{"_id":"5c2e663fbdec2256bf2a53bb","slug":"21546544703-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीडीपीओ ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान नहीं किया तो हताश किसान ने सुसाइड करने की कोशिश की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीडीपीओ ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान नहीं किया तो हताश किसान ने सुसाइड करने की कोशिश की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो नंबर :: 16, 17, 18
बर्बाद होती फसल देख किसान ने कीटनाशक पीया, अस्पताल में दाखिल
जफरपुर का मामला, बीडीपीओ ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान नहीं किया तो हताश किसान ने उठाया कदम
खेतों में अपनी फसल में से पानी निकासी करवाने के लिए सीएम विंडो तक दी शिकायत, नहीं हुई कोई सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। किसान अपनी फसल गंदे पानी से बचाने के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटाता रहा। सीएम विंडो पर भी गुहार लगाई, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। उधर, कथित तौर पर अधिकारियों के बिगड़े बोल से किसान इस कदर आहत हो गया कि उसने कीटनाशक पीकर सुसाइड करने की कोशिश की। गनीमत रही कि उसे समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिया गया। फिलहाल किसान एमएम मुलाना अस्पताल में उपचाराधीन है, लेकिन यह वाक्या बता गया कि समस्या के निराकरण को लेकर अधिकारी कितने संजीदा हैं। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह है मामला
किसान संजीव कुमार ने पुलिस को बयान दिया कि उसके खेत में पानी निकासी का नाला उतर रहा है। पूरे गांव का गंदा पानी यहां जमा होने से उसकी खड़ी फसल बर्बाद होती है। कई बार सीएम विंडो पर समस्या के निराकरण की मांग की। शिकायत के बाद मौके पर बीडीपीओ सुमन कादियान, पंच हंसराज, ग्राम सचिव नेत्रपाल व सरपंच का बेटा अमनदीप गए, लेकिन समस्या का हल नहीं किया, जबकि ऐसा कई बार हुआ। वीरवार को भी बीडीपीओ सुमन कादियान मौके पर गईं और समस्या के बारे में बताया। कुछ देर रुकने के बाद वह चली गईं। अधिकारी के बिना कोई ठोस आश्वासन और कार्रवाई के वापस जाने के बाद संजीव इस कदर हताश हो गया कि उसने अपने खेतों में पड़ी कीटनाशक दवा पी ली। यह देख मौके पर मौजूद परिजन तुरंत संजीव को एमएम मेडिकल कॉलेज मुलाना में लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, जिसके बाद अब उसकी हालत में सुधार है।
यह कहते हैं लोग
किसान संजीव कुमार, विक्रम सिंह, गौरव, राजेंद्र, महिपाल, पूर्व सरपंच सुशील, कमल व शुभम ने बताया कि पानी निकासी की शिकायत सीएम विंडो पर की गई, लेकिन मौके पर कोई नहीं आया। सरपंच राम सिंह की रिपोर्ट के आधार पर ही सीएम विंडो की इतिश्री कर कहा कि मौके पर खेतों में पानी नहीं है। लोगों का कहना है कि यह रिपोर्ट भी सरपंच ने मौके पर न जाकर घर बैठकर तैयार कर दी, जिसे बीडीपीओ सुमन कादियान ने मान लिया। बाद में बीडीपीओ ने मौके का मुआयना किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
कोट्स
इस मामले की मेरे पास शिकायत आ चुकी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील कादियान, थाना मुलाना प्रभारी।
---------
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। किसान ने कभी मुझे लिखित तौर पर या मौखिक तौर पर नहीं कहा। मुझे तो अभी बीडीपीओ सुमन कादियान ने बताया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
-संतोष चौहान सारवान, विधायक, मुलाना।
--------
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। मैं आज मौके का मुआयना करने गई थी। मुझ पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं।
-सुमन कादियान, बीडीपीओ, बराड़ा।
विज्ञापन
बर्बाद होती फसल देख किसान ने कीटनाशक पीया, अस्पताल में दाखिल
जफरपुर का मामला, बीडीपीओ ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान नहीं किया तो हताश किसान ने उठाया कदम
खेतों में अपनी फसल में से पानी निकासी करवाने के लिए सीएम विंडो तक दी शिकायत, नहीं हुई कोई सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। किसान अपनी फसल गंदे पानी से बचाने के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटाता रहा। सीएम विंडो पर भी गुहार लगाई, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। उधर, कथित तौर पर अधिकारियों के बिगड़े बोल से किसान इस कदर आहत हो गया कि उसने कीटनाशक पीकर सुसाइड करने की कोशिश की। गनीमत रही कि उसे समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिया गया। फिलहाल किसान एमएम मुलाना अस्पताल में उपचाराधीन है, लेकिन यह वाक्या बता गया कि समस्या के निराकरण को लेकर अधिकारी कितने संजीदा हैं। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह है मामला
किसान संजीव कुमार ने पुलिस को बयान दिया कि उसके खेत में पानी निकासी का नाला उतर रहा है। पूरे गांव का गंदा पानी यहां जमा होने से उसकी खड़ी फसल बर्बाद होती है। कई बार सीएम विंडो पर समस्या के निराकरण की मांग की। शिकायत के बाद मौके पर बीडीपीओ सुमन कादियान, पंच हंसराज, ग्राम सचिव नेत्रपाल व सरपंच का बेटा अमनदीप गए, लेकिन समस्या का हल नहीं किया, जबकि ऐसा कई बार हुआ। वीरवार को भी बीडीपीओ सुमन कादियान मौके पर गईं और समस्या के बारे में बताया। कुछ देर रुकने के बाद वह चली गईं। अधिकारी के बिना कोई ठोस आश्वासन और कार्रवाई के वापस जाने के बाद संजीव इस कदर हताश हो गया कि उसने अपने खेतों में पड़ी कीटनाशक दवा पी ली। यह देख मौके पर मौजूद परिजन तुरंत संजीव को एमएम मेडिकल कॉलेज मुलाना में लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, जिसके बाद अब उसकी हालत में सुधार है।
विज्ञापन
यह कहते हैं लोग
किसान संजीव कुमार, विक्रम सिंह, गौरव, राजेंद्र, महिपाल, पूर्व सरपंच सुशील, कमल व शुभम ने बताया कि पानी निकासी की शिकायत सीएम विंडो पर की गई, लेकिन मौके पर कोई नहीं आया। सरपंच राम सिंह की रिपोर्ट के आधार पर ही सीएम विंडो की इतिश्री कर कहा कि मौके पर खेतों में पानी नहीं है। लोगों का कहना है कि यह रिपोर्ट भी सरपंच ने मौके पर न जाकर घर बैठकर तैयार कर दी, जिसे बीडीपीओ सुमन कादियान ने मान लिया। बाद में बीडीपीओ ने मौके का मुआयना किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
कोट्स
इस मामले की मेरे पास शिकायत आ चुकी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील कादियान, थाना मुलाना प्रभारी।
---------
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। किसान ने कभी मुझे लिखित तौर पर या मौखिक तौर पर नहीं कहा। मुझे तो अभी बीडीपीओ सुमन कादियान ने बताया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
-संतोष चौहान सारवान, विधायक, मुलाना।
--------
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। मैं आज मौके का मुआयना करने गई थी। मुझ पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं।
-सुमन कादियान, बीडीपीओ, बराड़ा।