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कटाई के बाद फानों को न जलाए किसान : शरणदीप कौर
Updated Wed, 09 May 2018 01:32 AM IST
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फसल के अवशेष न जलाएं किसान : उपायुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने किसानों से आह्वान किया है कि वे गेहूं की कटाई के बाद शेष बचे अवशेष न जलाएं बल्कि अवशेषों को खेतों में ही दबाए। उन्होंने बताया कि वातावरण प्रदूषित होने से बचाने और होने वाले दुष्प्रभाव की रोकथाम के लिए फसलों के अवशेष जलाने पर सरकार ने पूर्णत: प्रतिबंध लगाया हुआ है। उन्होंने बताया कि संविधान की धारा 188 और प्रदूषण नियंत्रण एक्ट के अनुसार कृषि अवशेष जलाना एक दंडनीय अपराध है। यदि कोई किसान गेहूं के अवशेषों को जलाता हुआ पाया गया तो उस किसान को जुर्माना भरना होगा। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में उक्त व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1966 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं के अवशेष जलाने से न केवल जमीन की उर्वरा शक्ति कम होती है बल्कि वातावरण पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने किसानों से आह्वान किया है कि वे गेहूं की कटाई के बाद शेष बचे अवशेष न जलाएं बल्कि अवशेषों को खेतों में ही दबाए। उन्होंने बताया कि वातावरण प्रदूषित होने से बचाने और होने वाले दुष्प्रभाव की रोकथाम के लिए फसलों के अवशेष जलाने पर सरकार ने पूर्णत: प्रतिबंध लगाया हुआ है। उन्होंने बताया कि संविधान की धारा 188 और प्रदूषण नियंत्रण एक्ट के अनुसार कृषि अवशेष जलाना एक दंडनीय अपराध है। यदि कोई किसान गेहूं के अवशेषों को जलाता हुआ पाया गया तो उस किसान को जुर्माना भरना होगा। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में उक्त व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1966 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं के अवशेष जलाने से न केवल जमीन की उर्वरा शक्ति कम होती है बल्कि वातावरण पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।