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श्रद्धांजलि समारोह : ब्रह्मलीन महंतद्वय की स्मृति में सजेगा गोरखनाथ मंदिर परिसर
Tue, 22 Sep 2026 02:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 02:43 AM IST
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गोरखपुर। गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में 24 से 30 सितंबर तक सात दिवसीय श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह के एक दिन पहले 23 सितंबर से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ होगा। वृंदावन से पधारे मलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य श्रद्धालुओं को कथा सुनाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे।
गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि दोनों ब्रह्मलीन महंतों ने धर्म, संस्कृति, शिक्षा, समाज और राष्ट्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष होने वाला यह आयोजन उनकी स्मृतियों को नमन करने के साथ लोगों को सामाजिक, राष्ट्रीय और आध्यात्मिक विषयों से जोड़ने का माध्यम बनता है।
समारोह में देशभर से संत, धर्माचार्य और विद्वान शामिल होंगे। इनमें रोहतक के महंत बालकनाथ, जूनागढ़ के महंत शेरनाथ, नैमिषारण्य के स्वामी विद्या चैतन्य, गाजियाबाद के महंत नारायण गिरि, वाराणसी के डॉ. रामकमलदास वेदांती, हरिद्वार के महंत चेताईनाथ, कच्छ के महंत देवनाथ, वाराणसी के महंत संतोषदास, प्रयागराज के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य, अयोध्या के महंत रामदिनेशाचार्य सहित कई संत शामिल होंगे।
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सम्मेलनों में आईआईटी बीएचयू के डॉ. वी. रामानाथन, स्वामी विवेकानंद केंद्र के प्रो. विनोद सोलंकी, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतीहारी के पूर्व कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता सहित कई विषय विशेषज्ञ विचार रखेंगे।
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इन विषयों पर होगा सम्मेलन
श्रद्धांजलि समारोह में 24 सितंबर से समसामयिक विषयों पर सम्मेलन शुरू होंगे। पहले दिन भारतीय ज्ञान परंपरा का वर्तमान परिप्रेक्ष्य विषय पर सम्मेलन होगा। 25 सितंबर को नशा नाश का कारण है, 26 को लोकतंत्र की जननी है भारत, 27 को संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति और 28 सितंबर को भारतीय संस्कृति एवं गो-सेवा विषय पर चर्चा होगी। 29 सितंबर को युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ और 30 सितंबर को राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की श्रद्धांजलि सभा होगी। इन दोनों तिथियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे। दोनों दिन अखंड मानस पाठ और भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
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श्रद्धालुओं के लिए चार मार्गों से चलेगी निशुल्क बस
श्रीमद्भागवत कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गोरखनाथ मंदिर की ओर से प्रतिदिन निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। बसें निर्धारित मार्गों से दोपहर दो बजे से पहले चलेंगी। पहली बस महुआतर ओवरब्रिज, महेसरा, मोहरीपुर, बरगदवा और राजेंद्रनगर होते हुए गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी। दूसरी बस गीता गार्डेन, असुरन चौक, एचएन सिंह चौराहा, राप्तीनगर, हाईडिल, स्पोर्ट्स कॉलेज, जंगल नकहा ओवरब्रिज, राणी सती मंदिर और रामनगर चौराहा होते हुए मंदिर जाएगी। तीसरी बस मुंशी प्रेमचंद पार्क, टीडीएम स्कूल, अलहदादपुर चौराहा, बेतियाहाता चौराहा, गोलघर, काली मंदिर, धर्मशाला पुल और तरंग क्रासिंग होते हुए मंदिर पहुंचेगी। चौथी बस इंजीनियरिंग कॉलेज, गिरधरगंज, छात्रसंघ चौराहा, विश्वविद्यालय चौराहा, कार्मल स्कूल, यातायात तिराहा, धर्मशाला और तरंग क्रासिंग होते हुए श्रीगोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी।
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गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि दोनों ब्रह्मलीन महंतों ने धर्म, संस्कृति, शिक्षा, समाज और राष्ट्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष होने वाला यह आयोजन उनकी स्मृतियों को नमन करने के साथ लोगों को सामाजिक, राष्ट्रीय और आध्यात्मिक विषयों से जोड़ने का माध्यम बनता है।
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समारोह में देशभर से संत, धर्माचार्य और विद्वान शामिल होंगे। इनमें रोहतक के महंत बालकनाथ, जूनागढ़ के महंत शेरनाथ, नैमिषारण्य के स्वामी विद्या चैतन्य, गाजियाबाद के महंत नारायण गिरि, वाराणसी के डॉ. रामकमलदास वेदांती, हरिद्वार के महंत चेताईनाथ, कच्छ के महंत देवनाथ, वाराणसी के महंत संतोषदास, प्रयागराज के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य, अयोध्या के महंत रामदिनेशाचार्य सहित कई संत शामिल होंगे।
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सम्मेलनों में आईआईटी बीएचयू के डॉ. वी. रामानाथन, स्वामी विवेकानंद केंद्र के प्रो. विनोद सोलंकी, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतीहारी के पूर्व कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता सहित कई विषय विशेषज्ञ विचार रखेंगे।
इन विषयों पर होगा सम्मेलन
श्रद्धांजलि समारोह में 24 सितंबर से समसामयिक विषयों पर सम्मेलन शुरू होंगे। पहले दिन भारतीय ज्ञान परंपरा का वर्तमान परिप्रेक्ष्य विषय पर सम्मेलन होगा। 25 सितंबर को नशा नाश का कारण है, 26 को लोकतंत्र की जननी है भारत, 27 को संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति और 28 सितंबर को भारतीय संस्कृति एवं गो-सेवा विषय पर चर्चा होगी। 29 सितंबर को युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ और 30 सितंबर को राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की श्रद्धांजलि सभा होगी। इन दोनों तिथियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे। दोनों दिन अखंड मानस पाठ और भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए चार मार्गों से चलेगी निशुल्क बस
श्रीमद्भागवत कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गोरखनाथ मंदिर की ओर से प्रतिदिन निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। बसें निर्धारित मार्गों से दोपहर दो बजे से पहले चलेंगी। पहली बस महुआतर ओवरब्रिज, महेसरा, मोहरीपुर, बरगदवा और राजेंद्रनगर होते हुए गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी। दूसरी बस गीता गार्डेन, असुरन चौक, एचएन सिंह चौराहा, राप्तीनगर, हाईडिल, स्पोर्ट्स कॉलेज, जंगल नकहा ओवरब्रिज, राणी सती मंदिर और रामनगर चौराहा होते हुए मंदिर जाएगी। तीसरी बस मुंशी प्रेमचंद पार्क, टीडीएम स्कूल, अलहदादपुर चौराहा, बेतियाहाता चौराहा, गोलघर, काली मंदिर, धर्मशाला पुल और तरंग क्रासिंग होते हुए मंदिर पहुंचेगी। चौथी बस इंजीनियरिंग कॉलेज, गिरधरगंज, छात्रसंघ चौराहा, विश्वविद्यालय चौराहा, कार्मल स्कूल, यातायात तिराहा, धर्मशाला और तरंग क्रासिंग होते हुए श्रीगोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी।