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खेल महाकुंभ : एक साल में ही लिस्ट से बाहर हो गए सात गेम्स
Updated Tue, 16 Oct 2018 01:01 AM IST
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खेल महाकुंभ : एक साल में ही लिस्ट से बाहर हो गए सात गेम्स
बीते साल खेल महाकुंभ के तहत करवाए गए थे 22 गेम्स, इस बार मात्र 15 गेम्स में ही होंगे मुकाबले
स्वीमिंग व वेटलिफ्टिंग जैसी ओलंपिक गेम को भी खेल महाकुंभ से बाहर किया
कुलदीप चहल
अंबाला कैंट। खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू किया गया खेल महाकुंभ एक साल में ही बैकफुट पर आता दिख रहा है। बीते साल जहां खेल महाकुंभ के तहत जहां 22 गेम्स में प्रतियोगिताएं लिस्ट में शामिल की गईं थीं, वहीं इस साल यह आंकड़ा 15 पर पहुंच गया है। खास है कि ओलंपिक खेलों में शामिल स्वीमिंग व वेट लिफ्टिंग भी इस बार खेल महाकुंभ की जिलास्तरीय प्रतियोगिता से बाहर है।
प्रदेश में शुरू किए गए खेल महाकुंभ में बेशक खिलाड़ी उत्साह से भाग ले रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा खेलों को प्रोत्साहित करने का यह एक बेहतरीन कदम है लेकिन स्थिति यह है कि मात्र एक साल ही में खेल विभाग का सात गेम्स से मोहभंग हो गया। हालांकि इसका कारण ओलंपिक खेलों में शामिल गेम्स को प्रमोट करना बताया जा रहा है, जबकि स्थिति कुछ और ही है। कई गेम्स ऐसे हैं, जिनको इस साल खेल विभाग ने अपने खेल महाकुंभ में शामिल ही नहीं किया है।
यह अंतर है खेल प्रतियोगिताओं का
साल 2017 में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फुटबाल, जिमनास्टिक, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, खो-खो, नेटबॉल, स्वीमिंग, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग, वुशू, सर्कल कबड्डी, टग ऑफ वार गेम्स में प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। साल 2018 खेल महाकुंभ में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, कबड्डी नेशनल स्टाइल, वॉलीबॉल, जूडो, लॉन टेनिस, बॉक्सिंग, फुटबॉल, जिमनास्टिक, हैंडबॉल, हॉकी, रेसलिंग, टेबल टेनिस की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। साल 2018 में खो-खो, स्वीमिंग, वेटलिफ्टिंग, वुशू, टग ऑफ वार प्रतियोगिताएं नहीं करवाई जा रही हैं। खास है कि ओलंपिक में शामिल स्वींमिंग व वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताएं आयोजन की लिस्ट से बाहर हैं।
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डिजीटल ट्रांसफर नहीं होगा कैश रिवार्ड
खेल प्रतियोगिताओं में विजेता रहने वाले खिलाड़ियों को बीते साल जहां उनके अकाउंट में विजेता राशि डालने का प्रावधान किया गया था, वहीं इस बार यह राशि कैश प्रदान की जाएगी। बताया जाता है कि कई खिलाड़ियों के खाता नंबर आदि गलत होने के कारण यह कदम उठाया गया है। इस बार विजेता खिलाड़ियों को सीधे कैश ही दिया जाएगा।
कोट
यह सही है कि पिछले साल 22 गेम्स थे, जबकि इस बार 15 गेम्स की लिस्टिंग हुई है। जो भी निर्देश आयोजन को लेकर मिले हैं, उसे फॉलो किया जा रहा है।
-अरुणकांत, खेल उपनिदेशक, खेल विभाग, हरियाणा।
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बीते साल खेल महाकुंभ के तहत करवाए गए थे 22 गेम्स, इस बार मात्र 15 गेम्स में ही होंगे मुकाबले
स्वीमिंग व वेटलिफ्टिंग जैसी ओलंपिक गेम को भी खेल महाकुंभ से बाहर किया
कुलदीप चहल
अंबाला कैंट। खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू किया गया खेल महाकुंभ एक साल में ही बैकफुट पर आता दिख रहा है। बीते साल जहां खेल महाकुंभ के तहत जहां 22 गेम्स में प्रतियोगिताएं लिस्ट में शामिल की गईं थीं, वहीं इस साल यह आंकड़ा 15 पर पहुंच गया है। खास है कि ओलंपिक खेलों में शामिल स्वीमिंग व वेट लिफ्टिंग भी इस बार खेल महाकुंभ की जिलास्तरीय प्रतियोगिता से बाहर है।
प्रदेश में शुरू किए गए खेल महाकुंभ में बेशक खिलाड़ी उत्साह से भाग ले रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा खेलों को प्रोत्साहित करने का यह एक बेहतरीन कदम है लेकिन स्थिति यह है कि मात्र एक साल ही में खेल विभाग का सात गेम्स से मोहभंग हो गया। हालांकि इसका कारण ओलंपिक खेलों में शामिल गेम्स को प्रमोट करना बताया जा रहा है, जबकि स्थिति कुछ और ही है। कई गेम्स ऐसे हैं, जिनको इस साल खेल विभाग ने अपने खेल महाकुंभ में शामिल ही नहीं किया है।
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यह अंतर है खेल प्रतियोगिताओं का
साल 2017 में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फुटबाल, जिमनास्टिक, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, खो-खो, नेटबॉल, स्वीमिंग, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग, वुशू, सर्कल कबड्डी, टग ऑफ वार गेम्स में प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। साल 2018 खेल महाकुंभ में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, कबड्डी नेशनल स्टाइल, वॉलीबॉल, जूडो, लॉन टेनिस, बॉक्सिंग, फुटबॉल, जिमनास्टिक, हैंडबॉल, हॉकी, रेसलिंग, टेबल टेनिस की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। साल 2018 में खो-खो, स्वीमिंग, वेटलिफ्टिंग, वुशू, टग ऑफ वार प्रतियोगिताएं नहीं करवाई जा रही हैं। खास है कि ओलंपिक में शामिल स्वींमिंग व वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताएं आयोजन की लिस्ट से बाहर हैं।
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डिजीटल ट्रांसफर नहीं होगा कैश रिवार्ड
खेल प्रतियोगिताओं में विजेता रहने वाले खिलाड़ियों को बीते साल जहां उनके अकाउंट में विजेता राशि डालने का प्रावधान किया गया था, वहीं इस बार यह राशि कैश प्रदान की जाएगी। बताया जाता है कि कई खिलाड़ियों के खाता नंबर आदि गलत होने के कारण यह कदम उठाया गया है। इस बार विजेता खिलाड़ियों को सीधे कैश ही दिया जाएगा।
कोट
यह सही है कि पिछले साल 22 गेम्स थे, जबकि इस बार 15 गेम्स की लिस्टिंग हुई है। जो भी निर्देश आयोजन को लेकर मिले हैं, उसे फॉलो किया जा रहा है।
-अरुणकांत, खेल उपनिदेशक, खेल विभाग, हरियाणा।