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शौचालय निर्माण का मामला: 19.26 लाख के घोटाले में ग्राम पंचायत सचिव निलंबित, पूर्व प्रधान, सचिव से होगी आधी-आधी रकम की वसूली
Sat, 16 Apr 2022 02:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर (मुरारपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर (मुरारपुर)।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 16 Apr 2022 02:51 PM IST
सार
पूर्व प्रधान, सचिव से होगी आधी-आधी रकम की वसूली, जांच में घोटाले की पुष्टि होने पर डीएम ने की कार्रवाई, उरुवा ब्लॉक के चचाईराम गांव का मामला।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
शौचालय निर्माण में 19.26 लाख रुपये के घोटाले में उरुवा ब्लॉक के चचाईराम गांव के तत्कालीन सचिव अखिलेश चन्द को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूर्व प्रधान मीरा और सचिव से घोटाले की आधी-आधी धनराशि सात दिन के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय के भीतर धनराशि नहीं लौटाने पर दोनों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने यह कार्रवाई की।
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डीएम के निर्देश पर हुई जांच में पता चला कि धन निकाल लिया गया मगर गांव में 159 शौचालय बने ही नहीं। आठ शौचालय अधूरे पाए गए। इसे लेकर डीपीआओ ने कई बार निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया था। यहीं नहीं कारण बताओ नोटिस का भी सचिव ने जवाब नहीं दिया। जांच में पूर्व ग्राम प्रधान और तत्कालीन ग्राम सचिव बराबर-बराबर के दोषी मिले।
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इसपर पूर्व ग्राम प्रधान और सचिव को कुल रकम का आधा-आधा यानी नौ लाख 63 हजार दो सौ रुपये की वसूली का आदेश दिया गया है। चेताया गया है कि यदि सात दिन के भीतर धनराशि नहीं जमा की गई तो स्थानीय थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि जांच में गबन का मामला सामने आने पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। सचिव और पूर्व प्रधान से गबन की गई धनराशि का आधा-आधा वसूला जाएगा। समय पर धनराशि नहीं जमा करने पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही संपत्ति कुर्क कर धनराशि की वसूली की जाएगी।