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- कई चौराहों पर नहीं हैं ट्रेफिक लाइट्स, बढ़ रहा है खतरा
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:59 AM IST
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स्मॉग ने बढ़ाया सड़कों पर खतरा, प्रशासन की सुस्ती से ट्रैफिक लाइट बंद
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
बेशक स्मॉग के असर से यातायात और दिनचर्या प्रभावित हो रही हो, लेकिन प्रशासन की सुस्ती अभी भी जारी है। शहर के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक लाइट्स बंद रहने से आम लोगों की जान जोखिम में हैं, क्योंकि लोगों को ट्रैफिक लाइट्स न होने के कारण पता ही नहीं चल पाता कि कब कौन वाहन निकाल दे। यूं तो शुक्रवार को स्मॉग का असर पिछले तीन-चार दिन के मुकाबले कम रहा लेकिन जिस तरह से सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो रही है, उसे देखते हुए प्रशासन की यह लापरवाही बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। हालात यह हैं कि गत दिवस दिल्ली-अंबाला नेशनल हाइवे पर ही करीब छह वाहन आपस में भिड़ गए थे। आगे धुंध भरा सीजन इन खतरों को और बढ़ाएगा।
यह है स्थिति
जिला भर में ट्रैफिक लाइट्स की व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। नारायणगढ़, शहजादपुर, मुलाना, बराड़ा, साहा में ट्रैफिक लाइट्स की व्यवस्था ही नहीं है। इसके अलावा अंबाला कैंट के इंदिरा चौक पर लाइट हैं, लेकिन लंबे समय से यह बंद पड़ी हैं। कुछ ऐसे ही हालात अंबाला सिटी में भी हैं, जहां बलदेव नगर, कालका चौक, सिविल अस्पताल चौक पर यह बदहाल हैं। सबसे बड़ा खतरा हाइवे पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए बनाए गए रोड कट हैं, जो स्मॉग और आगे धुंध व कोहरे के सीजन में हादसों का खतरा और बढ़ाएंगे। इसी तरह सड़कों के किनारे व्हाइट लाइन, जेब्रा क्रासिंग, स्पीड ब्रेकर पर लाइनिंग आदि नहीं हैं। सर्दी शुरू हो चुकी हैं, जबकि इससे पहले यह सारी कसरत हो जानी चाहिए थी, लेकिन मामला सिर पर आने के बाद भी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ट्रैफिक नियमों का पाठ, लेकिन इस पर अमल नहीं
पुलिस प्रशासन भी इन दिनों विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों का पाठ तो पढ़ा रहा है, लेकिन इसके लिए सड़कों पर जरूरी व्यवस्थाएं ही नहीं हैं। हालांकि पुलिस चालान काट रही है, लेकिन सड़कों पर सेफ्टी और ट्रैफिक इंडिकेशन के लिए जो व्यवस्थाएं देनी चाहिए, वह नहीं हैं। यही कारण है कि सड़कों पर इन दिनों खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिस तरह से सड़कों पर दृश्यता कम हो रही है, उसके चलते लावारिस जानवर वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। नेशनल हाइवे पर ही यह लावारिस जानवर झुंड बनाकर खड़े रहते हैं, जबकि प्रशासन का दावा है कि निगम क्षेत्र को लावारिस पशुओं से मुक्त कर दिया गया है। यह स्थिति किसी भी बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है।
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अब एसडीएम संभालेंगे मोर्चा
जिला प्रशासन ने धुंध भरे मौसम में ट्रैफिक नियमों की पालना करवाने की जिम्मेदारी जिला के सभी एसडीएम को सौंपी है। एसडीएम अपने क्षेत्रों में यह चेक करेंगे कि स्कूल वाहन इस धुंध अथवा स्मॉग सीजन में नियमों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। साथ ही यदि जरूरत पड़ती है तो चालक का लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड भी किया जा सकता है।
यह हैं प्रशासन के निर्देश
- वाहन चालक हैडलाइट का प्रयोग करें
- स्कूल वाहन चालक कोर्ट के निर्धारित मापदंड पूरा करें
- वाहनों पर रेडियम टेप अथवा रिफ्लेक्टर अवश्य लगाए जाएं
- सभी ट्रैक्टर-ट्रालियों, ऑटो रिक्शा, बैल गाड़ी आदि पर रिफ्लेक्टर लगे हों
- यातायात नियमों की अवहेलना पर चालान किए जाएं
- पशुपालक पशुओं को खुला न छोड़ें
- सड़कों पर जहां दुर्घटनाओं का अंदेशा है, वहां यातायात चिन्ह स्पष्ट हो
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर दिशा-निर्देशक के संबंध में साइन बोर्ड लगाए जाएं
पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग हो चुकी है। धुंध भरे सीजन को देखते हुए रोड सेफ्टी के लिए आवश्यक प्रबंध करने की तैयारी है। जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। जहां पर भी ट्रैफिक साइन आदि की आवश्यकता है, उसे पूरा किया जाएगा। ट्रैफिक लाइट्स की मेंटिनेंस के लिए भी चर्चा हुई है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा। - रशित बजाज, सीएम रोड सेफ्टी एसोसिएट
वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने तथा धुंध के मौसम में हैडलाइट आदि का प्रयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अपने क्षेत्र में इस सीजन में ट्रैफिक नियमों की पालना सुनिश्चित करवाएंगे। साथ ही नियम तोड़ने पर चालक का लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड भी किया जा सकता है। किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी, जबकि अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। - शरणदीप कौर बराड़, डीसी अंबाला
