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महिला की मौत के बाद नवजात पर हक जताने को लेकर पिता-नाना में जमकर कहासुनी
Updated Sun, 12 Aug 2018 01:00 AM IST
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महिला की मौत के बाद नवजात पर हक जताने के लिए पिता-नाना में कहासुनी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर के ट्रामा सेंटर में महिला की मौत हो जाने के बाद शनिवार को नवजात बच्चे पर हक जताने के लिए पिता बलदेव नगर निवासी अशोक कुमार व नाना पंजाब के पटियाला जिले के तेपला गांव निवासी रमेश कुमार पहुंचे। उनका कहना था कि वह बच्चे की अच्छी प्रकार से देखभाल कर सकते हैं, इसलिए बच्चा उन्हें दिया जाए। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हो गई। बता दें कि नवजात को जन्म देने के बाद महिला ने पति पर पीटने का आरोप लगाया था।
अंबाला शहर के बलदेव नगर निवासी अशोक की शादी 2015 में पटियाला निवासी रेनू से हुई थी। अशोक पिछले कुछ दिनों से बाहर गया था। इसी दौरान उसकी गर्भवती पत्नी की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे अस्पताल लाया गया, जहां उसने सातवें महीने में ही बेटे को जन्म दिया। बच्चा काफी कमजोर था, जिस कारण उसे सिविल अस्पताल में रखा जा रहा है। इसी दौरान रेनू की तबीयत अचानक खराब हो गई और 8 अगस्त को उसकी मौत हो गई। अशोक के ससुर रमेश का कहना है कि पत्नी की मौत के समय भी अशोक यहां नहीं आया। उसका कहना था कि वह अक्सर अपनी पत्नी को पीटता था और खर्चा तक नहीं देता था। उन्होंने कहा कि रेनू की पहले भी एक बेटी थी। हमें यह नहीं पता कि अब वह कहां है। ऐसे में हम अशोक को नवजात बच्चा नहीं दे सकते, क्योंकि वह उसकी उचित देखभाल नहीं कर सकेगा। हम बच्चे की परवरिश करेंगे और उसे अपने साथ लेकर जाएंगे। इसी बात को लेकर सिविल अस्पताल के नीक्कू वार्ड में दोनों पक्षों के बीच काफी बहस हुई। अशोक का कहना था कि वह ट्रक के साथ कोलकाता गया हुआ था। 9 अगस्त को जब वह आया तो उसे पता लगा कि उसकी पत्नी की मौत हो गई है। उसका कहना था कि ससुराल वालों ने तब भी उसके साथ बदसलूकी की। उसने यह भी बताया कि हमने पहली बच्ची कानूनी कारवाई के साथ व आपसी सहमति से किसी को गोद दिया हुआ है।
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बाल संरक्षण अधिकारी व टीम अस्पताल पहुंची
सूचना पाकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी मेघा सिंगला, बाल कल्याण समिति के सदस्य गुरदेव सिंह, चाइल्ड लाइन कोऑर्डिनेटर सुजाता सैनी, काउंसलर अजय भी अस्पताल में पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। मेघा सिंगला ने बताया कि यह मामला हमारे संज्ञान में आ गया है। जब शनिवार सुबह सिविल अस्पताल स्थित नीक्कू वार्ड में गए और बच्चे की स्थिति को देखा और डॉक्टर से भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को बाल कल्याण समिति कार्यालय में 13 अगस्त को बुलाया गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं। उसके बाद ही निष्कर्श निकलेगा कि बच्चा किसे सौंपा जाए।
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समय से पहले हो गई थी डिलीवरी
डॉक्टर अर्ल जसपाल ने बताया कि महिला की समय से पहले डिलीवरी हो गई थी। बच्चे का वजन काफी कम है। 13 दिन में वह 1 किलो 900 ग्राम का हुआ है। जब तक वह स्वस्थ नहीं हो जाता तब तक उसे निक्कू वार्ड में ही रखा जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर के ट्रामा सेंटर में महिला की मौत हो जाने के बाद शनिवार को नवजात बच्चे पर हक जताने के लिए पिता बलदेव नगर निवासी अशोक कुमार व नाना पंजाब के पटियाला जिले के तेपला गांव निवासी रमेश कुमार पहुंचे। उनका कहना था कि वह बच्चे की अच्छी प्रकार से देखभाल कर सकते हैं, इसलिए बच्चा उन्हें दिया जाए। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हो गई। बता दें कि नवजात को जन्म देने के बाद महिला ने पति पर पीटने का आरोप लगाया था।
अंबाला शहर के बलदेव नगर निवासी अशोक की शादी 2015 में पटियाला निवासी रेनू से हुई थी। अशोक पिछले कुछ दिनों से बाहर गया था। इसी दौरान उसकी गर्भवती पत्नी की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे अस्पताल लाया गया, जहां उसने सातवें महीने में ही बेटे को जन्म दिया। बच्चा काफी कमजोर था, जिस कारण उसे सिविल अस्पताल में रखा जा रहा है। इसी दौरान रेनू की तबीयत अचानक खराब हो गई और 8 अगस्त को उसकी मौत हो गई। अशोक के ससुर रमेश का कहना है कि पत्नी की मौत के समय भी अशोक यहां नहीं आया। उसका कहना था कि वह अक्सर अपनी पत्नी को पीटता था और खर्चा तक नहीं देता था। उन्होंने कहा कि रेनू की पहले भी एक बेटी थी। हमें यह नहीं पता कि अब वह कहां है। ऐसे में हम अशोक को नवजात बच्चा नहीं दे सकते, क्योंकि वह उसकी उचित देखभाल नहीं कर सकेगा। हम बच्चे की परवरिश करेंगे और उसे अपने साथ लेकर जाएंगे। इसी बात को लेकर सिविल अस्पताल के नीक्कू वार्ड में दोनों पक्षों के बीच काफी बहस हुई। अशोक का कहना था कि वह ट्रक के साथ कोलकाता गया हुआ था। 9 अगस्त को जब वह आया तो उसे पता लगा कि उसकी पत्नी की मौत हो गई है। उसका कहना था कि ससुराल वालों ने तब भी उसके साथ बदसलूकी की। उसने यह भी बताया कि हमने पहली बच्ची कानूनी कारवाई के साथ व आपसी सहमति से किसी को गोद दिया हुआ है।
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बाल संरक्षण अधिकारी व टीम अस्पताल पहुंची
सूचना पाकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी मेघा सिंगला, बाल कल्याण समिति के सदस्य गुरदेव सिंह, चाइल्ड लाइन कोऑर्डिनेटर सुजाता सैनी, काउंसलर अजय भी अस्पताल में पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। मेघा सिंगला ने बताया कि यह मामला हमारे संज्ञान में आ गया है। जब शनिवार सुबह सिविल अस्पताल स्थित नीक्कू वार्ड में गए और बच्चे की स्थिति को देखा और डॉक्टर से भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को बाल कल्याण समिति कार्यालय में 13 अगस्त को बुलाया गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं। उसके बाद ही निष्कर्श निकलेगा कि बच्चा किसे सौंपा जाए।
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समय से पहले हो गई थी डिलीवरी
डॉक्टर अर्ल जसपाल ने बताया कि महिला की समय से पहले डिलीवरी हो गई थी। बच्चे का वजन काफी कम है। 13 दिन में वह 1 किलो 900 ग्राम का हुआ है। जब तक वह स्वस्थ नहीं हो जाता तब तक उसे निक्कू वार्ड में ही रखा जाएगा।