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270 सैनिकों व परिजनों को दिए गए लर्निंग लाइसेंस
Updated Sun, 12 Aug 2018 01:05 AM IST
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270 सैनिकों और उनके परिजनों के बनाए लर्निंग लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। जिला प्रशासन द्वारा सेना परिसर में ही सैनिकों को चालक लाइसेंस और आधार पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए शनिवार को विशेष शिविर लगाया गया। इसका शुभारंभ डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने किया। मौके पर स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर एसएस सिंधू, ब्रिगेडियर प्रशासन एमपी तोमर, कर्नल आरएस दलाल, एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग और डीआईओ विनय गुलाटी उपस्थित रहे। शिविर में 270 सैनिकों व उनके परिजनों के लर्निंग लाइसेंस और 24 सैनिकों व परिजनों के आधार पंजीकरण किए गए।
डीसी ने कहा कि सैनिकों को चालक लाइसेंस बनवाने के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके यह लाइसेंस सेना परिसर में ही सुविधाजनक तरीके से बनाने के लिए यह शिविर लगाया गया है। सैनिकों और उनके परिजनों के लर्निंग लाइसेंस बनाए गए हैं और सेना अधिकारियों से बातचीत करके यदि सेना परिसर में ही ड्राइविंग टेस्ट की सुविधा उपलब्ध होती है तो लर्निंग लाइसेंस बनवाने वाले सैनिकों व उनके परिजनों के रेगुलर लाइसेंस बनाने के लिए भी ऐसा ही शिविर लगाया जाएगा। डीसी ने 20 से अधिक सैनिकों व उनके परिजनों को लर्निंग लाइसेंस प्रदान भी किए।
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सेना क्षेत्र में इस तरह का पहला शिविर
ब्रिगेडियर एमपी तोमर ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शायद सेना क्षेत्र में इस तरह का पहला शिविर लगाया गया है अन्यथा अन्य क्षेत्रों पर चालक लाइसेंस बनवाने के लिए सैनिकों को सिविल कार्यालयों में जाना पड़ता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। जिला प्रशासन द्वारा सेना परिसर में ही सैनिकों को चालक लाइसेंस और आधार पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए शनिवार को विशेष शिविर लगाया गया। इसका शुभारंभ डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने किया। मौके पर स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर एसएस सिंधू, ब्रिगेडियर प्रशासन एमपी तोमर, कर्नल आरएस दलाल, एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग और डीआईओ विनय गुलाटी उपस्थित रहे। शिविर में 270 सैनिकों व उनके परिजनों के लर्निंग लाइसेंस और 24 सैनिकों व परिजनों के आधार पंजीकरण किए गए।
डीसी ने कहा कि सैनिकों को चालक लाइसेंस बनवाने के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके यह लाइसेंस सेना परिसर में ही सुविधाजनक तरीके से बनाने के लिए यह शिविर लगाया गया है। सैनिकों और उनके परिजनों के लर्निंग लाइसेंस बनाए गए हैं और सेना अधिकारियों से बातचीत करके यदि सेना परिसर में ही ड्राइविंग टेस्ट की सुविधा उपलब्ध होती है तो लर्निंग लाइसेंस बनवाने वाले सैनिकों व उनके परिजनों के रेगुलर लाइसेंस बनाने के लिए भी ऐसा ही शिविर लगाया जाएगा। डीसी ने 20 से अधिक सैनिकों व उनके परिजनों को लर्निंग लाइसेंस प्रदान भी किए।
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सेना क्षेत्र में इस तरह का पहला शिविर
ब्रिगेडियर एमपी तोमर ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शायद सेना क्षेत्र में इस तरह का पहला शिविर लगाया गया है अन्यथा अन्य क्षेत्रों पर चालक लाइसेंस बनवाने के लिए सैनिकों को सिविल कार्यालयों में जाना पड़ता है।
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