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चीन के विरोध में तिब्बत मंच ने चीन की शव यात्रा निकाली
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:51 AM IST
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तिब्बत मंच ने चीन के पुतले की शवयात्रा निकाली
फोटो नंबर 19 और 20
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। चीन सरकार द्वारा 20 अक्तूबर सन 1962 को भारत पर किए गए आक्रमण के विरोध में भारत-तिब्बत सहयोग मंच के कार्यकर्ताओं ने चीन के पुतले की शव यात्रा निकाली और सदर बाजार में चीन सरकार के पुतले का दहन किया। भारत-तिब्बत सहयोग मंच के प्रांत महामंत्री अरुण जोशी ने बताया कि इस दिन चीन ने भारत पर आक्रमण कर देश के लगभग कई किलोमीटर पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। चीन ने तिब्बत पर पूरा नियंत्रण करने के बाद 20 अक्तूबर 1962 को भारत पर हमला किया। 1959 में तिब्बत में विद्रोह होने के बाद भारत ने दलाई लामा को शरण दी तब से चीनी सीमा पर हिंसक घटनाएं शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर जिला सह संयोजक सोनम, प्रचार विभाग सदस्य सुरेश, यश प्रकाश, नम गिल, सरीन, ताशी, नीतू, नरेंद्र कालपी, सुरेश, सुशील, विनोद, जीवन जोशी, रमाकांत, भूपेंद्र, नीरज, निखिल, कर्माओलो, लागपा, कर्मा सोनम, नामकेल, थोमे, करमा, नीटू, पासांग लामो, बबली व अन्य मौजूद रहे।
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फोटो नंबर 19 और 20
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। चीन सरकार द्वारा 20 अक्तूबर सन 1962 को भारत पर किए गए आक्रमण के विरोध में भारत-तिब्बत सहयोग मंच के कार्यकर्ताओं ने चीन के पुतले की शव यात्रा निकाली और सदर बाजार में चीन सरकार के पुतले का दहन किया। भारत-तिब्बत सहयोग मंच के प्रांत महामंत्री अरुण जोशी ने बताया कि इस दिन चीन ने भारत पर आक्रमण कर देश के लगभग कई किलोमीटर पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। चीन ने तिब्बत पर पूरा नियंत्रण करने के बाद 20 अक्तूबर 1962 को भारत पर हमला किया। 1959 में तिब्बत में विद्रोह होने के बाद भारत ने दलाई लामा को शरण दी तब से चीनी सीमा पर हिंसक घटनाएं शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर जिला सह संयोजक सोनम, प्रचार विभाग सदस्य सुरेश, यश प्रकाश, नम गिल, सरीन, ताशी, नीतू, नरेंद्र कालपी, सुरेश, सुशील, विनोद, जीवन जोशी, रमाकांत, भूपेंद्र, नीरज, निखिल, कर्माओलो, लागपा, कर्मा सोनम, नामकेल, थोमे, करमा, नीटू, पासांग लामो, बबली व अन्य मौजूद रहे।