{"_id":"5c2fbb65bdec2256d9677af7","slug":"111546632037-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंबाला में ट्रैफिक नियमों की उड़ रही धज्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंबाला में ट्रैफिक नियमों की उड़ रही धज्जियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो नंबर-----18 से 21
वाहनों पर अब तक नहीं लगे रिफ्लेक्टर, दो माह में मात्र 40 चालान
ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे वाहन चालक, हाईवे पर भी सफेद पट्टियां गायब
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। जिले में इन दिनों ट्रैफिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। इसे लोगों की लापरवाही कहें या प्रशासन की अनदेखी, लेकिन इसका खामियाजा दूसरों को भुगतना पड़ता है। धुंध व कोहरे में आए दिन हादसे हो रहे हैं, पर कई वाहनों पर रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। हाईवे पर भी सफेद पट्टियां गायब हैं।
---------
नहीं हैं वाहनों पर रिफ्लेक्टर
अंबाला में ट्रैफिक पुलिस व संस्थाओं की ओर से कई चौकों पर वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाकर पुलिस जागरूक करती है, ताकि धुंध व कोहरे में वाहनों को दूसरे वाहनों को देखने में दिक्कत न हो। लेकिन, कुछ लापरवाह चालक इन रिफ्लेक्टर को अपने वाहनों पर लगाना उचित नहीं समझते। वहीं नवंबर से अब तक रिफ्लेक्टर नहीं लगने के करीब 40 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं।
-----------
शरारती तत्व करते हैं वाहनों के पार्ट्स का दुरुपयोग
यहां अकसर देखने को मिल रहा है कि कुछ शरारती तत्व बुलेट व अन्य वाहनों के पाट्र्स के साथ छेडख़ानी कर इसका दुरुपयोग करते हैं, जिन पर पुलिस ने प्रतिबंध लगा रखा है। बता दें कि शरारती तत्व अपने बुलेट बाइक के साइलेंसर पर बंसरी लगवाकर उसके पटाखे बजाते हुए जाते हैं जो हादसे का कारण बनते हैं। वहीं कई कार चालक अपनी कारों के अगले हिस्से पर ब्लैक गाड्र्स लगवा लेते हैं, यह भी पुलिस की ओर से प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद अंबाला में वाहन चालक नियमों की परवाह किए बिना ट्रैफिक रूल तोड़ते हैं।
विज्ञापन
---------
छावनी में धरा गया पटाखे बजाते
अंबाला छावनी के स्वास्तिक चौक पर शुक्रवार को ट्रैफिक एसएचओ बलविंद्र सिंह ने बुलेट बाइक के पटाखे बजाकर जा रहे एक युवक को काबू किया और चालान कर युवक के बुलेट में लगी बंसरी को निकलवाया, जिससे पटाखे बजाए जाते हैं।
---------
शहर में हाईवे से सफेद पट्टी गायब
एक ओर प्रशासन ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करते नहीं थकता, दूसरी ओर शहर में हाईवे से सफेद पट्टियों का गायब होना प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चलाए जाने वाले जागरूकता अभियानों पर सवालिया निशान लगाता है। बता दें कि अंबाला-जगाधरी हाईवे पर सफेद पट्टी गायब है तो शहर में पॉलिटेक्निक चौक पर बिल्कुल धुंधली है। वहीं कालका चौक से आर्य चौक की ओर जाने वाले रास्ते से भी कई जगह सफेद पट्टी गायब है।
----------
रात को चौक पर नहीं होते ट्रैफिक पुलिसकर्मी
बता दें कि शहर में कई मुख्य चौक हैं, जहां ट्रैफिक पुलिस दिन में नाका लगाकर यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के चालान करती दिखाई देती है, लेकिन रात को इन चौकों पर कोई भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी न होने के कारण लोग नियमों का पालन करने में लापरवाही बरतते हैं। वहीं सर्दियों में धुंध व कोहरे के कारण भी हादसों की आशंका बढ़ जाती है, ऐसे में उचित यही है कि वाहन को धीरे चलाया जाए।
---------
वर्जन
नवंबर से अब तक रिफ्लेक्टर नहीं होने पर करीब 40 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। शुक्रवार को अंबाला छावनी में बुलेट से पटाखे बजाते हुए एक युवक का चालान किया गया है। ट्रैफिक पुलिस लोगों को जागरूकता के लिए समय-समय पर शिविर लगाती रहती है, ऐसे में लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह नियमों का पालन करें।
