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पानी निकासी के लिए बनी पुलिया भी हुई क्षतिग्रस्त
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। पहाड़ों में बरस रही बरसात के कारण मैदानी इलाकों से गुजरने वाली बरसाती नदियां उफान
पर हैं। बीते दिनों बेगना नदी का पानी गांव गोला में घुसा और अब नकटी नदी का जलस्तर बढने से
गांव सैहला की सैंकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। गांव में पानी निकासी के बनाई गई एकमात्र
पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों को इसकी स्थिति बताने के
बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।
गांव सहला के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक मात्र रास्ते पर बनी पुलिया को नुक्सान होने का
खतरा सता रहा है। यदि नकटी नदी ज्यादा उफान पर आती है, तो पुलिया को नुक्कसान पंहुच सकता
है, जिसके चलते गांव वालों का किसी अन्य गांव या शहर से संपर्क ही टूट जाएगा। ग्रामीणों का
आरोप है कि संबंधित विभाग को समस्या से कई बार अवगत कराया परंतु विभाग ने इसकी सुध नहीं
ली, जिसक चलते गांव वालों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने रात में दिया पहरा
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश के चलते रविवार रात सैहला गांव में नकटी नदी का पानी घुस गया।
पानी से सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई, वही गांव के लोगों ने भी पूरी जाग कर काटी और पहरा
दिया। लोगों का भय था कि पानी घरों में न पंहुच जाए। खेतों में रविवार रात अचानक नकटी नदी का
पानी आने के कारण भीम सिंह, रमेश राणा के खेतों में उनके मजदूर पानी में फंस गए, जिन्हें देर रात
ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं मोहन सिंह, आशीष, करण सिंह, रवि, निशु ने प्रशासन
के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बताया कि सैहला गांव में पहुचने के लिए एकमात्र रास्ते पर बनी पुलिया
की खस्ता हालत बनी हुई है । इससे कभी भी कोई हादसा घटित हो सकता है। यदि नकटी नदी का
पानी ज्यादा आता है तो पुलिया भी बह सकती है। क्योंकि पुलिया की दीवार टूटी हालत में है।
लोगों ने मांग की है कि गांव में रास्ते पर दो पुलिया बनाई जाए ताकि भविष्य में परेशानी न हो।
मारकंडा नदी से भूमि कटाव
उधर, नारायणगढ़ क्षेत्र में मारकंडा नदी में पहाड़ों से आए पानी से किसानों की ङ्क्षचता बढ़ती जा रही है।
गांव गदौली में अब तक काफी भूमि का कटाव हो चुका है। रातभर गांव के किसान जागकर
पहरेदारी कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि अब तक गांव में प्रशासन की तरफ से कोई मौके पर नहीं
आया है। यदि पहाड़ों में आगामी दिनों में और बरसात होती है तो गदौली के अलावा अन्य गांवों में भी
पानी का आना तय है। दूसरी ओर बेगना व रूण नदी का स्तर सोमवार को सामान्य रहा।
प्रशासन सजग है, जबकि पुलिया को ठीक करवाने के बारे में नहरी विभाग एवं मुलाना नायब
तहसीलदार को बोल दिया गया है। लोगों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा
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मुलाना। पहाड़ों में बरस रही बरसात के कारण मैदानी इलाकों से गुजरने वाली बरसाती नदियां उफान
पर हैं। बीते दिनों बेगना नदी का पानी गांव गोला में घुसा और अब नकटी नदी का जलस्तर बढने से
गांव सैहला की सैंकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। गांव में पानी निकासी के बनाई गई एकमात्र
पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों को इसकी स्थिति बताने के
बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।
गांव सहला के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक मात्र रास्ते पर बनी पुलिया को नुक्सान होने का
खतरा सता रहा है। यदि नकटी नदी ज्यादा उफान पर आती है, तो पुलिया को नुक्कसान पंहुच सकता
है, जिसके चलते गांव वालों का किसी अन्य गांव या शहर से संपर्क ही टूट जाएगा। ग्रामीणों का
आरोप है कि संबंधित विभाग को समस्या से कई बार अवगत कराया परंतु विभाग ने इसकी सुध नहीं
ली, जिसक चलते गांव वालों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने रात में दिया पहरा
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश के चलते रविवार रात सैहला गांव में नकटी नदी का पानी घुस गया।
पानी से सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई, वही गांव के लोगों ने भी पूरी जाग कर काटी और पहरा
दिया। लोगों का भय था कि पानी घरों में न पंहुच जाए। खेतों में रविवार रात अचानक नकटी नदी का
पानी आने के कारण भीम सिंह, रमेश राणा के खेतों में उनके मजदूर पानी में फंस गए, जिन्हें देर रात
ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं मोहन सिंह, आशीष, करण सिंह, रवि, निशु ने प्रशासन
के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बताया कि सैहला गांव में पहुचने के लिए एकमात्र रास्ते पर बनी पुलिया
की खस्ता हालत बनी हुई है । इससे कभी भी कोई हादसा घटित हो सकता है। यदि नकटी नदी का
पानी ज्यादा आता है तो पुलिया भी बह सकती है। क्योंकि पुलिया की दीवार टूटी हालत में है।
लोगों ने मांग की है कि गांव में रास्ते पर दो पुलिया बनाई जाए ताकि भविष्य में परेशानी न हो।
मारकंडा नदी से भूमि कटाव
उधर, नारायणगढ़ क्षेत्र में मारकंडा नदी में पहाड़ों से आए पानी से किसानों की ङ्क्षचता बढ़ती जा रही है।
गांव गदौली में अब तक काफी भूमि का कटाव हो चुका है। रातभर गांव के किसान जागकर
पहरेदारी कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि अब तक गांव में प्रशासन की तरफ से कोई मौके पर नहीं
आया है। यदि पहाड़ों में आगामी दिनों में और बरसात होती है तो गदौली के अलावा अन्य गांवों में भी
पानी का आना तय है। दूसरी ओर बेगना व रूण नदी का स्तर सोमवार को सामान्य रहा।
प्रशासन सजग है, जबकि पुलिया को ठीक करवाने के बारे में नहरी विभाग एवं मुलाना नायब
तहसीलदार को बोल दिया गया है। लोगों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा