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बादलों व बारिश से मौसम सुहाना, बराड़ा में परेशानी
Updated Thu, 23 Aug 2018 01:08 AM IST
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बादलों व बारिश से मौसम हुआ सुहाना, बराड़ा में जनभराव
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/बराड़ा। दिन भर छाए बादलों से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं बराड़ा में हुई झमाझम बारिश ने जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया। सुबह से दोपहर तक हुई तेज बारिश ने कस्बे में सफाई व्यवस्था की पोल खोल। नाले पानी के भरने के बाद कालोनियों में लोगों के घरों और दुकानों में, थाना परिसर, तहसील परिसर और नगर पालिका कार्यालय में करीब तीन से चार फुट तक पानी भर गया। आने-जाने के सभी रास्तों पर जलभराव के चलते लोगों को बमुश्किल से गतव्यों तक पहुंचना पड़ा। शाम तक नगर पालिका व थाना परिसर से पानी निकासी नहीं हो सकी। उधर, जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकास कार्यों के लिए खोदे गए गड्ढों को लेकर नगरपालिका ने जन स्वास्थ्य विभाग के नाम नोटिस जारी किया है।
बुधवार सुबह से आसमान में बादल छाए थे। अंबाला कैंट व सिटी में करीब छह एमएम बारिश हुई, जबकि बराड़ा में सुबह से दोपहर तक बारिश होती रही। हालात यह रहे कि दुकानों में पानी भर जाने से इनवर्टर, दवाइयां, खाने-पीने का सामान काफी हद तक खराब हो गया। थाना परिसर में पुलिस कर्मचारियों को रिकार्ड संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कस्बे की जनकपुरी कालोनी, शिव कालोनी, गुरदेव मोहल्ला व रेलवे कालोनी सहित कई कालोनियों में रहने वाले लोगों के घरों में पानी भर गया।
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लोग बोले- पानी निकासी के लिए बनाया नाला ही बन रहा निकासी में बाधक
स्थानीय निवासियों में महिंद्र सिंह, पवन कुमार, जय किशन ने बताया कि कस्बे में पानी निकासी के लिए बनाया गया नाला ही निकासी में बाधा डाल रहा है। इसका लेवल तक नहीं बनाया गया। हालात यह हैं कि यह पानी से भरा रहता है और बरसात आ जाने पर पानी सड़कों पर और लोगों के घरों में घुस जाता है। सीवेरज का काम निर्माणाधीन है, वहां पर पानी भरने से कीचड़ बन गया है। लोगों ने बताया कि यहां से पैदल जाया नहीं जाता और बाइक से जाएं तो फिसलने से चोटिल होने का डर बना रहता है।
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पार्षदों ने देखे हालात
बराड़ा में बारिश के कारण पैदा हुए हालातों को लेकर चेयरपर्सन रमा खेतरपाल के पति अनमोल खेतरपाल, पार्षद रिचा पाहवा के पति हन्नी पाहवा, एमसी बलजिंद्र सिंह, एमसी शमशेर सिंह, एमसी जसविंद्र सिंह, समाज सेवी संदीप कुमार ने थाना परिसर व मार्केट कमेटी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सीवरेज में इस्तेमाल घटिया स्तर की निर्माण सामग्री लगाई जा रही है, जबकि इनका लेवल तक नहीं किया गया। अगर यही हाल रहा तो बराड़ा में पानी निकासी की सुविधा कतई नहीं हो सकती।
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पार्षदों ने की मीटिंग, नपा ने निकाला नोटिस
बराड़ा में बारिश के कारण पैदा हुए हालातों को लेकर चेयरपर्सन रमा खेतरपाल व सभी एमसी की बैठक हुई। चेयरपर्सन ने कहा कि बराड़ा में इस समय पानी ही पानी खड़ा है, रास्ते बंद हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस ओर सचेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह सीवरेज के लिए खुदाई कर दी है। नगर पालिका चेयरपर्सन ने एक नोटिस जन स्वास्थ्य विभाग के नाम निकला। इसमें कहा गया कि अभी कहीं पर खुदाई न की जाए, पहले निर्माणाधीन काम किए जाएं। उसके बाद ही आगे खुदाई की जाए। जगह-जगह 15-20 फीट गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
कोट
