फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Two more cases of fraud came to light in the name of helping by posing as police

Gorakhpur News: पुलिस बनकर की जालसाजी फिर दो लोगों से की गई ठगी

Thu, 28 Dec 2023 01:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 28 Dec 2023 01:32 PM IST
सार

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि मामला सामने आने पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच साइबर एक्सपर्ट की मदद से पुलिस कर रही है। केस दर्ज करते समय या कार्रवाई के वक्त ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाता है, जिसमें फीस मांगी जाए।

विज्ञापन
Two more cases of fraud came to light in the name of helping by posing as police
जालसाजी। (सांकेतिक) - फोटो : social media

विस्तार

गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके में ही पुलिस बनकर मदद करने के नाम पर जालसाजी करने के दो और मामले सामने आ गए हैं। दोनों पीड़ितों ने भी पुलिस को घटना की जानकारी दी है। वहीं, एक मामले में पहले ही पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी है। शुरुआती जांच में यूपी कॉप एप की मदद से एफआईआर कॉपी हासिल कर वहीं से जालसाजी किए जाने के ही आशंका है। लेकिन, आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही पूरा मामला खुलकर सामने आ सकता है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा के बजहा निवासी अखिलेश का 31 जुलाई को विवाद हो गया था। मारपीट के मामले में अखिलेश शर्मा की तहरीर पर मारपीट का केस दर्ज है। सोमवार को अखिलेश के पास भी फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को गोरखपुर पुलिस का एसआई बताया।
विज्ञापन


वहीं गुलरिहा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर मलंग चौराहे पर 31 अक्तूबर को मारपीट हुई थी, जिसमे दो पक्षों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसमें एक पक्ष से केस दर्ज कराने वाली सुनीता गुप्ता के पति के खिलाफ भी दूसरे पक्ष ने केस दर्ज कराया था। इस मामले में सुनीता के पास सोमवार को दो बार कॉल आई, उसने बोला कि वह एसपी ऑफिस से बोल रहा है। उसने सुनीता से पति का नाम और केस पर विराम लगाने के लिए पैसे की डिमांड की।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे हासिल कर रहें हैं डिटेल
एक व्यवस्था के बाद पीड़ित या किसी को भी आसानी से एफआईआर काॅपी मिल सके, इसके लिए यूपी कॉप एप है। अगर इसे डाउनलोड कर लिया जाए तो आसानी से किसी भी जिले और थाने में दर्ज एफआईआर की काॅपी हासिल की जा सकती है। एफआईआर कॉपी में वादी का मोबाइल नंबर होता है। इसी सुविधा का जालसाज अब दुरुपयोग करने लगे हैं।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि मामला सामने आने पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच साइबर एक्सपर्ट की मदद से पुलिस कर रही है। केस दर्ज करते समय या कार्रवाई के वक्त ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाता है, जिसमें फीस मांगी जाए। ऐसा फोन आने पर सतर्क होना चाहिए और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।
 

जालसाज और एक पीड़ित से बातचीत का अंश

  • जालसाज : अखिलेश बोल रहे हो।
  • अखिलेश : हां।
  • जालसाज : अखिलेश जी आपके मुकदमे जो धारा 323, 501, 504 लगाई गई है, इसके चलते विपक्षी को 6 से 7 माह से पहले जमानत नहीं होगी, ऐसी फाइल एसपी साहब ने बनाई है, आपको इसके लिए रजिस्ट्रेशन फीस 2450 रुपये जमा करने होंगे।
  • अखिलेश : कैसे?
  • जालसाज : जनसेवा केंद्र आपके आस-पास है।
  • अखिलेश : जी।
  • जालसाज : वहां जाकर फोन पे, गूगल पे या पेटीएम से यह पैसे जमा करने हैं, आपके मुकदमे में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
  • अखिलेश : सर आज तो छुट्टी है, जन्माष्टमी है आज।
  • जालसाज : बेटा आज जन्माष्टमी नहीं क्रिसमस है।
  • अखिलेश : अरे सर मुंह से निकल गया था।
  • जालसाज : बेटा आप नहीं चाहते हैं कि आपके घर वालों को प्रताड़ित करने वालों को जल्द हम लोग गिरफ्तार करें, ऐसा चाहते हैं तो किसी दोस्त के नंबर से गूगल पे या पेटीएम करें, आपकी सारी बात मोबाइल का स्पीकर ऑन कर हो रही है, एसपी सर और डीएसपी सर भी आपकी बात सुन रहे हैं, इसलिए 10 मिनट के अंदर दोस्त या किसी दुकान पर जाकर हमें कॉल करें, आपको मैं नंबर बताउंगा, उसपर गूगल पे कर देना, इसके बाद 24 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
  • अखिलेश : जी सर। इसके बाद उसने रुपया भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed