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युवाओं को सूफियों का संदेश आत्मसात करना चाहिए : जहांगीर
Thu, 02 Nov 2023 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 02 Nov 2023 01:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। युवाओं को सूफियों व उलमा किराम के संदेशों को समझना और आत्मसात करना चाहिए। सूफियों में शैख अब्दुल कादिर जीलानी का बड़ा नाम है।
ये बातें बुधवार को आला हजरत गली तुर्कमानपुर में आयोजित जलसा के दौरान मुख्य वक्ता मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने कहीं। अध्यक्षता करते हुए नायब काजी मुफ्ती मो. अजहर शम्सी ने कहा हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी दीन-ए-इस्लाम का प्रचार करने के लिए बगदाद गए। विशिष्ट वक्ता कारी मो. अनस रजवी ने कहा कि हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी के पास बहुत इल्म था। जिसका फायदा दुनिया को मिला और दीन-ए-इस्लाम नए सिरे से जिंदा हुआ।
जलसा में मकतब इस्लामियात के मो. रय्यान रजा, मो. उजैन रजा, अफीना खातून, मो. आरिश, माहिरा खातून ने किरात, नात, तकरीर कर लोगों का दिल जीत लिया। नात हाफिज सैफ अली व कासिद रजा इस्माइली ने पेश की। संचालन हाफिज अशरफ रजा ने किया। अंत में सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमन की दुआ मांगी गई।
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गोरखपुर। युवाओं को सूफियों व उलमा किराम के संदेशों को समझना और आत्मसात करना चाहिए। सूफियों में शैख अब्दुल कादिर जीलानी का बड़ा नाम है।
ये बातें बुधवार को आला हजरत गली तुर्कमानपुर में आयोजित जलसा के दौरान मुख्य वक्ता मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने कहीं। अध्यक्षता करते हुए नायब काजी मुफ्ती मो. अजहर शम्सी ने कहा हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी दीन-ए-इस्लाम का प्रचार करने के लिए बगदाद गए। विशिष्ट वक्ता कारी मो. अनस रजवी ने कहा कि हजरत शैख अब्दुल कादिर जीलानी के पास बहुत इल्म था। जिसका फायदा दुनिया को मिला और दीन-ए-इस्लाम नए सिरे से जिंदा हुआ।
जलसा में मकतब इस्लामियात के मो. रय्यान रजा, मो. उजैन रजा, अफीना खातून, मो. आरिश, माहिरा खातून ने किरात, नात, तकरीर कर लोगों का दिल जीत लिया। नात हाफिज सैफ अली व कासिद रजा इस्माइली ने पेश की। संचालन हाफिज अशरफ रजा ने किया। अंत में सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमन की दुआ मांगी गई।
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