Gorakhpur News: पुलिस बनकर की जालसाजी फिर दो लोगों से की गई ठगी
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि मामला सामने आने पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच साइबर एक्सपर्ट की मदद से पुलिस कर रही है। केस दर्ज करते समय या कार्रवाई के वक्त ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाता है, जिसमें फीस मांगी जाए।
विस्तार
गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके में ही पुलिस बनकर मदद करने के नाम पर जालसाजी करने के दो और मामले सामने आ गए हैं। दोनों पीड़ितों ने भी पुलिस को घटना की जानकारी दी है। वहीं, एक मामले में पहले ही पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी है। शुरुआती जांच में यूपी कॉप एप की मदद से एफआईआर कॉपी हासिल कर वहीं से जालसाजी किए जाने के ही आशंका है। लेकिन, आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही पूरा मामला खुलकर सामने आ सकता है।
जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा के बजहा निवासी अखिलेश का 31 जुलाई को विवाद हो गया था। मारपीट के मामले में अखिलेश शर्मा की तहरीर पर मारपीट का केस दर्ज है। सोमवार को अखिलेश के पास भी फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को गोरखपुर पुलिस का एसआई बताया।
वहीं गुलरिहा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर मलंग चौराहे पर 31 अक्तूबर को मारपीट हुई थी, जिसमे दो पक्षों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसमें एक पक्ष से केस दर्ज कराने वाली सुनीता गुप्ता के पति के खिलाफ भी दूसरे पक्ष ने केस दर्ज कराया था। इस मामले में सुनीता के पास सोमवार को दो बार कॉल आई, उसने बोला कि वह एसपी ऑफिस से बोल रहा है। उसने सुनीता से पति का नाम और केस पर विराम लगाने के लिए पैसे की डिमांड की।
ऐसे हासिल कर रहें हैं डिटेल
एक व्यवस्था के बाद पीड़ित या किसी को भी आसानी से एफआईआर काॅपी मिल सके, इसके लिए यूपी कॉप एप है। अगर इसे डाउनलोड कर लिया जाए तो आसानी से किसी भी जिले और थाने में दर्ज एफआईआर की काॅपी हासिल की जा सकती है। एफआईआर कॉपी में वादी का मोबाइल नंबर होता है। इसी सुविधा का जालसाज अब दुरुपयोग करने लगे हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि मामला सामने आने पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच साइबर एक्सपर्ट की मदद से पुलिस कर रही है। केस दर्ज करते समय या कार्रवाई के वक्त ऐसा कोई रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाता है, जिसमें फीस मांगी जाए। ऐसा फोन आने पर सतर्क होना चाहिए और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।
जालसाज और एक पीड़ित से बातचीत का अंश
- जालसाज : अखिलेश बोल रहे हो।
- अखिलेश : हां।
- जालसाज : अखिलेश जी आपके मुकदमे जो धारा 323, 501, 504 लगाई गई है, इसके चलते विपक्षी को 6 से 7 माह से पहले जमानत नहीं होगी, ऐसी फाइल एसपी साहब ने बनाई है, आपको इसके लिए रजिस्ट्रेशन फीस 2450 रुपये जमा करने होंगे।
- अखिलेश : कैसे?
- जालसाज : जनसेवा केंद्र आपके आस-पास है।
- अखिलेश : जी।
- जालसाज : वहां जाकर फोन पे, गूगल पे या पेटीएम से यह पैसे जमा करने हैं, आपके मुकदमे में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
- अखिलेश : सर आज तो छुट्टी है, जन्माष्टमी है आज।
- जालसाज : बेटा आज जन्माष्टमी नहीं क्रिसमस है।
- अखिलेश : अरे सर मुंह से निकल गया था।
- जालसाज : बेटा आप नहीं चाहते हैं कि आपके घर वालों को प्रताड़ित करने वालों को जल्द हम लोग गिरफ्तार करें, ऐसा चाहते हैं तो किसी दोस्त के नंबर से गूगल पे या पेटीएम करें, आपकी सारी बात मोबाइल का स्पीकर ऑन कर हो रही है, एसपी सर और डीएसपी सर भी आपकी बात सुन रहे हैं, इसलिए 10 मिनट के अंदर दोस्त या किसी दुकान पर जाकर हमें कॉल करें, आपको मैं नंबर बताउंगा, उसपर गूगल पे कर देना, इसके बाद 24 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
- अखिलेश : जी सर। इसके बाद उसने रुपया भेजा है।