Gorakhpur News: हद है! एक ही घर के दो दरवाजे...दोनों पर संपत्ति कर का नोटिस- नियमित भुगतान पर भी बकाएदार
गोरखपुर में जीआईएस सर्वेक्षण के बाद घरों तक पहुंच रहे संपत्ति कर के नोटिस पर लोगों की आपत्ति का निस्तारण नगर निगम शिविर लगाकर कर रहा है। रविवार को जोन चार के जोनल कार्यालय पर शिविर आयोजित हुआ। शिविर में पहुंचे एक व्यक्ति की शिकायत थी कि उसके घर के दो दरवाजे हैं, उसके पास दोनों द्वार से जुड़ा नोटिस आ चुका है। परेशान होकर उसने आपत्ति दर्ज की।
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इसी तरह गोरखनाथ इलाके के रहने वाले मोहम्मद आरिफ के घर के दो दरवाजे हैं। बताया कि पीछे के दरवाजे पर एक जर्जर मकान है जिसमें कोई नहीं रहता। उसकी फोटो के साथ पिछले साल नोटिस आया था जिसके बाद उसने निगम में आपत्ति दर्ज की। अब दूसरे दरवाजे को लेकर नोटिस आया है। पहले उनका संपत्ति कर 288 रुपये आता था जो अब बढ़कर 1798 हो गया है।
आरिफ ने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने अपना संपत्ति कर नियमित जमा किया है फिर भी 5517 रुपये बकाया का बिल आ गया है। उन्होंने इसे ठीक करने और एक ही दरवाजे के अनुसार संपत्ति कर लेने का अनुरोध
किया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर इसे ठीक करवाने का आश्वासन दिया है।
शिविर में आए भवन स्वामी नरसिंह प्रसाद गुप्ता भवन संख्या 2 पुराना गोरखपुर का पूर्व में 1,382 रुपये संपत्तिकर आता था। जीआईएस सर्वेक्षण में उन्हें 3,110 रुपये का बिल मिला। आपत्ति करने पर मेगा शिविर में 2,488 रुपये निर्धारित हो गया। इसी तरह भवन स्वामी हीरालाल सिन्धी का 3,732 रुपये का बिल आपत्ति के उपरांत 2,764, भवन स्वामी कृष्ण गोपाल श्रीवास्तव का बिल 2,710 रुपये से घट कर 1,770 रुपये निर्धारित हो गया।
58 आपत्तियों का निस्तारण
जोनल कार्यालय जोन-4 सुभाष नगर में जीआईएस आधारित संपत्तिकर के बिल की आपत्तियों के निस्तारण के लिए मेगा शिविर में 58 आपत्तियों का निस्तारण किया गया। बाकी 33 आपत्तियाें की जांच कर जल्द निस्तारण का आश्वासन मिला है। शिविर में आए लोग प्रसन्न थे क्योंकि तकरीबन सभी के जीआईएस आधारित नोटिस रिवाइज हो गए थे।
शिविर में 20 भवन स्वामियों ने 57,587 रुपये संपत्तिकर मौके पर ही जमा किया। शिविर में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव एवं नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल भी पहुंचे। उन्होंने शिकायत लेकर आए लोगों से बात की। शिविर में जोनल अधिकारी अविनाश प्रताप सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय, कर अधीक्षक विपुल विक्रम राय एवं समस्त राजस्व निरीक्षक व कर निरीक्षक आदि उपस्थित रहे।
हुमांयूपुर उत्तरी के अरुण जायसवाल ने बताया कि पहले हमारा संपत्ति कर 692 रुपये प्रतिवर्ष आता था, लेकिन जीआईएस सर्वेक्षण के बाद यह बढ़कर 3178 रुपये हो गया है। साल भर पहले इसका नोटिस आया था। शिविर में मौके का निरीक्षण कर इसे निर्धारित करने का आश्वासन मिला है।
सूर्य विहार कॉलोनी के अशोक जायसवाल ने बताया कि हमारा संपत्ति कर अक्तूबर 2023 तक का 2996 रुपये जमा था। अप्रैल तक का 3116 रुपये था, लेकिन अब नया बिल 5731 रुपये का आ गया है।