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टांगरी में आया चार हजार क्यूसिक पानी, हड़कंप
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। हिमाचल के पहाड़ों में वीरवार को जोरदार बारिश के बाद रात को एकाएक टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ गया। बारिश की वजह से चार हजार क्यूसिक पानी नदी में आ गया और रात होते-होते यहां पर स्थिति खराब होने लगी जिससे लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बार सिंचाई विभाग ने व्यापक स्तर पर नदी तल की सफाई की थी जबकि तल में बनाए गए नए चैनल से यह पानी कालोनियों में नहीं आया। मगर पहाड़ों में यदि और बारिश होती है तो आने वाले दिनों में यहां जलस्तर बढ़ सकता है। उधर, रात को सिंचाई विभाग की टीम स्थिति पर नजर रखने के लिए टांगरी ब्रिज पर पहुंच गई थी।
पंचकूला के मोरनी हिल्स एवं आसपास क्षेत्र में वीरवार को भारी बारिश हुई। जिले में भी दोपहर तक बारिश रही जिस कारण चार हजार क्यूसिक पानी टांगरी नदी में आ गया। रात होते-होते यह पानी नदी के रास्ते अंबाला पहुंच गया। नदी तल में बसी कालोनियों के लोगों ने जलस्तर एकाएक बढ़ते देखा तो उनकी हालत खराब होने लगी। कई लोग घरों से अपने सामान को ऊपर तक रखने लगे थे। मगर और ज्यादा पानी नहीं आने के कारण कालोनियों में नुकसान नहीं हुआ।
खतरे के निशान से सात फुट नीचे था पानी
टांगरी नदी में खतरे का निशान 907 फुट है जबकि वीरवार रात्रि पानी 900 फुट तक पहुंच गया। स्थिति पर नजर रखने के लिए सिंचाई विभाग की पूरी टीम मौके पर थी। लोगों को जैसे ही नदी में पानी आने की जानकारी मिल रही थी तो वह इसे देखने के लिए नदी के पुल की ओर उमड़ रहे थे और पुल पर लोगों का जमावड़ा लग रहा था।
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नए चैनल ने बचाई कालोनियां
बता दें इस बार स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निर्देशों पर सिंचाई विभाग ने बरसातों से पहले जेसीबी व पोक्लेन मशीनें लगाकर नदी तल में नया चैनल तैयार किया था। नदी के मुख्य रास्ते के साथ करीब छत से आठ फुट ऊंचा कच्चा बंध बनाया गया था। वीरवार रात जब पहाड़ से पानी आया तो इसी चैनल के रास्ते सुरक्षित तरीके से पानी शहरी सीमा से आगे निकल गया।
बीते वर्ष ढहाया था कहर
बता दें कि बीते वर्ष टांगरी नदी में पानी आने से टांगरी बांध के अंदर बसी अनअप्रूवड कालोनियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। लोगों को अपने सामान यहां से निकालना पड़ा था जबकि पानी की वजह से भारी नुक्सान भी इलाके में हुआ था।
कोट्स
इस बार नए चैनल एवं नदी तल से भारी मात्रा में क्रीक निकाली गई थी। इस वजह से पानी सही तरीके से निकल रहा है। पहाड़ों में बारिश के कारण वीरवार को चार हजार क्यूसिक पानी नदी में आया था। शाम को पहाड़ों में बारिश रुक गई थी जिस कारण अब नदी में और पानी आने की संभावना नहीं है।
-विकास धीमान, एसडीओ, सिंचाई विभाग, अंबाला।
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अंबाला कैंट। हिमाचल के पहाड़ों में वीरवार को जोरदार बारिश के बाद रात को एकाएक टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ गया। बारिश की वजह से चार हजार क्यूसिक पानी नदी में आ गया और रात होते-होते यहां पर स्थिति खराब होने लगी जिससे लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बार सिंचाई विभाग ने व्यापक स्तर पर नदी तल की सफाई की थी जबकि तल में बनाए गए नए चैनल से यह पानी कालोनियों में नहीं आया। मगर पहाड़ों में यदि और बारिश होती है तो आने वाले दिनों में यहां जलस्तर बढ़ सकता है। उधर, रात को सिंचाई विभाग की टीम स्थिति पर नजर रखने के लिए टांगरी ब्रिज पर पहुंच गई थी।
पंचकूला के मोरनी हिल्स एवं आसपास क्षेत्र में वीरवार को भारी बारिश हुई। जिले में भी दोपहर तक बारिश रही जिस कारण चार हजार क्यूसिक पानी टांगरी नदी में आ गया। रात होते-होते यह पानी नदी के रास्ते अंबाला पहुंच गया। नदी तल में बसी कालोनियों के लोगों ने जलस्तर एकाएक बढ़ते देखा तो उनकी हालत खराब होने लगी। कई लोग घरों से अपने सामान को ऊपर तक रखने लगे थे। मगर और ज्यादा पानी नहीं आने के कारण कालोनियों में नुकसान नहीं हुआ।
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खतरे के निशान से सात फुट नीचे था पानी
टांगरी नदी में खतरे का निशान 907 फुट है जबकि वीरवार रात्रि पानी 900 फुट तक पहुंच गया। स्थिति पर नजर रखने के लिए सिंचाई विभाग की पूरी टीम मौके पर थी। लोगों को जैसे ही नदी में पानी आने की जानकारी मिल रही थी तो वह इसे देखने के लिए नदी के पुल की ओर उमड़ रहे थे और पुल पर लोगों का जमावड़ा लग रहा था।
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नए चैनल ने बचाई कालोनियां
बता दें इस बार स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निर्देशों पर सिंचाई विभाग ने बरसातों से पहले जेसीबी व पोक्लेन मशीनें लगाकर नदी तल में नया चैनल तैयार किया था। नदी के मुख्य रास्ते के साथ करीब छत से आठ फुट ऊंचा कच्चा बंध बनाया गया था। वीरवार रात जब पहाड़ से पानी आया तो इसी चैनल के रास्ते सुरक्षित तरीके से पानी शहरी सीमा से आगे निकल गया।
बीते वर्ष ढहाया था कहर
बता दें कि बीते वर्ष टांगरी नदी में पानी आने से टांगरी बांध के अंदर बसी अनअप्रूवड कालोनियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। लोगों को अपने सामान यहां से निकालना पड़ा था जबकि पानी की वजह से भारी नुक्सान भी इलाके में हुआ था।
कोट्स
इस बार नए चैनल एवं नदी तल से भारी मात्रा में क्रीक निकाली गई थी। इस वजह से पानी सही तरीके से निकल रहा है। पहाड़ों में बारिश के कारण वीरवार को चार हजार क्यूसिक पानी नदी में आया था। शाम को पहाड़ों में बारिश रुक गई थी जिस कारण अब नदी में और पानी आने की संभावना नहीं है।
-विकास धीमान, एसडीओ, सिंचाई विभाग, अंबाला।
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