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Ambala News: 2.32 हजार श्रमिकों का पंजीकरण पर योजना का लाभ धरातल तक नहीं पहुंचा
Tue, 28 Oct 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक के एजेंडों पर समीक्षा की गई। इसके बाद बैठक में 86 एजेंडों पर समीक्षा शुरू हुई। बैठक में 86 में से 66 एजेंडों पर चर्चा हुई, जबकि 20 एजेंडों पर अगली बैठक में समीक्षा होगी। वहीं, बैठक में लोकसभा सांसद वरुण चौधरी व राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने अधिकारियों से सवालों के जवाब लिए, मगर अधिकारी अधूरी सूचना लेकर बैठक में पहुंचे।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत सांसदों ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अंबाला क्षेत्रीय अधिकारी से जानकारी ली। बोर्ड अधिकारी ने बताया कि शहर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में एक्यूआई मापने के लिए यंत्र लगा है। वहीं, इस एकमात्र यंत्र को भी अंतिम सप्ताह में ही ठीक करवाया गया है। टेंडर रिन्यू न होने से यह पिछले वर्ष अक्तूबर माह से बंद था। ई-श्रम पोर्टल में अंबाला में 2.32 हजार असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया है, जबकि इस योजना का लाभ धरातल तक नहीं पहुंचा। सांसदों ने कहा कि इस योजना के बारे में श्रमिकों को जानकारी ही नहीं है। विभाग को जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम करने चाहिए।
अधिकारी उद्घाटन पर कम ध्यान दें : कार्तिकेय
मेयर शैलजा सचदेवा ने सांसदों को बताया कि शहर की गुरु गोबिंद सिंह लाइब्रेरी में पंखे तक नहीं चलते हैं। बैठने की व्यवस्था भी नहीं है। शौचालय नहीं हैं। इस पर सांसद वरुण चौधरी व कार्तिकेय शर्मा ने निगम आयुक्त को तुरंत प्रभाव से यहां अस्थाई शौचालय रखवाने के निर्देश दिए। सांसद कार्तिकेय ने कहा कि अधिकारी उद्घाटन पर कम ध्यान दें और कार्य करें। उन्होंने कहा कि क्या छोटे कार्यों के लिए भी टेंडर करना पड़ेगा। खेलो इंडिया कार्यक्रम पर सांसद वरुण चौधरी जिला खेल अधिकारी से जानकारी ले रहे थे। उन्होंने कहा कि जो सांसद विपक्ष में है। उनको कोई निमंत्रण नहीं दिया गया और बैठक हो चुकी है। वहीं, अधिकारी ने सांसद को बताया कि बैठक को लेकर उनको कोई लिखित पत्र नहीं आया था। सांसद ने समिति की ओर से अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
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सीएससी केंद्र संचालक ले रहे ज्यादा पैसे, आ रही शिकायतें
डिजिटल इंडिया-प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल सेवा केंद्र उपलब्ध करवाने की योजना पर जिला प्रबंधक सीएससी से सांसदों ने जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले के गांव में 400 सीएससी केंद्र चल रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में कितने केंद्र चल रहे हैं, इनकी जानकारी नहीं दी गई। सांसदों ने कहा कि शिकायतें आ रही हैं कि सीएससी केंद्र संचालक लोगों से ज्यादा पैसे ले रहे हैं और जिनके नाम पर यह केंद्र दिए गए हैं, उनकी बजाय दूसरे लोग केंद्र चला रहे हैं। सांसदों ने सभी सीएससी केंद्र पर रेट सूची चस्पा करने के निर्देश दिए और उनका सत्यापन कर फोटो सहित समिति को देने के निर्देश दिए गए। सांसदों ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण स्कीम मिड डे मील के तहत आंकड़ों को चेक किया तो उनको असमानता मिली। इस पर डीईईओ ज्योति सभरवाल ने जवाब दिया। सांसदों ने कहा कि कुक होनोरेरियम पिछले वर्ष 8.35 करोड़ दिया गया था, जबकि इस वर्ष आधा वर्ष