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निगम भंग करने के मामले की सुनवाई अब एक अप्रैल को
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निगम भंग करने के मामले की सुनवाई अब एक अप्रैल को
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नगर निगम भंग होने के मामले में कांग्रेस पार्षदों की ओर से कोर्ट में डाली गई याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले में अब सुनवाई की अगली तारीख अब एक अप्रैल तय की है।
17 फरवरी 2018 को हरियाणा मंत्रिमंडल ने अंबाला नगर निगम को तोड़कर अंबाला शहर और अंबाला सदर के लिए अलग अलग नगर परिषदें बनाने के फैसले पर मुहर लगाई थी। इससे पहले इस बाबत कोई आधिकारिक आदेश या अधिसूचना जारी हो पाती, इस निर्णय को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तत्कालीन कांग्रेस पार्षद जरनैल सिंह माजरा ने चुनौती दे दी थी। तब से यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है। भविष्य में अंबाला में निगम होगा या परिषद इसका निर्णय अदालत के निर्णय पर होगा। भाजपा सरकार नगर निगम को भंग कर नगर परिषद चाहती है, जिस वजह से बीते वर्ष सरकार ने निगम को भंग कर दिया था जबकि कांग्रेस निगम ही चाहती है क्योंकि वर्ष 2010 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ही अंबाला सदर व सिटी नगर परिषद को जोड़कर नगर निगम का गठन किया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नगर निगम भंग होने के मामले में कांग्रेस पार्षदों की ओर से कोर्ट में डाली गई याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले में अब सुनवाई की अगली तारीख अब एक अप्रैल तय की है।
17 फरवरी 2018 को हरियाणा मंत्रिमंडल ने अंबाला नगर निगम को तोड़कर अंबाला शहर और अंबाला सदर के लिए अलग अलग नगर परिषदें बनाने के फैसले पर मुहर लगाई थी। इससे पहले इस बाबत कोई आधिकारिक आदेश या अधिसूचना जारी हो पाती, इस निर्णय को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तत्कालीन कांग्रेस पार्षद जरनैल सिंह माजरा ने चुनौती दे दी थी। तब से यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है। भविष्य में अंबाला में निगम होगा या परिषद इसका निर्णय अदालत के निर्णय पर होगा। भाजपा सरकार नगर निगम को भंग कर नगर परिषद चाहती है, जिस वजह से बीते वर्ष सरकार ने निगम को भंग कर दिया था जबकि कांग्रेस निगम ही चाहती है क्योंकि वर्ष 2010 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ही अंबाला सदर व सिटी नगर परिषद को जोड़कर नगर निगम का गठन किया था।
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