रामसिंह, विक्की राणा आदि मौजूद रहे।
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कोट :::::
शुगर मिल मालिक ने आश्वासन दिया है, जिसके बाद धरना समाप्त कर रहे हैं। अगर अब फिर शुगर मिल मालिक अपनी बात पर खरे नहीं उतरते तो 14 फरवरी से फिर किसान शुगर मिल में इकट्ठे होंगे।
-गुरनाम सिंह चढ़ूनी, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष
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फोटो नंबर :: 31 से 35
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-शुगर मिल बनौंदी द्वारा किसानों का 100 करोड़ रुपये बकाया न देने का मामला, धरना प्रदर्शन में राज्यमंत्री के खिलाफ किसानों में दिखा गुस्सा, बहिष्कार पर जताई सहमति
-मिल मालिक के आश्वासन पर किसानों ने धरना किया समाप्त
-भाकियू नेता बोले-यदि तय समय में पैसा नहीं मिला तो 14 फरवरी से मिल में इकट्ठा होंगे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर। किसानों का शुगर मिल की तरफ से 100 करोड़ रुपये का बकाया क्षेत्र के मौजूदा विधायक एवं प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लिए दिक्कतें खड़ी कर सकता है। बकाया पैसा न मिलने से भड़के किसानों ने वीरवार को धरना प्रदर्शन के दौरान लोटे में पानी भरा और इसमें नमक डालकर कसम खाई कि मंत्री को वोट नहीं देंगे। शुगर मिल के सामने भाकियू के आह्वान पर एकत्रित हुए किसानों ने जहां शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया, वहीं मौजूदा विधायक व राज्य मंत्री नायब सैनी को भी आड़े हाथों लेते हुए विस चुनावों में उनके बहिष्कार का ऐलान तक कर दिया। हालांकि, मिल मालिक के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि तय समय में बकाया पैसा नहीं मिला तो 14 फरवरी से किसान मिल में डटेंगे।
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यह है मामला
शुगर मिल बनौंदी के पास किसानों का पिछले पिराई सत्र का लगभग 30 करोड़ रुपये बकाया था, जिसे मिल प्रबंधन देने में आनाकानी कर रहा था। जिससे किसान भड़क गए। इसी को लेकर किसानों ने दो जनवरी को महापंचायत बुलाई। किसानों की मानें तो करीब सौ करोड़ रुपये शुगर मिल की ओर बकाया है। इसी को लेकर किसान नेताओं सहित राज्य मंत्री, कृषि मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें तय हुआ था कि किसानों की वर्ष 2017-18 की राशि 10 जनवरी तक दे दी जाएगी व 11 जनवरी से नये सत्र के डेढ़ करोड़ रुपये रोजाना किसानों के खाते में जमा करवा दिये जाएंगे। लेकिन, शुगर मिल प्रबंधन अपने वायदे पर खरा नहीं उतरा जिसको लेकर वीरवार को धरना दिया गया।
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राज्य मंत्री के बहिष्कार पर हुई नोकझोंक
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष द्वारा राज्यमंत्री को वोट न डालने की अपील पर एक किसान नरपत राणा ने भाकियू पर ही सवाल खड़े कर दिए। जब भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी किसानों को राज्यमंत्री का बहिष्कार करने की बात कर लोटे में नमक डलवाने की बात कर रहे थे तो वहां पर मौजूद कस्बा शहजादपुर के एक किसान नरपत राणा ने कहा कि पहले किसान यूनियन के नेता लोटे में नमक डालकर कहें कि वह भी किसी पार्टी से चुनाव नहीं लड़ेंगे और न ही किसी को समर्थन करेंगे। इस पर चढूनी ने कहा कि हमने बीजेपी सरकार को भी अपने छह वादे भेजे थे, जबकि बीजेपी सरकार इस पर खरी नहीं उतरी। इसलिए वह बीजेपी को सपोर्ट नहीं करेंगे। चढूनी ने कहा कि जो किसान की बात करेगा या किसानों के मुद्दों का समर्थन करेगा, भारतीय किसान यूनियन उन्हें समर्थन करेगी।
राज्य मंत्री जींद चुनाव में व्यस्त, किसी की नहीं सुनी
धरने पर बैठे किसानों से मिल के केन मैनेजर व डिप्टी केन मैनेजर मिलने पहुंचे, तो किसानों ने उनसे बात करने से ही मना कर दिया। दूसरी ओर एसडीएम अदिति भी मौके पर पहुंचीं और आश्वासन दिया कि पेमेंट में अब दिक्कत नहीं आएगी, जबकि शुगर मिल डेढ़ करोड़ रुपये रोजाना पेमेंट करेगा। इस पर किसानों ने सहमति नहीं जताई। उन्होंने राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी को धरनास्थल पर बुलाने की मांग की। एसडीएम ने जब किसानों को बताया कि राज्यमंत्री जींद चुनाव में व्यस्त हैं, इस पर किसान भड़क गए।
मिल मालिक के आश्वासन पर माने
किसान यूनियन के सदस्यों ने शुगर मिल मालिक को धरने पर बुलाने की मांग की और कहा कि मिल मालिक उन्हें धरनास्थल पर आकर आश्वासन दें, तब किसान धरने से उठेंगे। इस पर प्रशासन ने शुगर मिल मालिक को मौके पर बुलाया। शुगर मिल मालिक राहुल ने किसानों को बताया कि कुछ परिस्थितियों की वजह से किसानों की पेमेंट में देरी हुई है, जिसका उन्हें खेद है। उन्होंने कहा कि किसानों की पिछले वर्ष सारी पेमेंट उनके खाते में डाल दी गई है व इस सत्र की भी करीब साढ़े चार करोड़ की पेमेंट कर दी गई है। वहीं उनकी 8 करोड़ की बिजली की पेमेंट सरकार से आनी है व करीब 15 करोड़ की उनको फंडिंग आनी है, जो किसानों के खातों में डाल दी जाएगी। हर रोज डेढ़ करोड़ पेमेंट किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी और आगे से ऐसी कोई दिक्कत किसानों को नही आएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने धरना खत्म किया। इस दौरान जिला प्रधान मलकीत सिंह, मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा, गुलाब सिंह, किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद राणा खुड्डा, रमेश राणा शैला, फकीरचंद, राजेंद्र तंदवाल, हरिओम नगोली, रविंद्र बरौली, बृजपाल राणा बड़ागांव, सुखदेव सैनी गदौली, गुरचरण बनोंदी, विनोद डैहर, रामसिंह, विक्की राणा आदि मौजूद रहे।
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शुगर मिल मालिक ने आश्वासन दिया है, जिसके बाद धरना समाप्त कर रहे हैं। अगर अब फिर शुगर मिल मालिक अपनी बात पर खरे नहीं उतरते तो 14 फरवरी से फिर किसान शुगर मिल में इकट्ठे होंगे।
-गुरनाम सिंह चढ़ूनी, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष