{"_id":"5c57479cbdec220bb35c3046","slug":"191549223836-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बार पहुंचे मंत्री के निवास पर फार्मासिस्ट, नहीं मिले मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बार पहुंचे मंत्री के निवास पर फार्मासिस्ट, नहीं मिले मंत्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैडिंग : फार्मासिस्ट दो बार पहुंचे मंत्री के आवास, नहीं मिलने पर जलाई कैंडल
फोटो नंबर : 30, 31 व 32
-विरोध स्वरूप दिन में जलाई मंत्री निवास के समक्ष कैंडल
-करीब दो घंटे तक सर्दी में बैठे रहे मंत्री निवास के समक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। प्रदेश भर के फार्मासिस्ट रविवार को एसोसिएशन ऑफ गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के बैनर तले अंबाला में एकजुट हुए। फार्मासिस्ट ने अपनी मांगों को लेकर रोष मार्च निकाला। वह दो बार स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से उनके निवास पर मिलने के लिए पहुंचे। मंत्री के न मिलने पर उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। विरोधस्वरूप मंत्री के खिलाफ फार्मासिस्ट ने नारेबाजी की और मोमबित्तयां भी जलाईं। उधर दोपहर नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज ने एसोसिएशन से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि मंत्री विज मंगलवार को उनके साथ मुलाकात करेंगे। इस आश्वासन के बाद उनका विरोध समाप्त हुआ।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य प्रधान विनोद दलाल की अगुवाई में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। सुबह सैकड़ों फार्मासिस्ट मंत्री अनिल विज को ज्ञापन देने के लिए अग्रवाल धर्मशाला से पैदल मार्च करते हुए मंत्री विज के निवास शास्त्री कॉलोनी पहुंचे। मंत्री विज के न मिलने पर वह बैरंग वापस लौट आए। इसके बाद अग्रवाल धर्मशाला में बैठक की और संघर्ष का ऐलान किया। दोपहर डेढ़ बजे वह पुन: एकजुट होकर मंत्री के निवास के समक्ष इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान एसोसिएशन सदस्यों ने विरोध स्वरूप कैंडल भी जलाई। उनका तर्क था कि शायद सरकार दिन में रोशनी देखकर जाग जाए और उनकी मांगे पूरी कर ले। इस दौरान नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज व डीएसपी बलजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, मगर उनकी मांग थी कि जब तक उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता वह प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान एसोसिएशन सदस्य अनिल परमार, अरुण कुमार, धर्मपाल, वीरेंद्र सहारण, कुलदीप चीमा, बलजीत सिंह, बलविंदर सिंह, पपुनीत, सोनिका, हरजिंदर, सतीश, कृष्ण कुमार, जगपाल, नीरू भाटिया, सुरेश शर्मा, रामनिवास, रमेश, राजबीर सिंह, झज्जर से आरके दहिया, अनिल हुडा, जगदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
फार्मासिस्ट के बढ़ाए जाए पद : दलाल
पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद दलाल ने कहा कि सरकार द्वारा फार्मासिस्ट की पोस्ट बढ़ाई जानी चाहिए। सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों एवं अन्य स्टाफ की संख्या बढ़ा दी है जबकि फार्मासिस्ट की पोस्ट अब भी खाली पड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय फार्मासिस्ट की कुल 1022 पोस्ट हैं, जिनमें से तीन सौ से अधिक खाली है। मौजूदा समय में दो हजार से अधिक फार्मास्टि की जरूरत है।
विज्ञापन
यह उठाई मांगें
-वेतन में संशोधन कर 4600 ग्रेड पे दिया जाए
-प्रमोशन चैनल बनाया जाए
-डिप्टी डायरेक्टर का पद भरा जाए
-फूड व ड्रग विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर का पद सरकारी फार्मासिस्ट के प्रमोशन चैनल द्धारा भरा जाए
-फार्मासिस्ट के पद के लिए जरूरी शिक्षा बी फार्मेसी की जाए
-जोखिम भत्ता दिया जाए
-नए पद सृजित किए जाए व रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती की जाए
-फार्मासिस्ट को डॉक्टर की तर्ज पर एनपीए दिया जाए
-25 प्रतिशत का बहुउदेशीय वर्कर व लैब तकनीशियन द्वारा प्रमोशन से भरे जाने वाला कोटा खत्म किया जाए
-एनएचएम, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना, यूएचसी व पॉलीक्लिनिक फार्मासिस्ट, एचएमसीएल में अनुबंधित फार्मासिस्ट वर्ग के बायलॉज बनाकर उन्हें समान काम समान वेतन दिया जाए।
विज्ञापन
फोटो नंबर : 30, 31 व 32
-विरोध स्वरूप दिन में जलाई मंत्री निवास के समक्ष कैंडल
-करीब दो घंटे तक सर्दी में बैठे रहे मंत्री निवास के समक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। प्रदेश भर के फार्मासिस्ट रविवार को एसोसिएशन ऑफ गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के बैनर तले अंबाला में एकजुट हुए। फार्मासिस्ट ने अपनी मांगों को लेकर रोष मार्च निकाला। वह दो बार स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से उनके निवास पर मिलने के लिए पहुंचे। मंत्री के न मिलने पर उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। विरोधस्वरूप मंत्री के खिलाफ फार्मासिस्ट ने नारेबाजी की और मोमबित्तयां भी जलाईं। उधर दोपहर नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज ने एसोसिएशन से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि मंत्री विज मंगलवार को उनके साथ मुलाकात करेंगे। इस आश्वासन के बाद उनका विरोध समाप्त हुआ।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य प्रधान विनोद दलाल की अगुवाई में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। सुबह सैकड़ों फार्मासिस्ट मंत्री अनिल विज को ज्ञापन देने के लिए अग्रवाल धर्मशाला से पैदल मार्च करते हुए मंत्री विज के निवास शास्त्री कॉलोनी पहुंचे। मंत्री विज के न मिलने पर वह बैरंग वापस लौट आए। इसके बाद अग्रवाल धर्मशाला में बैठक की और संघर्ष का ऐलान किया। दोपहर डेढ़ बजे वह पुन: एकजुट होकर मंत्री के निवास के समक्ष इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान एसोसिएशन सदस्यों ने विरोध स्वरूप कैंडल भी जलाई। उनका तर्क था कि शायद सरकार दिन में रोशनी देखकर जाग जाए और उनकी मांगे पूरी कर ले। इस दौरान नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज व डीएसपी बलजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, मगर उनकी मांग थी कि जब तक उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता वह प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान एसोसिएशन सदस्य अनिल परमार, अरुण कुमार, धर्मपाल, वीरेंद्र सहारण, कुलदीप चीमा, बलजीत सिंह, बलविंदर सिंह, पपुनीत, सोनिका, हरजिंदर, सतीश, कृष्ण कुमार, जगपाल, नीरू भाटिया, सुरेश शर्मा, रामनिवास, रमेश, राजबीर सिंह, झज्जर से आरके दहिया, अनिल हुडा, जगदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
फार्मासिस्ट के बढ़ाए जाए पद : दलाल
पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद दलाल ने कहा कि सरकार द्वारा फार्मासिस्ट की पोस्ट बढ़ाई जानी चाहिए। सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों एवं अन्य स्टाफ की संख्या बढ़ा दी है जबकि फार्मासिस्ट की पोस्ट अब भी खाली पड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय फार्मासिस्ट की कुल 1022 पोस्ट हैं, जिनमें से तीन सौ से अधिक खाली है। मौजूदा समय में दो हजार से अधिक फार्मास्टि की जरूरत है।
विज्ञापन
यह उठाई मांगें
-वेतन में संशोधन कर 4600 ग्रेड पे दिया जाए
-प्रमोशन चैनल बनाया जाए
-डिप्टी डायरेक्टर का पद भरा जाए
-फूड व ड्रग विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर का पद सरकारी फार्मासिस्ट के प्रमोशन चैनल द्धारा भरा जाए
-फार्मासिस्ट के पद के लिए जरूरी शिक्षा बी फार्मेसी की जाए
-जोखिम भत्ता दिया जाए
-नए पद सृजित किए जाए व रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती की जाए
-फार्मासिस्ट को डॉक्टर की तर्ज पर एनपीए दिया जाए
-25 प्रतिशत का बहुउदेशीय वर्कर व लैब तकनीशियन द्वारा प्रमोशन से भरे जाने वाला कोटा खत्म किया जाए
-एनएचएम, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना, यूएचसी व पॉलीक्लिनिक फार्मासिस्ट, एचएमसीएल में अनुबंधित फार्मासिस्ट वर्ग के बायलॉज बनाकर उन्हें समान काम समान वेतन दिया जाए।