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Gorakhpur News: गर्मी से गर्म हो रहे तार, कट रहे जंफर और जवाब दे रही बिजली
Wed, 29 May 2024 04:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 29 May 2024 04:15 AM IST
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फोटो-
-भीषण गर्मी में गोरखपुर में 25 से 30 प्रतिशत बढ़ गई है खपत
-शहर के कई क्षेत्रोें में ओवरलोड के कारण हो रहा है लोकल फॉल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बिजली निगम की तमाम तैयारियों के बावजूद भी शहर की कई कॉलोनियों के लोग लोकल फॉल्ट से जूझ रहे हैं, क्योंकि गर्मी में बिजली की खपत 25 से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। इस कारण पहले से पर्याप्त लोड वाले फीडर ओवरलोड हो रहे हैं। गर्मी से तार गर्म होने, जंफर कटने या एबीसी केबल में आग लगने जैसी समस्याओं से बिजली जवाब दे रही है। बिजली के लोकल फॉल्ट से लोगों को रतजगा करने की नौबत भी आ रही है।
गोरखपुर में सामान्य दिनों में 450 से 500 एमवीए बिजली खपत होती है, जबकि अब 600 एमवीए तक खपत हो रही है। सोमवार को बिजली की खपत 595 एमवीए थी, जबकि मौसम नम होने से खपत कुछ कम हुई थी।
लोकल फॉल्ट की चुनौतियों को कम करने के लिए बिजली निगम ने शहरी क्षेत्र में सात नए फीडर बनाए हैं, जबकि 25 और फीडर बनाने की योजना है।
पारा कुछ कम होने पर बिजली का शटडाउन लेकर नए फीडरों को बनाकर लोड बांटे जाएंगे। इसके साथ ही छह माह में 42 ट्रांसफाॅर्मर नए लगाए हैं, जबकि 66 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि हुई है। यही कारण है कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा कम ट्रांसफाॅर्मर जले हैं। पिछले साल अप्रैल-मई में 32 ट्रांसफार्मर जले थे, जबकि इस बार अब तक 14 ट्रांसफार्मरों के कारण बिजली कटी और बदलने की नौबत आई।
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इस कारण हो रहा है लोकल फॉल्ट
घरों व दफ्तरों में एक साथ एसी, कूलर, पंखे व फ्रीज चलने के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है। बिजली निगम के अनुसार फिलहाल मांग की अपेक्षा आपूर्ति देने के लिए सिस्टम लोड ले रहा है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में ओवरलोड का असर होने से लोकल फॉल्ट हो रहा है। गर्मी में एल्यूमीनियम के तार गर्म हो जाते हैं। इस कारण तारों की लंबाई बढ़ती है, ऐसे में दोनों फेज के बीच मानक दूरी भी कम हो जाती है, और हवा के दौरान दो तारों के आपस में सट जाने से बिजली गुल हो जाती है।
अधीक्षण अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शहर में बिजली व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए 17 मोबाइल ट्रांसफाॅर्मरों की व्यवस्था की गई है।
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कोट--
बिजली निगम का सिस्टम ओवरलोड नहीं हुआ है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में वहां का स्थानीय सिस्टम ओवरलोड हो रहा है। बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए कार्य हुए हैं, और पिछले सालों की अपेक्षा लोकल फॉल्ट भी कम हो रहा है।
-आशु कालिया, मुख्य अभियंता
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-भीषण गर्मी में गोरखपुर में 25 से 30 प्रतिशत बढ़ गई है खपत
-शहर के कई क्षेत्रोें में ओवरलोड के कारण हो रहा है लोकल फॉल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बिजली निगम की तमाम तैयारियों के बावजूद भी शहर की कई कॉलोनियों के लोग लोकल फॉल्ट से जूझ रहे हैं, क्योंकि गर्मी में बिजली की खपत 25 से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। इस कारण पहले से पर्याप्त लोड वाले फीडर ओवरलोड हो रहे हैं। गर्मी से तार गर्म होने, जंफर कटने या एबीसी केबल में आग लगने जैसी समस्याओं से बिजली जवाब दे रही है। बिजली के लोकल फॉल्ट से लोगों को रतजगा करने की नौबत भी आ रही है।
गोरखपुर में सामान्य दिनों में 450 से 500 एमवीए बिजली खपत होती है, जबकि अब 600 एमवीए तक खपत हो रही है। सोमवार को बिजली की खपत 595 एमवीए थी, जबकि मौसम नम होने से खपत कुछ कम हुई थी।
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लोकल फॉल्ट की चुनौतियों को कम करने के लिए बिजली निगम ने शहरी क्षेत्र में सात नए फीडर बनाए हैं, जबकि 25 और फीडर बनाने की योजना है।
पारा कुछ कम होने पर बिजली का शटडाउन लेकर नए फीडरों को बनाकर लोड बांटे जाएंगे। इसके साथ ही छह माह में 42 ट्रांसफाॅर्मर नए लगाए हैं, जबकि 66 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि हुई है। यही कारण है कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा कम ट्रांसफाॅर्मर जले हैं। पिछले साल अप्रैल-मई में 32 ट्रांसफार्मर जले थे, जबकि इस बार अब तक 14 ट्रांसफार्मरों के कारण बिजली कटी और बदलने की नौबत आई।
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इस कारण हो रहा है लोकल फॉल्ट
घरों व दफ्तरों में एक साथ एसी, कूलर, पंखे व फ्रीज चलने के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है। बिजली निगम के अनुसार फिलहाल मांग की अपेक्षा आपूर्ति देने के लिए सिस्टम लोड ले रहा है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में ओवरलोड का असर होने से लोकल फॉल्ट हो रहा है। गर्मी में एल्यूमीनियम के तार गर्म हो जाते हैं। इस कारण तारों की लंबाई बढ़ती है, ऐसे में दोनों फेज के बीच मानक दूरी भी कम हो जाती है, और हवा के दौरान दो तारों के आपस में सट जाने से बिजली गुल हो जाती है।
अधीक्षण अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शहर में बिजली व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए 17 मोबाइल ट्रांसफाॅर्मरों की व्यवस्था की गई है।
कोट
बिजली निगम का सिस्टम ओवरलोड नहीं हुआ है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में वहां का स्थानीय सिस्टम ओवरलोड हो रहा है। बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए कार्य हुए हैं, और पिछले सालों की अपेक्षा लोकल फॉल्ट भी कम हो रहा है।
-आशु कालिया, मुख्य अभियंता