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
बेशक स्मॉग के असर से यातायात और दिनचर्या प्रभावित हो रही हो, लेकिन प्रशासन की सुस्ती अभी भी जारी है। शहर के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक लाइट्स बंद रहने से आम लोगों की जान जोखिम में हैं, क्योंकि लोगों को ट्रैफिक लाइट्स न होने के कारण पता ही नहीं चल पाता कि कब कौन वाहन निकाल दे। यूं तो शुक्रवार को स्मॉग का असर पिछले तीन-चार दिन के मुकाबले कम रहा लेकिन जिस तरह से सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो रही है, उसे देखते हुए प्रशासन की यह लापरवाही बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। हालात यह हैं कि गत दिवस दिल्ली-अंबाला नेशनल हाइवे पर ही करीब छह वाहन आपस में भिड़ गए थे। आगे धुंध भरा सीजन इन खतरों को और बढ़ाएगा।
यह है स्थिति
जिला भर में ट्रैफिक लाइट्स की व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। नारायणगढ़, शहजादपुर, मुलाना, बराड़ा, साहा में ट्रैफिक लाइट्स की व्यवस्था ही नहीं है। इसके अलावा अंबाला कैंट के इंदिरा चौक पर लाइट हैं, लेकिन लंबे समय से यह बंद पड़ी हैं। कुछ ऐसे ही हालात अंबाला सिटी में भी हैं, जहां बलदेव नगर, कालका चौक, सिविल अस्पताल चौक पर यह बदहाल हैं। सबसे बड़ा खतरा हाइवे पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए बनाए गए रोड कट हैं, जो स्मॉग और आगे धुंध व कोहरे के सीजन में हादसों का खतरा और बढ़ाएंगे। इसी तरह सड़कों के किनारे व्हाइट लाइन, जेब्रा क्रासिंग, स्पीड ब्रेकर पर लाइनिंग आदि नहीं हैं। सर्दी शुरू हो चुकी हैं, जबकि इससे पहले यह सारी कसरत हो जानी चाहिए थी, लेकिन मामला सिर पर आने के बाद भी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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ट्रैफिक नियमों का पाठ, लेकिन इस पर अमल नहीं
पुलिस प्रशासन भी इन दिनों विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों का पाठ तो पढ़ा रहा है, लेकिन इसके लिए सड़कों पर जरूरी व्यवस्थाएं ही नहीं हैं। हालांकि पुलिस चालान काट रही है, लेकिन सड़कों पर सेफ्टी और ट्रैफिक इंडिकेशन के लिए जो व्यवस्थाएं देनी चाहिए, वह नहीं हैं। यही कारण है कि सड़कों पर इन दिनों खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिस तरह से सड़कों पर दृश्यता कम हो रही है, उसके चलते लावारिस जानवर वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। नेशनल हाइवे पर ही यह लावारिस जानवर झुंड बनाकर खड़े रहते हैं, जबकि प्रशासन का दावा है कि निगम क्षेत्र को लावारिस पशुओं से मुक्त कर दिया गया है। यह स्थिति किसी भी बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है।
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अब एसडीएम संभालेंगे मोर्चा
जिला प्रशासन ने धुंध भरे मौसम में ट्रैफिक नियमों की पालना करवाने की जिम्मेदारी जिला के सभी एसडीएम को सौंपी है। एसडीएम अपने क्षेत्रों में यह चेक करेंगे कि स्कूल वाहन इस धुंध अथवा स्मॉग सीजन में नियमों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। साथ ही यदि जरूरत पड़ती है तो चालक का लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड भी किया जा सकता है।
यह हैं प्रशासन के निर्देश
- वाहन चालक हैडलाइट का प्रयोग करें
- स्कूल वाहन चालक कोर्ट के निर्धारित मापदंड पूरा करें
- वाहनों पर रेडियम टेप अथवा रिफ्लेक्टर अवश्य लगाए जाएं
- सभी ट्रैक्टर-ट्रालियों, ऑटो रिक्शा, बैल गाड़ी आदि पर रिफ्लेक्टर लगे हों
- यातायात नियमों की अवहेलना पर चालान किए जाएं
- पशुपालक पशुओं को खुला न छोड़ें
- सड़कों पर जहां दुर्घटनाओं का अंदेशा है, वहां यातायात चिन्ह स्पष्ट हो
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर दिशा-निर्देशक के संबंध में साइन बोर्ड लगाए जाएं
पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग हो चुकी है। धुंध भरे सीजन को देखते हुए रोड सेफ्टी के लिए आवश्यक प्रबंध करने की तैयारी है। जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। जहां पर भी ट्रैफिक साइन आदि की आवश्यकता है, उसे पूरा किया जाएगा। ट्रैफिक लाइट्स की मेंटिनेंस के लिए भी चर्चा हुई है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा। - रशित बजाज, सीएम रोड सेफ्टी एसोसिएट
वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने तथा धुंध के मौसम में हैडलाइट आदि का प्रयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अपने क्षेत्र में इस सीजन में ट्रैफिक नियमों की पालना सुनिश्चित करवाएंगे। साथ ही नियम तोड़ने पर चालक का लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड भी किया जा सकता है। किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी, जबकि अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। - शरणदीप कौर बराड़, डीसी अंबाला