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मिलावटखोरों ने बेची बाजारों में मिठाई, दो केस अदालत में, आठ को नोटिस
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। त्योहारी सीजन में जहां फूड एंड सेफ्टी विभाग की सख्ती दिखाई दी, वहीं नियमों का फेर ऐसा रहा कि मिलावटखोरों ने जमकर मिलावटी मिठाइयां बेची। फूड एंड सेफ्टी विभाग ने जहां इस सीजन में जिले भर से मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 76 सैंपल लिए, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 18 सैंपल लिए गए। इनमें से 10 सैंपल फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट से जाहिर हो रहा है कि जिले में मिलावटखोरों ने अपनी मिलावटी मिठाई बाजार में बेच डाली है। हालांकि अभी भी करीब 40 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
फूड एंड सेफ्टी विभाग व स्वास्थ्य विभाग ने त्योहारी सीजन में टीमों ने पूरी तरह से सख्ती की। इस बार करीब एक माह पहले ही सैंपलिंग का काम शुरू हो गया था। फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम ने जिले में मिठाइयों व खाद्य पदार्थों के 76 सैंपल विभिन्न दुकानों से लिए। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की ओर से (एसएमओ व एमओ) टीम ने 18 सैंपल लिए गए। खास बात है कि फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर पर दो जिलों का कार्य भार है। इन सभी सैंपल को करनाल स्थित लैब में जांच के लिए भेजा गया है, जिनमें से 54 सैंपल की रिपोर्ट मिल चुकी है, जबकि 40 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जो रिपोर्ट विभाग को मिली है, उससे साफ दिख रहा है कि करीब बीस प्रतिशत मिठाइयां अंबाला में मिलावटी बिकी हैं। अब तक मिली रिपोर्ट से साफ है कि मामला बेहद संगीन है। इन में से जहां 8 दुकानदारों को नोटिस दिया गया है, वहीं 2 केस एडीसी कोर्ट में हैं। जिन खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उनमें खोये पांच, पेड़ा व मूंगदाल का एक तथा पनीर के तीन सैंपल फेल पाए गए हैं।
मोबाइल लैबोरेटरी की होनी चाहिए व्यवस्था
कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, सुनील ठाकुर, जसवंत सिंह, स्नेहपाल धीमान का कहना है कि यदि मौके पर ही सैंपलिंग हो और उसकी जांच की जाए, तो बेहतर रिजल्ट मिल सकते हैं। ऐसे में मिलावटखोरों पर तेजी से शिकंजा कसा जा सकता है। सरकार को ऐसी व्यवस्था हर जिले में देनी चाहिए, जबकि त्योहारी सीजन में तो मोबाइल लैबोरेटरी की व्यवस्था होनी चाहिए। फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम जो भी सैंपल लेती है, उसे करनाल स्थित लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने में करीब बारह से पंद्रह दिनों का समय लगता है। इस दौरान मिठाई का जो भी सैंपल लिया गया, वह मिठाई या खाद्य पदार्थ नष्ट नहीं किया जा सकता। यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो जुर्माना अथवा सजा का प्रावधान है। यदि ऐसी व्यवस्था हो कि मौके पर ही सैंपल की जांच की जाए तो बेहतर होगा। -----------
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विभाग ने एक माह के भीतर जिला अंबाला में सैंपलिंग शुरू कर दी थी। जो भी सैंपल निगेटिव आए हैं, उस पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे दुकानदारों को नोटिस भेजे गए हैं, जबकि दो केस एडीसी कोर्ट में भी चलेंगे।
- सुभाष चंद्र, फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर, अंबाला।
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अंबाला कैंट। त्योहारी सीजन में जहां फूड एंड सेफ्टी विभाग की सख्ती दिखाई दी, वहीं नियमों का फेर ऐसा रहा कि मिलावटखोरों ने जमकर मिलावटी मिठाइयां बेची। फूड एंड सेफ्टी विभाग ने जहां इस सीजन में जिले भर से मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 76 सैंपल लिए, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 18 सैंपल लिए गए। इनमें से 10 सैंपल फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट से जाहिर हो रहा है कि जिले में मिलावटखोरों ने अपनी मिलावटी मिठाई बाजार में बेच डाली है। हालांकि अभी भी करीब 40 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
फूड एंड सेफ्टी विभाग व स्वास्थ्य विभाग ने त्योहारी सीजन में टीमों ने पूरी तरह से सख्ती की। इस बार करीब एक माह पहले ही सैंपलिंग का काम शुरू हो गया था। फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम ने जिले में मिठाइयों व खाद्य पदार्थों के 76 सैंपल विभिन्न दुकानों से लिए। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की ओर से (एसएमओ व एमओ) टीम ने 18 सैंपल लिए गए। खास बात है कि फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर पर दो जिलों का कार्य भार है। इन सभी सैंपल को करनाल स्थित लैब में जांच के लिए भेजा गया है, जिनमें से 54 सैंपल की रिपोर्ट मिल चुकी है, जबकि 40 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जो रिपोर्ट विभाग को मिली है, उससे साफ दिख रहा है कि करीब बीस प्रतिशत मिठाइयां अंबाला में मिलावटी बिकी हैं। अब तक मिली रिपोर्ट से साफ है कि मामला बेहद संगीन है। इन में से जहां 8 दुकानदारों को नोटिस दिया गया है, वहीं 2 केस एडीसी कोर्ट में हैं। जिन खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उनमें खोये पांच, पेड़ा व मूंगदाल का एक तथा पनीर के तीन सैंपल फेल पाए गए हैं।
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मोबाइल लैबोरेटरी की होनी चाहिए व्यवस्था
कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, सुनील ठाकुर, जसवंत सिंह, स्नेहपाल धीमान का कहना है कि यदि मौके पर ही सैंपलिंग हो और उसकी जांच की जाए, तो बेहतर रिजल्ट मिल सकते हैं। ऐसे में मिलावटखोरों पर तेजी से शिकंजा कसा जा सकता है। सरकार को ऐसी व्यवस्था हर जिले में देनी चाहिए, जबकि त्योहारी सीजन में तो मोबाइल लैबोरेटरी की व्यवस्था होनी चाहिए। फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम जो भी सैंपल लेती है, उसे करनाल स्थित लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने में करीब बारह से पंद्रह दिनों का समय लगता है। इस दौरान मिठाई का जो भी सैंपल लिया गया, वह मिठाई या खाद्य पदार्थ नष्ट नहीं किया जा सकता। यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो जुर्माना अथवा सजा का प्रावधान है। यदि ऐसी व्यवस्था हो कि मौके पर ही सैंपल की जांच की जाए तो बेहतर होगा। -----------
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विभाग ने एक माह के भीतर जिला अंबाला में सैंपलिंग शुरू कर दी थी। जो भी सैंपल निगेटिव आए हैं, उस पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे दुकानदारों को नोटिस भेजे गए हैं, जबकि दो केस एडीसी कोर्ट में भी चलेंगे।
- सुभाष चंद्र, फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर, अंबाला।