बीतने पर ही छह करोड़ रुपये दे दिए गए। यही नहीं स्कूलों में साबुन के लिए भी बजट नहीं पहुंचा। विभाग की ओर से दिए गए आंकड़ों में असमानता होने पर सांसदों ने इसकी जांच के निर्देश दिए। समग्र शिक्षा के तहत सांसदों ने विभाग की ओर से प्रस्तुत किए आंकड़ों के बाद सवाल पूछा कि जिले में राजकीय स्कूलों में कितने कक्षा-कक्ष और कितने शौचालयों की जरूरत है, कितनों की कमी है। यह जानकारी बताएं। इस पर विभाग अधिकारी जानकारी नहीं दे पाए। विभाग अधिकारी को एक सप्ताह में यह जानकारी देने के निर्देश दिए। यही नहीं प्रेम नगर स्कूल में दो बार उद्घाटन होने के बाद भी कार्य शुरू न होने पर जवाब मांगा। साथ ही कपड़ा मार्केट सात नंबर स्कूल में मिट्टी डलवाने के लिए भी अधिकारियों को कहा ताकि यहां बरसाती सीजन में जलभराव न हो सके।
सीवरेज लाइन नहीं हो पाई हैंडओवर, सांसद बोले, अधिकारी फुटबाॅल न बनाएं
अमृत योजना 1.0 योजना में पानी व सीवरेज लाइन को नगर निगम की ओर से दबाया गया। इस योजना पर करीब 58 करोड़ खर्च हुए। नगर निगम अधिकारियों ने पीने के पानी की लाइन तो जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दी, लेकिन सीवरेज की लाइन को अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया। इस पर निगम आयुक्त ने सांसदों को अवगत करवाया कि इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है। इस पर सांसदों ने कहा कि आठ वर्ष बाद भी यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई, जबकि 58 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। यह घोटाला है। सांसदों ने कहा कि नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी फुटबॉल न बनाएं। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से दोनों विभागों के बारे में लिखा जाएगा।
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अंबाला सिटी। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक के एजेंडों पर समीक्षा की गई। इसके बाद बैठक में 86 एजेंडों पर समीक्षा शुरू हुई। बैठक में 86 में से 66 एजेंडों पर चर्चा हुई, जबकि 20 एजेंडों पर अगली बैठक में समीक्षा होगी। वहीं, बैठक में लोकसभा सांसद वरुण चौधरी व राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने अधिकारियों से सवालों के जवाब लिए, मगर अधिकारी अधूरी सूचना लेकर बैठक में पहुंचे।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत सांसदों ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अंबाला क्षेत्रीय अधिकारी से जानकारी ली। बोर्ड अधिकारी ने बताया कि शहर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में एक्यूआई मापने के लिए यंत्र लगा है। वहीं, इस एकमात्र यंत्र को भी अंतिम सप्ताह में ही ठीक करवाया गया है। टेंडर रिन्यू न होने से यह पिछले वर्ष अक्तूबर माह से बंद था। ई-श्रम पोर्टल में अंबाला में 2.32 हजार असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया है, जबकि इस योजना का लाभ धरातल तक नहीं पहुंचा। सांसदों ने कहा कि इस योजना के बारे में श्रमिकों को जानकारी ही नहीं है। विभाग को जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम करने चाहिए।
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अधिकारी उद्घाटन पर कम ध्यान दें : कार्तिकेय
