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Gorakhpur: निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज, इद्रीश की मौत; परिजन बोले- सदमा लगा
Mon, 07 Aug 2023 02:31 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 07 Aug 2023 02:31 PM IST
सार
पत्नी जयबुन निशा ने बताया कि वर्ष 2004-05 में गोड़धोइया नाले के किनारे जंगल मातादीन के ज्ञानपुरम मोहल्ले में पति ने मकान बनाया था। उनके दो बच्चे शाबिर और इम्तियाज मजदूरी करते हैं। वह घर के नजदीक स्थित मजार के पास महिलाओं से संबंधित सामान बेचती हैं और पति वहीं फूल व खुरमा बेचते थे।
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मोहम्मद इद्रीस अंसारी। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में शाहपुर निवासी और मासूम बाबा की मजार के आगे फूल-खुरमा बेचने वाले 65 वर्षीय मोहम्मद इद्रीश की शनिवार की भोर में बीआरडी मेडिकल कालेज में मौत हो गई। रविवार को परिजनों ने बताया कि उन्हें सदमा लगा और तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई।
पत्नी जयबुन निशा ने बताया कि वर्ष 2004-05 में गोड़धोइया नाले के किनारे जंगल मातादीन के ज्ञानपुरम मोहल्ले में पति ने मकान बनाया था। उनके दो बच्चे शाबिर और इम्तियाज मजदूरी करते हैं। वह घर के नजदीक स्थित मजार के पास महिलाओं से संबंधित सामान बेचती हैं और पति वहीं फूल व खुरमा बेचते थे। दंपती ने गोड़धोइया पुल के पास भी एक मकान बनवा रखा है।
जयबुन का कहना है कि ज्ञानपुरम वाला पूरा मकान ही गोड़धोइया विस्तारणीकरण में शामिल है। 22 जुलाई को मकान पर भी निशान लगा दिया गया। परिजनों का कहना है कि तभी इद्रीश की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ा। स्थिति में सुधार होने पर घर लाए। शुक्रवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर डाॅक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बीआरडी मेडिकल काॅलेज में शनिवार की अलसुबह उनका इंतकाल हो गया।
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पत्नी जयबुन निशा ने बताया कि वर्ष 2004-05 में गोड़धोइया नाले के किनारे जंगल मातादीन के ज्ञानपुरम मोहल्ले में पति ने मकान बनाया था। उनके दो बच्चे शाबिर और इम्तियाज मजदूरी करते हैं। वह घर के नजदीक स्थित मजार के पास महिलाओं से संबंधित सामान बेचती हैं और पति वहीं फूल व खुरमा बेचते थे। दंपती ने गोड़धोइया पुल के पास भी एक मकान बनवा रखा है।
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जयबुन का कहना है कि ज्ञानपुरम वाला पूरा मकान ही गोड़धोइया विस्तारणीकरण में शामिल है। 22 जुलाई को मकान पर भी निशान लगा दिया गया। परिजनों का कहना है कि तभी इद्रीश की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ा। स्थिति में सुधार होने पर घर लाए। शुक्रवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर डाॅक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बीआरडी मेडिकल काॅलेज में शनिवार की अलसुबह उनका इंतकाल हो गया।
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