-बलविंद्र सिंह, एसएचओ ट्रैफिक, अंबाला।
विज्ञापन
वाहनों पर अब तक नहीं लगे रिफ्लेक्टर, दो माह में मात्र 40 चालान
ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे वाहन चालक, हाईवे पर भी सफेद पट्टियां गायब
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। जिले में इन दिनों ट्रैफिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। इसे लोगों की लापरवाही कहें या प्रशासन की अनदेखी, लेकिन इसका खामियाजा दूसरों को भुगतना पड़ता है। धुंध व कोहरे में आए दिन हादसे हो रहे हैं, पर कई वाहनों पर रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। हाईवे पर भी सफेद पट्टियां गायब हैं।
---------
नहीं हैं वाहनों पर रिफ्लेक्टर
अंबाला में ट्रैफिक पुलिस व संस्थाओं की ओर से कई चौकों पर वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाकर पुलिस जागरूक करती है, ताकि धुंध व कोहरे में वाहनों को दूसरे वाहनों को देखने में दिक्कत न हो। लेकिन, कुछ लापरवाह चालक इन रिफ्लेक्टर को अपने वाहनों पर लगाना उचित नहीं समझते। वहीं नवंबर से अब तक रिफ्लेक्टर नहीं लगने के करीब 40 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
-----------
शरारती तत्व करते हैं वाहनों के पार्ट्स का दुरुपयोग
यहां अकसर देखने को मिल रहा है कि कुछ शरारती तत्व बुलेट व अन्य वाहनों के पाट्र्स के साथ छेडख़ानी कर इसका दुरुपयोग करते हैं, जिन पर पुलिस ने प्रतिबंध लगा रखा है। बता दें कि शरारती तत्व अपने बुलेट बाइक के साइलेंसर पर बंसरी लगवाकर उसके पटाखे बजाते हुए जाते हैं जो हादसे का कारण बनते हैं। वहीं कई कार चालक अपनी कारों के अगले हिस्से पर ब्लैक गाड्र्स लगवा लेते हैं, यह भी पुलिस की ओर से प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद अंबाला में वाहन चालक नियमों की परवाह किए बिना ट्रैफिक रूल तोड़ते हैं।
विज्ञापन
---------
छावनी में धरा गया पटाखे बजाते
अंबाला छावनी के स्वास्तिक चौक पर शुक्रवार को ट्रैफिक एसएचओ बलविंद्र सिंह ने बुलेट बाइक के पटाखे बजाकर जा रहे एक युवक को काबू किया और चालान कर युवक के बुलेट में लगी बंसरी को निकलवाया, जिससे पटाखे बजाए जाते हैं।
---------
शहर में हाईवे से सफेद पट्टी गायब
एक ओर प्रशासन ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करते नहीं थकता, दूसरी ओर शहर में हाईवे से सफेद पट्टियों का गायब होना प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चलाए जाने वाले जागरूकता अभियानों पर सवालिया निशान लगाता है। बता दें कि अंबाला-जगाधरी हाईवे पर सफेद पट्टी गायब है तो शहर में पॉलिटेक्निक चौक पर बिल्कुल धुंधली है। वहीं कालका चौक से आर्य चौक की ओर जाने वाले रास्ते से भी कई जगह सफेद पट्टी गायब है।
----------
रात को चौक पर नहीं होते ट्रैफिक पुलिसकर्मी
बता दें कि शहर में कई मुख्य चौक हैं, जहां ट्रैफिक पुलिस दिन में नाका लगाकर यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के चालान करती दिखाई देती है, लेकिन रात को इन चौकों पर कोई भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी न होने के कारण लोग नियमों का पालन करने में लापरवाही बरतते हैं। वहीं सर्दियों में धुंध व कोहरे के कारण भी हादसों की आशंका बढ़ जाती है, ऐसे में उचित यही है कि वाहन को धीरे चलाया जाए।
---------
वर्जन
नवंबर से अब तक रिफ्लेक्टर नहीं होने पर करीब 40 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। शुक्रवार को अंबाला छावनी में बुलेट से पटाखे बजाते हुए एक युवक का चालान किया गया है। ट्रैफिक पुलिस लोगों को जागरूकता के लिए समय-समय पर शिविर लगाती रहती है, ऐसे में लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह नियमों का पालन करें।
-बलविंद्र सिंह, एसएचओ ट्रैफिक, अंबाला।