{"_id":"65cd45a1bd47f957670ecc54","slug":"women-welcomed-yogi-with-flowers-after-finding-them-among-them-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-467135-2024-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: योगी को अपने बीच पाकर महिलाओं ने फूलों से किया स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: योगी को अपने बीच पाकर महिलाओं ने फूलों से किया स्वागत
विज्ञापन
- सौ साल तक उपेक्षा का दंश झेल रहे यहां के लोगों के लिए योगी ने किया आंदोलन,लड़ी लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। करीब सौ साल तक उपेक्षा का दंश झेलने वाले रजही वनटांगिया गांव के लोगों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बेहद आत्मीय नाता है। समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए बतौर सांसद उन्होंने आंदोलन किया। लोकसभा में वनटांगिया अधिकारों के लिए लड़कर 2010 में अपने स्थान पर बने रहने का अधिकार पत्र दिलाया। 2017 में मुख्यमंत्री बने तो वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर उन्हें शासन प्रदत्त सभी सुविधाओं का हकदार बना दिया। बुधवार को सीएम ने एक आम कार्यकर्ता के रूप में घर-घर जाकर अभियान का पंफलेट वितरित किया। योगी को अपने बीच पाकर गांव के लोग चहक उठे और फूल बरसाकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री योगी गांव के लोगों के बीच एक सामान्य भाजपा कार्यकर्ता की भांति पहुंचे थे। लेकिन, लोगों ने उनका स्वागत पहले वाले महराज जी की तरह किया। बोले, जब बाबा हैं तो हमें किसी बात की फिक्र है। सीएम ने कुशलक्षेम जानने के साथ उनसे सरकार की योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी ली। हर घर के सामने उनका फूल बरसाकर स्वागत किया गया। इसके लिए महिलाएं पहले से फूलों की पंखुड़ियां थाली में सजाकर खड़ी थी। सीएम योगी ने हाथ जोड़कर सबका अभिवादन स्वीकार किया। जहां भी लोगों की तरफ से उनके साथ फोटो खिंचवाने का आग्रह हुआ उसे भी उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया। ग्रामीणों के बीच बाबा, माई, चाची जैसे यथोचित संबोधन से उन्होंने लोगों का हालचाल पूछा तो सबके चेहरे खुशी से दमक उठे। सीएम ने गांव के बच्चों को दुलार किया और चॉकलेट भी दिया। टॉफी, चॉकलेट देने का यह सिलसिला तबसे जारी है जब वह सांसद के रूप में इन वनटांगियों के बीच दिवाली मनाने आए थे। कुछ मासूमों को उन्होंने खुद अपने हाथ से चॉकलेट खिलाई। गांव भ्रमण करते समय एक दरवाजे पर सीएम की नजर एक खरगोश पर पड़ गई। मुख्यमंत्री वहीं रुक गए। खरगोश को दुलारने के साथ ही उन्होंने उसे चारा भी खिलाया।
-
वनटांगियां के लिए आंदोलन करना पड़ा, आज अपनी ग्राम पंचायत है
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने वनटांगिया बस्तियां के पूर्व के हालात और वर्तमान के विकास का तुलनात्मक खाका भी सबके सामने रखा। कहा कि दस-पंद्रह साल पहले आरपीएसएफ के साथ एक विवाद हुआ था तब भी हम लोग आए थे और उस समय आंदोलन करना पड़ा था। कभी वन विभाग तो कभी पुलिस या प्रशासन के लोग यहां के लोगों को परेशान करते थे। इन वनटांगिया गांव में जहां पहले कोई जाता नहीं था, आज उनकी अपनी ग्राम पंचायतें हैं। वहां पर हर योजना का लाभ मिल रहा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रजही गांव 2009 में गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में आया। इससे पहले यह बांसगांव संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था। गोरखपुर महानगर क्षेत्र से सटे होने के बावजूद यह सुविधाओं से पूरी तरह वंचित था। यहां पक्का मकान बनाना भी लोगों के लिए कठिन था। वनटांगिया गांव में वर्ष 2009 से ही बतौर सांसद यहां दीपावली मनाते रहे हैं और सात साल पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने