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Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में नहीं होगा साल बर्बाद, विशेष परीक्षा से क्लियर होगा बैक

Wed, 29 May 2024 02:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2024 02:27 AM IST
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Year will not be wasted in Gorakhpur University, back will be cleared through special examination

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विश्वविद्यालय बना रहा योजना, इसी सत्र से लागू करने की तैयारी



अंतिम वर्ष में बैक वालों के लिए होगी विशेष परीक्षा



संवाद न्यूज एजेंसी



गोरखपुर। बैक लगने की वजह से अब अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का साल बर्बाद नहीं होगा। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ऐसे विद्यार्थियों के लिए एक विशेष परीक्षा कराने की योजना बना रहा है, जिससे इनको डिग्री के लिए एक साल का इंतजार न करना पड़े। इस प्रस्ताव को परीक्षा समिति की बैठक में रखा जाएगा।



विश्वविद्यालय में इस समय सभी नियमित पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर सिस्टम लागू है। वार्षिक परीक्षा प्रणाली में हर साल बैक/अंंक सुधार की परीक्षा आयोजित की जाती थी। सेमेस्टर सिस्टम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। प्रैक्टिकल परीक्षा छूटने पर विद्यार्थियों को एक मौका दिया जाता है, लेकिन लिखित परीक्षा के लिए ऐसा कोई विकल्प मौजूद नहीं है।
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च्वॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) में यदि किसी विद्यार्थी का बैक लग जाता है तो उसको प्रमोट करके अगले सेमेस्टर में भेज दिया जाता है। इसके बाद जिस सेमेस्टर (सम/विषम) में उसका बैक लगा रहता है, उसकी परीक्षा देकर उसे क्लियर कर लेता है। सबसे ज्यादा समस्या अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को होती है। यदि परास्नातक तीसरे या चौथे सेमेस्टर में उसका बैक लग जाता है तो छात्र को इसे क्लियर करने में काफी समय लग जाता है।
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विषम सेमेस्टर की परीक्षा दिसंबर-जनवरी और सम सेमेस्टर की मई-जून में होती है। ऐसे में परिणाम आते-आते एक साल बीत जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों को काफी नुकसान होता है।





अक्टूबर-नवंबर में होगी परीक्षा



विश्वविद्यालय की योजना है कि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को बैक की वजह से नुकसान न हो, इसके लिए अक्टूबर-नवंबर के बीच एक विशेष परीक्षा कराई जाए। परीक्षा के कुछ दिनों के अंदर इसका परिणाम भी जारी कर दिया जाएगा। इससे उनका एक साल का समय बच जाएगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए एक फीस भी देनी होगी। परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसको पहले वित्त समिति फिर परीक्षा समिति के समक्ष रखा जाएगा। दोनों से मंजूरी मिलने के बाद यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय की योजना इसे इसी सत्र से ही शुरू करने की है।



कॉलेज के विद्यार्थियाें को लाभ



विशेष बैक परीक्षा के आयोजन से न केवल विश्वविद्यालय परिसर, बल्कि संबद्ध कॉलेज के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय से संबद्ध गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में करीब 350 डिग्री कॉलेज हैं। बैक लगने की वजह से उनका भी साल खराब नहीं होगा। इस मौके को भुनाकर वे अपनी डिग्री हासिल कर सकेंगे।




वर्जन



अंतिम वर्ष में जिन विद्यार्थियों का बैक लग जाता है, उनके लिए एक विशेष परीक्षा कराने की योजना है। इससे उनका साल बर्बाद नहीं होगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वित्त और परीक्षा समिति से पास होने के बाद इसी सत्र से इसे शुरू किया जाएगा।



- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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