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विश्व गेंडा दिवस:शक्तिशाली फिर भी बेहद शांत और धैर्यवान होते हैं 'गैंडे'-CM योगी का है 'हर'-'गौरी' से खास लगाव
Sun, 22 Sep 2024 10:51 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sun, 22 Sep 2024 10:51 AM IST
सार
डॉ. योगेश ने बताया कि गैंडों की त्वचा बहुत मोटी और सुरक्षात्मक होती है, जो उन्हें शिकारियों के हमलों से बचाती है। इनकी सूंड लंबी और मजबूत होती है, जो उन्हें खाने और लड़ाई में मदद करती है। गैंडों की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष तक होती है। ये बहुत चौकस होते हैं और अपने आसपास के वातावरण पर खास ध्यान देते हैं।
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चिड़ियाघर में हर और गौरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में 2022 से ही दो गैंडे मौजूद हैं। दर्शकों को हर और गौरी नाम की यह जोड़ी काफी पसंद आती है। खास बात यह है कि गैंडे शक्तिशाली होने के बावजूद बहुत शांत और धैर्यवान होते हैं।
मार्च 2022 में असम से दोनों गैंडे गोरखपुर चिड़ियाघर में लाए गए थे।
दोनों की उम्र करीब छह वर्ष है। परिसर में बाड़ा सबसे अंतिम में होने के बावजूद दर्शकों की भीड़ जुटी रहती है। चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि गैंडों का शरीर बहुत मजबूत और शक्तिशाली होता है, जो उन्हें अपने शिकारियों से बचाव करने में मदद करता है।
इनका स्वभाव आमतौर पर शांत होता है और यह एकांत पसंद होते हैं, लेकिन खतरे की स्थिति में गैंडे आक्रामक हो सकते हैं। इनकी दृष्टि बहुत अच्छी होती है, जो उन्हें अपने आसपास के वातावरण को देखने में सहायता करती है।
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मार्च 2022 में असम से दोनों गैंडे गोरखपुर चिड़ियाघर में लाए गए थे।
दोनों की उम्र करीब छह वर्ष है। परिसर में बाड़ा सबसे अंतिम में होने के बावजूद दर्शकों की भीड़ जुटी रहती है। चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि गैंडों का शरीर बहुत मजबूत और शक्तिशाली होता है, जो उन्हें अपने शिकारियों से बचाव करने में मदद करता है।
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इनका स्वभाव आमतौर पर शांत होता है और यह एकांत पसंद होते हैं, लेकिन खतरे की स्थिति में गैंडे आक्रामक हो सकते हैं। इनकी दृष्टि बहुत अच्छी होती है, जो उन्हें अपने आसपास के वातावरण को देखने में सहायता करती है।
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चिड़ियाघर में हर और गौरी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि असम से आने के बाद यह दोनों गोरखपुर के वातावरण में ढल गए। गैंडे शाकाहारी होते हैं। ये आमतौर पर घास, फल, सब्जियां आदि खाते हैं।
हमले से बचाती है मोटी त्वचा
डॉ. योगेश ने बताया कि गैंडों की त्वचा बहुत मोटी और सुरक्षात्मक होती है, जो उन्हें शिकारियों के हमलों से बचाती है। इनकी सूंड लंबी और मजबूत होती है, जो उन्हें खाने और लड़ाई में मदद करती है। गैंडों की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष तक होती है। ये बहुत चौकस होते हैं और अपने आसपास के वातावरण पर खास ध्यान देते हैं। अपने परिवार की रक्षा के लिए बहुत आक्रामक हो जाते हैं। इसीलिए इंसानों को इनसे हमेशा दूरी बनानी चाहिए।
भारी शरीर के बावजूद दौड़ सकते हैं तेज
गैंडे बहुत धीमी गति से चलते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे तेज गति से भी दौड़ सकते हैं। इनके मजबूत पैर तेज दौड़ने में मदद करते हैं। इनका शरीर मजबूत और स्थिर होता है, जो उन्हें गति और संतुलन बनाने में सहायता करता है।
हमले से बचाती है मोटी त्वचा
डॉ. योगेश ने बताया कि गैंडों की त्वचा बहुत मोटी और सुरक्षात्मक होती है, जो उन्हें शिकारियों के हमलों से बचाती है। इनकी सूंड लंबी और मजबूत होती है, जो उन्हें खाने और लड़ाई में मदद करती है। गैंडों की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष तक होती है। ये बहुत चौकस होते हैं और अपने आसपास के वातावरण पर खास ध्यान देते हैं। अपने परिवार की रक्षा के लिए बहुत आक्रामक हो जाते हैं। इसीलिए इंसानों को इनसे हमेशा दूरी बनानी चाहिए।
भारी शरीर के बावजूद दौड़ सकते हैं तेज
गैंडे बहुत धीमी गति से चलते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे तेज गति से भी दौड़ सकते हैं। इनके मजबूत पैर तेज दौड़ने में मदद करते हैं। इनका शरीर मजबूत और स्थिर होता है, जो उन्हें गति और संतुलन बनाने में सहायता करता है।