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सील के बाद स्क्रीनिंग प्लांट चलाते पाया गया तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी संचालक के खिलाफ दर्ज करे केस
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सील के बाद स्क्रीनिंग प्लांट चलता मिले तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी संचालक के खिलाफ कराए केस दर्ज
फोटो नंबर------14
डीसी ने गैरकानूनी माइनिंग के नियंत्रण के लिए गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक ली
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गैरकानूनी माइनिंग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले लोगों के विरुद्ध तुरंत और सख्त कार्रवाई करें अन्यथा कार्रवाई में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बराड़ सोमवार को डीसी कार्यालय में गैरकानूनी माइनिंग के नियंत्रण के लिए गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि माइनिंग कार्य से जुड़े सभी स्क्रीनिंग प्लांट सील किए हुए हैं और यदि कोई प्लांट संचालक उसके बाद भी ऐसे प्लांट को चलाता है तो उसके खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज करवाएं। इस तरह के मुकदमे प्लांट चलाने वाले स्टाफ के बजाए संचालकों के विरुद्ध दर्ज करवाएं। बेगना व मारकंडा सहित ऐसे सभी स्थानों पर जहां गैरकानूनी माइनिंग हो रही हो, उस पर माइनिंग विभाग, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी नियमानुसार सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पुलिस के साथ टीमें बनाकर माइनिंग कार्यों की निरंतर जांच करें और कोई भी गैरकानूनी गतिविधि पाए जाने पर तुरंत मुकदमा दर्ज करवाएं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी व्यक्तियों को जल्द गिरफ्तार करें और नियमानुसार न्यायालय में चालान प्रस्तुत करें।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गैर कानूनी प्लांटों को सील करने में कोई ढीली कार्रवाई न करें और यदि इस तरह का कोई मामला ध्यान में आए तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ नरेश कुमार ने बताया कि सील करने के बावजूद चलाए जा रहे चार प्लांटों को पुन: सील किया जा रहा है।
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इस साल दर्ज किए गए 55 केस
नारायणगढ़ पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि इस वर्ष माइनिंग के तहत 55 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 28 के चालान पेश किए जा चुके हैं। इसी प्रकार जिला माइनिंग अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दिसंबर में गैर कानूनी माइनिंग के 12 मुकदमे दर्ज करवाए गए हैं। डीसी ने एसडीएम नारायणगढ़ को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर अधिकारियों की टीमें गठित करके माइनिंग गतिविधियों पर नजर रखें और कोई भी मामला मिलने पर माइनिंग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से तुरंत कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं। बैठक में एसडीएम अदिति भी मौजूद रहीं।
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डीसी ने गैरकानूनी माइनिंग के नियंत्रण के लिए गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक ली
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गैरकानूनी माइनिंग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले लोगों के विरुद्ध तुरंत और सख्त कार्रवाई करें अन्यथा कार्रवाई में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बराड़ सोमवार को डीसी कार्यालय में गैरकानूनी माइनिंग के नियंत्रण के लिए गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि माइनिंग कार्य से जुड़े सभी स्क्रीनिंग प्लांट सील किए हुए हैं और यदि कोई प्लांट संचालक उसके बाद भी ऐसे प्लांट को चलाता है तो उसके खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज करवाएं। इस तरह के मुकदमे प्लांट चलाने वाले स्टाफ के बजाए संचालकों के विरुद्ध दर्ज करवाएं। बेगना व मारकंडा सहित ऐसे सभी स्थानों पर जहां गैरकानूनी माइनिंग हो रही हो, उस पर माइनिंग विभाग, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी नियमानुसार सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पुलिस के साथ टीमें बनाकर माइनिंग कार्यों की निरंतर जांच करें और कोई भी गैरकानूनी गतिविधि पाए जाने पर तुरंत मुकदमा दर्ज करवाएं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी व्यक्तियों को जल्द गिरफ्तार करें और नियमानुसार न्यायालय में चालान प्रस्तुत करें।
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उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गैर कानूनी प्लांटों को सील करने में कोई ढीली कार्रवाई न करें और यदि इस तरह का कोई मामला ध्यान में आए तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ नरेश कुमार ने बताया कि सील करने के बावजूद चलाए जा रहे चार प्लांटों को पुन: सील किया जा रहा है।
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इस साल दर्ज किए गए 55 केस
नारायणगढ़ पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि इस वर्ष माइनिंग के तहत 55 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 28 के चालान पेश किए जा चुके हैं। इसी प्रकार जिला माइनिंग अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दिसंबर में गैर कानूनी माइनिंग के 12 मुकदमे दर्ज करवाए गए हैं। डीसी ने एसडीएम नारायणगढ़ को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर अधिकारियों की टीमें गठित करके माइनिंग गतिविधियों पर नजर रखें और कोई भी मामला मिलने पर माइनिंग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से तुरंत कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं। बैठक में एसडीएम अदिति भी मौजूद रहीं।