मेयर शैलजा सचदेवा ने सांसदों को बताया कि शहर की गुरु गोबिंद सिंह लाइब्रेरी में पंखे तक नहीं चलते हैं। बैठने की व्यवस्था भी नहीं है। शौचालय नहीं हैं। इस पर सांसद वरुण चौधरी व कार्तिकेय शर्मा ने निगम आयुक्त को तुरंत प्रभाव से यहां अस्थाई शौचालय रखवाने के निर्देश दिए। सांसद कार्तिकेय ने कहा कि अधिकारी उद्घाटन पर कम ध्यान दें और कार्य करें। उन्होंने कहा कि क्या छोटे कार्यों के लिए भी टेंडर करना पड़ेगा। खेलो इंडिया कार्यक्रम पर सांसद वरुण चौधरी जिला खेल अधिकारी से जानकारी ले रहे थे। उन्होंने कहा कि जो सांसद विपक्ष में है। उनको कोई निमंत्रण नहीं दिया गया और बैठक हो चुकी है। वहीं, अधिकारी ने सांसद को बताया कि बैठक को लेकर उनको कोई लिखित पत्र नहीं आया था। सांसद ने समिति की ओर से अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
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सीएससी केंद्र संचालक ले रहे ज्यादा पैसे, आ रही शिकायतें
डिजिटल इंडिया-प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल सेवा केंद्र उपलब्ध करवाने की योजना पर जिला प्रबंधक सीएससी से सांसदों ने जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले के गांव में 400 सीएससी केंद्र चल रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में कितने केंद्र चल रहे हैं, इनकी जानकारी नहीं दी गई। सांसदों ने कहा कि शिकायतें आ रही हैं कि सीएससी केंद्र संचालक लोगों से ज्यादा पैसे ले रहे हैं और जिनके नाम पर यह केंद्र दिए गए हैं, उनकी बजाय दूसरे लोग केंद्र चला रहे हैं। सांसदों ने सभी सीएससी केंद्र पर रेट सूची चस्पा करने के निर्देश दिए और उनका सत्यापन कर फोटो सहित समिति को देने के निर्देश दिए गए। सांसदों ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण स्कीम मिड डे मील के तहत आंकड़ों को चेक किया तो उनको असमानता मिली। इस पर डीईईओ ज्योति सभरवाल ने जवाब दिया। सांसदों ने कहा कि कुक होनोरेरियम पिछले वर्ष 8.35 करोड़ दिया गया था, जबकि इस वर्ष आधा वर्ष बीतने पर ही छह करोड़ रुपये दे दिए गए। यही नहीं स्कूलों में साबुन के लिए भी बजट नहीं पहुंचा। विभाग की ओर से दिए गए आंकड़ों में असमानता होने पर सांसदों ने इसकी जांच के निर्देश दिए। समग्र शिक्षा के तहत सांसदों ने विभाग की ओर से प्रस्तुत किए आंकड़ों के बाद सवाल पूछा कि जिले में राजकीय स्कूलों में कितने कक्षा-कक्ष और कितने शौचालयों की जरूरत है, कितनों की कमी है। यह जानकारी बताएं। इस पर विभाग अधिकारी जानकारी नहीं दे पाए। विभाग अधिकारी को एक सप्ताह में यह जानकारी देने के निर्देश दिए। यही नहीं प्रेम नगर स्कूल में दो बार उद्घाटन होने के बाद भी कार्य शुरू न होने पर जवाब मांगा। साथ ही कपड़ा मार्केट सात नंबर स्कूल में मिट्टी डलवाने के लिए भी अधिकारियों को कहा ताकि यहां बरसाती सीजन में जलभराव न हो सके।
सीवरेज लाइन नहीं हो पाई हैंडओवर, सांसद बोले, अधिकारी फुटबाॅल न बनाएं
अमृत योजना 1.0 योजना में पानी व सीवरेज लाइन को नगर निगम की ओर से दबाया गया। इस योजना पर करीब 58 करोड़ खर्च हुए। नगर निगम अधिकारियों ने पीने के पानी की लाइन तो जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दी, लेकिन सीवरेज की लाइन को अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया। इस पर निगम आयुक्त ने सांसदों को अवगत करवाया कि इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है। इस पर सांसदों ने कहा कि आठ वर्ष बाद भी यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई, जबकि 58 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। यह घोटाला है। सांसदों ने कहा कि नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी फुटबॉल न बनाएं। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से दोनों विभागों के बारे में लिखा जाएगा।