- जीएसटी काउंसिल ने साइंस उद्योग के अलग-अलग उपकरणों पर जीएसटी 2

Rohtak Bureau Updated Sat, 11 Nov 2017 12:59 AM IST
आखिरकार छह महीने बाद साइंस इंडस्ट्री को मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में आखिरकार साइंस उद्योग को राहत मिल गई। बैठक में अंबाला के लघु एवं सूक्ष्म साइंस उद्योग पर जीएसटी घटाने की घोषणा की गई है। इससे पहले मई में सरकार ने साइंस उद्योग पर 28 प्रतिशत लग्जरी श्रेणी का जीएसटी लगा दिया था। बार-बार विरोध के बाद सरकार को आखिरकार अपने निर्णय को पलटना पड़ा है। शुक्रवार को गुवाहाटी में संपन्न हुई काउंसिल की बैठक में जब साइंस उद्योग पर टैक्स कटौती की घोषणा की गई तो स्थानीय उद्यमी खुशी से झूम उठे।

साइंस उद्यमियों ने बताया कि सरकार ने अलग-अलग साइंस उपकरणों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से कम करते हुए 18, 12 एवं कुछ पर पांच प्रतिशत करने की घोषणा की है। कौन से उपकरणों पर अब कितना जीएसटी किया गया है इसकी पूरी जानकारी शनिवार को मिलेगी। मगर सरकार की घोषणा मात्र से व्यापारी खुश है। बता दें कि उद्यमियों की इस समस्या को अमर उजाला ने समय-समय पर उठाया था।

शुक्रवार देर शाम साइंस उद्योग पर जीएसटी कम होने की सूचना के बाद साइंस उद्यमी इंटरनेट, टीवी और अन्य माध्यमों से जीएसटी को लेकर जानकारियां जुटाने में लग गए। साइंटिफिक अपरेंट्स मेन्यूफेक्चर्र एंड एक्सपोर्टर एसोसिएशन अंबाला के पदाधिकारियों के अलावा अन्य एसोसिएशन ने भी सरकार के इस निर्णय पर खुशी जताई है।
उनका कहना है कि सरकार ने पहले अंबाला के पुराने लघु साइंस उद्योग को लग्जरी श्रेणी में लाते हुए सर्वाधिक 28 प्रतिशत टैक्स लगा दिया था। यह प्रासंगिक नहीं था, शिक्षण एवं मेडिकल संस्थानों में 80 प्रतिशत तक साइंस उपकरणों की सप्लाई होती है और उसपर 28 प्रतिशत जीएसटी लगने का चौतरफा विरोध हुआ था।
साइंस एसोसिएशन ने बैठक कर संघर्ष की रूपरेखा तय की थी। मंत्रियों, सांसदों एवं मुख्यमंत्री को जीएसटी कम करने के लिए ज्ञापन सौंपे गए थे। साथ ही कैंडल मार्च तक अंबाला में निकाली गई थी। एकजुट होकर साइंस उद्यमियों द्वारा किए गए संघर्ष का असर आखिरकार रंग लगाया और अब सरकार ने जीएसटी कम करने की घोषणा कर दी है जिससे उद्यमियों के चेहरे खिल गए हैं।



माइक्रोस्कोप पर कम हुआ जीएसटी : बंसल
साइंस इंडस्ट्री में माइक्रोस्कोप का सर्वाधिक निर्माण होता है। साइंटिफिक अपरेंट्स मेन्यूफेक्चर्र एंड एक्सपोर्टर एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण प्रकाश बंसल ने बताया कि माइक्रोस्कोप पर जीएसटी 18 प्रतिशत किया गया है, मगर अभी पूरी जानकारी आना बाकी है। करीब 50 से ज्यादा साइंस उपकरणों पर 28 प्रतिशत से जीएसटी कम कर दिया गया है। 18, 12 और पांच प्रतिशत की स्लैब अलग-अलग उपकरणों पर तय की गई है। सरकार ने देर से ही सही मगर अब सही निर्णय लेकर अंबाला के पुराने उद्योग को बर्बाद होने से बचा लिया है।

यह साइंस उद्यमियों की जीत है : महेश सिंघल
जीएसटी कम होना साइंस उद्यमियों की जीत है। सरकार ने पहले गलत निर्णय लिया था जिसका खामियाजा साइंस उद्यमियों को उठाना पड़ रहा था। मगर अब संघर्ष रंग लाया है। मुख्य माइक्रोस्कोप पर जीएसटी 28 प्रतिशत से कम हो गया है, माइक्रोस्कोप निर्माताओं को इससे भारी राहत मिली है। अभी केवल उपकरणों पर जीएसटी कम होने की जानकारी आई है। किस उपकरण पर कितना जीएसटी कम हुआ है इसकी सटीक जानकारी शनिवार को मिलेगी।

बच जाएगा साइंस उद्योग : उमेश गुप्ता
अंबाला का साइंस उद्योग पहले ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीन से प्रतिस्पर्धा की जंग लड़ रहा है। ऊपर से सरकार ने 28 प्रतिशत जीएसटी लगाकर उद्योग की कमर तोड़ दी थी, मगर अब जीएसटी कम करने की जानकारी मिली है जोकि उद्योग के लिए ऑक्सीजन के बराबर है। इससे उद्योग में नई जान आएगी। अभी पूरी जानकारी मिलना बाकी है कि किस उपकरण पर कितनी जीएसटी तय की गई है।

डेढ़ हजार से ज्यादा इकाईयां
बता दें कि अंबाला में साइंस उपकरणों की 1500 से ज्यादा छोटी एवं बड़ी इकाइयां है जोकि अलग-अलग साइंस उपकरणों का निर्माण करती है। माइक्रोस्कोप के अलावा ग्लासवेयर, लैबोरेटरी एवं फिजिक्स इंस्ट्रूमेंट का निर्माण यहां होता है। इंडस्ट्री का टर्नओवर करीब 800 करोड़ है।

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