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सीएम योगी गोरखपुर को देंगे ये खास तोहफा, बदलेगी उद्योग जगत की तस्वीर
Wed, 02 Dec 2020 06:02 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 02 Dec 2020 06:02 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ व उद्योग भवन।
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गीडा के सेक्टर 13 में बनाए गए उद्योग भवन का लोकार्पण करेंगे। गीडा के उद्यमियों के आर्थिक सहयोग से इस उद्योग भवन का निर्माण हुआ है। इसके निर्माण में तकरीबन एक करोड़ रुपए की लागत आई है। इस भवन के निर्माण में करीब 90 से 95% सामान का इस्तेमाल गीडा की फैक्ट्रियों में तैयार उत्पादों का किया गया है।
करीब एक करोड़ की लागत से बना है यह उद्योग भवन
गीडा में पिपरौली रोड पर सेक्टर 13 में उद्योग भवन बनकर तैयार हो चुका है । गीडा के उद्यमियों के आर्थिक सहयोग से इस उद्योग भवन का निर्माण हुआ है । इसके निर्माण में करीब एक करोड़ की लागत आई है । चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह का कहना है कि उद्योग भवन के लिए 10 हजार वर्ग फीट जमीन एक दशक पहले तत्कालीन कमिश्नर पीके मोहंती ने मुफ्त में मुहैया कराई थी।
सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है यह भवन
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी ने कहा कि उद्योग भवन के हॉल में एक साथ 150 लोग बैठ सकते हैं। कान्फ्रेंस हॉल में 50 लोग बैठ सकेंगे। इंटरनेट, वाईफाई सुविधाओं से लैस भवन में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। उद्योग भवन में चैंबर के कार्यकाल और संघर्ष का अक्स नजर आएगा।
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करीब एक करोड़ की लागत से बना है यह उद्योग भवन
गीडा में पिपरौली रोड पर सेक्टर 13 में उद्योग भवन बनकर तैयार हो चुका है । गीडा के उद्यमियों के आर्थिक सहयोग से इस उद्योग भवन का निर्माण हुआ है । इसके निर्माण में करीब एक करोड़ की लागत आई है । चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह का कहना है कि उद्योग भवन के लिए 10 हजार वर्ग फीट जमीन एक दशक पहले तत्कालीन कमिश्नर पीके मोहंती ने मुफ्त में मुहैया कराई थी।
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सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है यह भवन
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी ने कहा कि उद्योग भवन के हॉल में एक साथ 150 लोग बैठ सकते हैं। कान्फ्रेंस हॉल में 50 लोग बैठ सकेंगे। इंटरनेट, वाईफाई सुविधाओं से लैस भवन में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। उद्योग भवन में चैंबर के कार्यकाल और संघर्ष का अक्स नजर आएगा।
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गीडा की बदलती तस्वीर पेश करने वाला है यह उद्योग भवन
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह का कहना है कि नया उद्योग भवन इस बात का आईना है कि गीडा में उच्च कोटि के उत्पादों का निर्माण हो रहा है। सरिया, ईंट, पंखा, पाइप, टंकी से लेकर वह सबकुछ गीडा स्थित फैक्ट्रियों से तैयार है। बमुश्किल 10 फीसदी समान गीडा के बाहर के हैं।
सरिया, पंखा से लेकर टंकी तक गीडा में बनीं फैक्ट्रियों की
नवनिर्मित उद्योग भवन ना सिर्फ गीडा के उद्यमियों के आपसी सहयोग से बना है बल्कि सरिया, पाइप से लेकर पानी की टंकी तक गीडा की फैक्ट्रियों की है। सरिया गैलेंट का है तो पंखा साहू इंडस्ट्रीज का। वाल पुट्टी विकास अग्रहरि की फैक्ट्री की है तो पाइप शंकर केबल में बनी है। फर्नीचर और लकड़ी का पूरा काम एहसान करीम और आरिफ साबिर की फैक्ट्री से हुआ है। पानी की टंकी उद्यमी ओमबाबू अग्रहरि की फैक्ट्री में बनी है, तो सर्वो स्टेपलाइजर हरिहर सिंह की फैक्ट्री का है। सीमेंट के 7500 ईंट उद्यमी कमलेश सिंह की फैक्ट्री से आई है। खिड़की, लोहे की आलमारी, गेट, ग्रिल सबकुछ गीडा में बना है।
33 साल पहले गोरखनाथ रोड पर भी बनाया गया था उद्योग भवन
गोरखनाथ रोड पर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने 33 वर्ष पूर्व उद्योग भवन की नींव रखी थी। तभी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की स्थापना की कोशिशें शुरू हुई। 30 नवंबर 1989 को स्थापित गीडा में वर्तमान में 500 से अधिक छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं। लिंक एक्सप्रेस के दोनों तरफ औद्योगिक कॉरिडोर, गीडा के विस्तार को देखते हुए सेक्टर 13 में नए उद्योग भवन का निर्माण किया गया है।
सरिया, पंखा से लेकर टंकी तक गीडा में बनीं फैक्ट्रियों की
नवनिर्मित उद्योग भवन ना सिर्फ गीडा के उद्यमियों के आपसी सहयोग से बना है बल्कि सरिया, पाइप से लेकर पानी की टंकी तक गीडा की फैक्ट्रियों की है। सरिया गैलेंट का है तो पंखा साहू इंडस्ट्रीज का। वाल पुट्टी विकास अग्रहरि की फैक्ट्री की है तो पाइप शंकर केबल में बनी है। फर्नीचर और लकड़ी का पूरा काम एहसान करीम और आरिफ साबिर की फैक्ट्री से हुआ है। पानी की टंकी उद्यमी ओमबाबू अग्रहरि की फैक्ट्री में बनी है, तो सर्वो स्टेपलाइजर हरिहर सिंह की फैक्ट्री का है। सीमेंट के 7500 ईंट उद्यमी कमलेश सिंह की फैक्ट्री से आई है। खिड़की, लोहे की आलमारी, गेट, ग्रिल सबकुछ गीडा में बना है।
33 साल पहले गोरखनाथ रोड पर भी बनाया गया था उद्योग भवन
गोरखनाथ रोड पर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने 33 वर्ष पूर्व उद्योग भवन की नींव रखी थी। तभी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की स्थापना की कोशिशें शुरू हुई। 30 नवंबर 1989 को स्थापित गीडा में वर्तमान में 500 से अधिक छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं। लिंक एक्सप्रेस के दोनों तरफ औद्योगिक कॉरिडोर, गीडा के विस्तार को देखते हुए सेक्टर 13 में नए उद्योग भवन का निर्माण किया गया है।