{"_id":"6a6bb9c99dd79577bd09d2f1","slug":"water-supply-to-be-provided-after-purifying-water-from-the-rapti-and-rohin-rivers-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1402671-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: राप्ती-रोहिन के पानी को साफ कर होगी जलापूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: राप्ती-रोहिन के पानी को साफ कर होगी जलापूर्ति
Fri, 31 Jul 2026 02:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। नगर निगम अब भूजल पर बढ़ती निर्भरता कम करने और सतही जल स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में पहल करेगा। बृहस्पतिवार को मेयर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में राप्ती और रोहिन नदी के पानी को स्वच्छ कर शहर की जलापूर्ति में उपयोग करने की योजना पर सहमति बनी।
इसके लिए श्रीराम चौक, बसंतपुर, महर्षि दधीचि नगर और माधोपुर वार्डों में सर्वे कराया जाएगा। जिस वार्ड में परियोजना की लागत सबसे कम आएगी, वहीं से इसकी शुरुआत होगी। बैठक में समाजवादी पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य जियाउल इस्लाम ने यह प्रस्ताव रखा, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया। जलकल महाप्रबंधक रघुवेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व में उत्तर प्रदेश जल निगम ने इस संबंध में सर्वे किया था लेकिन अधिक लागत के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
उन्होंने बताया कि एक एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने पर लगभग 2.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे करीब 500 घरों को जलापूर्ति की जा सकेगी। बैठक में 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत शहर के 80 वार्डों में 500 वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाने की 2.50 करोड़ रुपये की परियोजना को भी आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई। प्रत्येक पिट पर लगभग 50 हजार रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 108 पंजीकृत आरओ प्लांट और 38 वाहन धुलाई केंद्रों पर भी वर्षा जल संचयन प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू कराने पर जोर दिया गया। ा
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके लिए श्रीराम चौक, बसंतपुर, महर्षि दधीचि नगर और माधोपुर वार्डों में सर्वे कराया जाएगा। जिस वार्ड में परियोजना की लागत सबसे कम आएगी, वहीं से इसकी शुरुआत होगी। बैठक में समाजवादी पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य जियाउल इस्लाम ने यह प्रस्ताव रखा, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया। जलकल महाप्रबंधक रघुवेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व में उत्तर प्रदेश जल निगम ने इस संबंध में सर्वे किया था लेकिन अधिक लागत के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एक एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने पर लगभग 2.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे करीब 500 घरों को जलापूर्ति की जा सकेगी। बैठक में 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत शहर के 80 वार्डों में 500 वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाने की 2.50 करोड़ रुपये की परियोजना को भी आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई। प्रत्येक पिट पर लगभग 50 हजार रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 108 पंजीकृत आरओ प्लांट और 38 वाहन धुलाई केंद्रों पर भी वर्षा जल संचयन प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू कराने पर जोर दिया गया। ा
विज्ञापन