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गलत ट्रैक पर चली गई पैसेंजर ट्रेन, वापस लाने को यात्री देने लगे धक्का, लेकिन...
Mon, 06 Jan 2020 11:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिपराइच।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 11:11 AM IST
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यात्रियों ने बोगी को धकेलने का प्रयास किया
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गोरखपुर से नरकटियागंज जा रही गोरखपुर-नरकटियागंज पैसेंजर (55080) में एक कोच कम करने की प्रक्रिया के दौरान ट्रेन गलत ट्रैक पर भेज दी गई। जिस ट्रैक पर ट्रेन आगे बढ़ी उस पर विद्युतीकरण नहीं था। इसके बाद कुछ यात्रियों ने बोगी को धकेलने का प्रयास किया लेकिन जब कोच नहीं हिला तो वे भी हट गए।
बाद में कप्तानंगज से डीजल इंजन मंगाकर ट्रेन को इलेक्ट्रिक ट्रैक पर लाया गया। तब पांच घंटे बाद ट्रेन को रवाना हो सकी। इस बीच सत्याग्रह एक्सप्रेस को दूसरी लाइन से गुजारा गया। उधर, नाराज यात्रियों ने ड्राइवर को घेर लिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया।
घटना रविवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन पिपराइच स्टेशन पर पहुंची तो उसमें कर्मचारियों के लिए लगे एक कोच को काटकर अलग करने के लिए ट्रेन को बगल के ट्रैक पर आगे बढ़ा दिया गया।
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विद्युतीकरण वाले ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर पहुंचते ही ट्रेन की गति धीमी हो गई लेकिन कुछ दूर तक बढ़ गई। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद यात्रियों में नाराजगी बढ़ने लगी। लोगों ने ड्राइवर को घेर लिया। गार्ड सुजीत कुमार ने उन्हें बताया कि डीजल इंजन मंगाया जा रहा है। इसी बीच पुलिस भी पहुंच गई।
कोट
जैसे ही इंजन दूसरे ट्रैक पर पहुंचा, बिजली तार में फाल्ट हो गया। इसके चलते इंजन फंस गया। कप्तानगंज से इंजन मंगाकर ट्रेन को पांच घंटे बाद शाम 5.30 बजे रवाना कर दिया गया।
आरवी लाल, स्टेशन मास्टर
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बाद में कप्तानंगज से डीजल इंजन मंगाकर ट्रेन को इलेक्ट्रिक ट्रैक पर लाया गया। तब पांच घंटे बाद ट्रेन को रवाना हो सकी। इस बीच सत्याग्रह एक्सप्रेस को दूसरी लाइन से गुजारा गया। उधर, नाराज यात्रियों ने ड्राइवर को घेर लिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया।
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घटना रविवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन पिपराइच स्टेशन पर पहुंची तो उसमें कर्मचारियों के लिए लगे एक कोच को काटकर अलग करने के लिए ट्रेन को बगल के ट्रैक पर आगे बढ़ा दिया गया।
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विद्युतीकरण वाले ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर पहुंचते ही ट्रेन की गति धीमी हो गई लेकिन कुछ दूर तक बढ़ गई। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद यात्रियों में नाराजगी बढ़ने लगी। लोगों ने ड्राइवर को घेर लिया। गार्ड सुजीत कुमार ने उन्हें बताया कि डीजल इंजन मंगाया जा रहा है। इसी बीच पुलिस भी पहुंच गई।
कोट
जैसे ही इंजन दूसरे ट्रैक पर पहुंचा, बिजली तार में फाल्ट हो गया। इसके चलते इंजन फंस गया। कप्तानगंज से इंजन मंगाकर ट्रेन को पांच घंटे बाद शाम 5.30 बजे रवाना कर दिया गया।
आरवी लाल, स्टेशन मास्टर