खुद द्वारा शुरू की गई परंपरा में रुकावट नहीं आने दी। अब इस गांव में आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, जैसे संसाधनों के साथ ही यहां रहने वालों को जनहित की सभी योजनाओं से आच्छादित कर दिया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। करीब सौ साल तक उपेक्षा का दंश झेलने वाले रजही वनटांगिया गांव के लोगों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बेहद आत्मीय नाता है। समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए बतौर सांसद उन्होंने आंदोलन किया। लोकसभा में वनटांगिया अधिकारों के लिए लड़कर 2010 में अपने स्थान पर बने रहने का अधिकार पत्र दिलाया। 2017 में मुख्यमंत्री बने तो वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर उन्हें शासन प्रदत्त सभी सुविधाओं का हकदार बना दिया। बुधवार को सीएम ने एक आम कार्यकर्ता के रूप में घर-घर जाकर अभियान का पंफलेट वितरित किया। योगी को अपने बीच पाकर गांव के लोग चहक उठे और फूल बरसाकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री योगी गांव के लोगों के बीच एक सामान्य भाजपा कार्यकर्ता की भांति पहुंचे थे। लेकिन, लोगों ने उनका स्वागत पहले वाले महराज जी की तरह किया। बोले, जब बाबा हैं तो हमें किसी बात की फिक्र है। सीएम ने कुशलक्षेम जानने के साथ उनसे सरकार की योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी ली। हर घर के सामने उनका फूल बरसाकर स्वागत किया गया। इसके लिए महिलाएं पहले से फूलों की पंखुड़ियां थाली में सजाकर खड़ी थी। सीएम योगी ने हाथ जोड़कर सबका अभिवादन स्वीकार किया। जहां भी लोगों की तरफ से उनके साथ फोटो खिंचवाने का आग्रह हुआ उसे भी उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया। ग्रामीणों के बीच बाबा, माई, चाची जैसे यथोचित संबोधन से उन्होंने लोगों का हालचाल पूछा तो सबके चेहरे खुशी से दमक उठे। सीएम ने गांव के बच्चों को दुलार किया और चॉकलेट भी दिया। टॉफी, चॉकलेट देने का यह सिलसिला तबसे जारी है जब वह सांसद के रूप में इन वनटांगियों के बीच दिवाली मनाने आए थे। कुछ मासूमों को उन्होंने खुद अपने हाथ से चॉकलेट खिलाई। गांव भ्रमण करते समय एक दरवाजे पर सीएम की नजर एक खरगोश पर पड़ गई। मुख्यमंत्री वहीं रुक गए। खरगोश को दुलारने के साथ ही उन्होंने उसे चारा भी खिलाया।
विज्ञापन
-
वनटांगियां के लिए आंदोलन करना पड़ा, आज अपनी ग्राम पंचायत है
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने वनटांगिया बस्तियां के पूर्व के हालात और वर्तमान के विकास का तुलनात्मक खाका भी सबके सामने रखा। कहा कि दस-पंद्रह साल पहले आरपीएसएफ के साथ एक विवाद हुआ था तब भी हम लोग आए थे और उस समय आंदोलन करना पड़ा था। कभी वन विभाग तो कभी पुलिस या प्रशासन के लोग यहां के लोगों को परेशान करते थे। इन वनटांगिया गांव में जहां पहले कोई जाता नहीं था, आज उनकी अपनी ग्राम पंचायतें हैं। वहां पर हर योजना का लाभ मिल रहा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रजही गांव 2009 में गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में आया। इससे पहले यह बांसगांव संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था। गोरखपुर महानगर क्षेत्र से सटे होने के बावजूद यह सुविधाओं से पूरी तरह वंचित था। यहां पक्का मकान बनाना भी लोगों के लिए कठिन था। वनटांगिया गांव में वर्ष 2009 से ही बतौर सांसद यहां दीपावली मनाते रहे हैं और सात साल पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने खुद द्वारा शुरू की गई परंपरा में रुकावट नहीं आने दी। अब इस गांव में आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, जैसे संसाधनों के साथ ही यहां रहने वालों को जनहित की सभी योजनाओं से आच्छादित कर दिया।