वह इसके जिम्मेदार नहीं हैं, जबकि निर्माणाधीन जगह पर कार्य प्रगति पर है’ लिखा है। लोगों को देखना चाहिए वह इस ओर आवागमन न करें।
-अमनदीप, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/बराड़ा। दिन भर छाए बादलों से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं बराड़ा में हुई झमाझम बारिश ने जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया। सुबह से दोपहर तक हुई तेज बारिश ने कस्बे में सफाई व्यवस्था की पोल खोल। नाले पानी के भरने के बाद कालोनियों में लोगों के घरों और दुकानों में, थाना परिसर, तहसील परिसर और नगर पालिका कार्यालय में करीब तीन से चार फुट तक पानी भर गया। आने-जाने के सभी रास्तों पर जलभराव के चलते लोगों को बमुश्किल से गतव्यों तक पहुंचना पड़ा। शाम तक नगर पालिका व थाना परिसर से पानी निकासी नहीं हो सकी। उधर, जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकास कार्यों के लिए खोदे गए गड्ढों को लेकर नगरपालिका ने जन स्वास्थ्य विभाग के नाम नोटिस जारी किया है।
बुधवार सुबह से आसमान में बादल छाए थे। अंबाला कैंट व सिटी में करीब छह एमएम बारिश हुई, जबकि बराड़ा में सुबह से दोपहर तक बारिश होती रही। हालात यह रहे कि दुकानों में पानी भर जाने से इनवर्टर, दवाइयां, खाने-पीने का सामान काफी हद तक खराब हो गया। थाना परिसर में पुलिस कर्मचारियों को रिकार्ड संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कस्बे की जनकपुरी कालोनी, शिव कालोनी, गुरदेव मोहल्ला व रेलवे कालोनी सहित कई कालोनियों में रहने वाले लोगों के घरों में पानी भर गया।
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लोग बोले- पानी निकासी के लिए बनाया नाला ही बन रहा निकासी में बाधक
स्थानीय निवासियों में महिंद्र सिंह, पवन कुमार, जय किशन ने बताया कि कस्बे में पानी निकासी के लिए बनाया गया नाला ही निकासी में बाधा डाल रहा है। इसका लेवल तक नहीं बनाया गया। हालात यह हैं कि यह पानी से भरा रहता है और बरसात आ जाने पर पानी सड़कों पर और लोगों के घरों में घुस जाता है। सीवेरज का काम निर्माणाधीन है, वहां पर पानी भरने से कीचड़ बन गया है। लोगों ने बताया कि यहां से पैदल जाया नहीं जाता और बाइक से जाएं तो फिसलने से चोटिल होने का डर बना रहता है।
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पार्षदों ने देखे हालात
बराड़ा में बारिश के कारण पैदा हुए हालातों को लेकर चेयरपर्सन रमा खेतरपाल के पति अनमोल खेतरपाल, पार्षद रिचा पाहवा के पति हन्नी पाहवा, एमसी बलजिंद्र सिंह, एमसी शमशेर सिंह, एमसी जसविंद्र सिंह, समाज सेवी संदीप कुमार ने थाना परिसर व मार्केट कमेटी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सीवरेज में इस्तेमाल घटिया स्तर की निर्माण सामग्री लगाई जा रही है, जबकि इनका लेवल तक नहीं किया गया। अगर यही हाल रहा तो बराड़ा में पानी निकासी की सुविधा कतई नहीं हो सकती।
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पार्षदों ने की मीटिंग, नपा ने निकाला नोटिस
बराड़ा में बारिश के कारण पैदा हुए हालातों को लेकर चेयरपर्सन रमा खेतरपाल व सभी एमसी की बैठक हुई। चेयरपर्सन ने कहा कि बराड़ा में इस समय पानी ही पानी खड़ा है, रास्ते बंद हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस ओर सचेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह सीवरेज के लिए खुदाई कर दी है। नगर पालिका चेयरपर्सन ने एक नोटिस जन स्वास्थ्य विभाग के नाम निकला। इसमें कहा गया कि अभी कहीं पर खुदाई न की जाए, पहले निर्माणाधीन काम किए जाएं। उसके बाद ही आगे खुदाई की जाए। जगह-जगह 15-20 फीट गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
कोट
वह इसके जिम्मेदार नहीं हैं, जबकि निर्माणाधीन जगह पर कार्य प्रगति पर है’ लिखा है। लोगों को देखना चाहिए वह इस ओर आवागमन न करें।
-अमनदीप, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।