{"_id":"665660decfa2a6c3d50cfcf4","slug":"those-fond-of-chicken-and-fish-are-avoiding-this-in-summer-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-572306-2024-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गर्मी में चिकन, मछली के शौकीन कर रहे परहेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गर्मी में चिकन, मछली के शौकीन कर रहे परहेज
Wed, 29 May 2024 04:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 29 May 2024 04:25 AM IST
विज्ञापन
फोटो-
-बाजार में आधी हो गई मुर्गा-मछली की बिक्री, भाव भी गिरा
- रेस्टाेरेंट में भी कम हो गए हैं ग्राहक, बिक्री हुई कम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भीषण गर्मी में लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ गई है। यही कारण है कि चिकन,मछली के स्वाद के शौकीनों ने भी परहेज करना शुरू कर दिया है। घरों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट में भी चिकन, मछली खाने वाले कम हो गए हैं। बिक्री के साथ भाव भी गिरा है।
गर्मी में आसानी से नहीं पचने वाले खाने-पीने के सामानों से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। यही कारण है कि समझदार लोगों ने मांसाहारी और ज्यादा तेल मसाले वाले भोजन से परहेज करना शुरू कर दिया है। मंडी में मछली की बिक्री में करीब 40 प्रतिशत कमी आई तो होटल, रेस्टोरेंट में भी खपत कम हो गई।
मोहद्दीपुर में नाॅन वेज, वेज रेस्टोरेंट के मैनेजर संदीप सिंह ने बताया कि एक माह पहले 80 हजार रुपये की बिक्री होती थी, लेकिन अब 50 से 55 हजार रुपये ही बिक्री हो रही है।
विज्ञापन
-- --
ग्राहक नहीं होने पर गिरा रहे हैं मछली का भाव
मछली मंडी में एक माह पहले आंध्र प्रदेश से 10-12 ट्रक मछली आती थी, जबकि 10 से 15 ट्रक लोकल मछली आती थी, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी तेवर दिखा रही है, वैसे मछली खाने वाले लोग परहेज कर रहे हैं।
रोहू मछली 120 से 130 रुपये और बैकर 80 से 90 रुपये किलो बिकी थी, जबकि पहले रोहू 140-150 और बैकर 100 से 110 रुपये किलो तक बिकी थी।
मछली मंडी के अध्यक्ष गजेंद्र साहनी ने बताया कि मछली की बिक्री में 40 प्रतिशत गिरावट आ गई है। इस सीजन में लोकल अच्छी मछली टिकाऊ नहीं होती है, क्योंकि आंध्र प्रदेश में जिस प्रकार पैकिंग होती है, वैसी पैकिंग यहां नहीं हो पाती है। मछली व्यापारी आलमगीर अहमद ने बताया कि थोक मंडी में माल अधिक हो रहा है, तो भाव गिराकर दूसरे क्षेत्रों के व्यापारियों को बुलाया जा रहा है। मछली की बिक्री और भाव दोनों कम है।
-- -- -- --
भाव गिरा, फिर कम हो गए मुर्गे के खरीदार
गोरखपुर-वाराणसी मार्ग स्थित सेवईं बाजार में मुर्गे के थोक व्यापारी प्रदीप साहनी ने बताया कि भाव गिरने के बावजूद भी मुर्गे की बिक्री कम हो गई है, क्योंकि गर्मी अधिक है। 15 दिन पहले वह एक दिन में 15 क्विंटल मुर्गे बेचते थे, लेकिन अब 10-11 क्विंटल ही बिक्री हो रही है। शहर के शास्त्री चौक में मुर्गे की दुकान के मालिक संग्राम सिंह ने बताया कि गर्मी के कारण बिक्री अचानक कम हो गई है। 15- 20 दिन पहले हर दिन तीन क्विंटल बिक्री हो रही थी, जो डेढ़ क्विंटल के आसपास सिमट रही है। उस दौरान शहर में मुर्गा 300 रुपये किलो बिक रहा था, लेकिन 220 रुपये किलो बिक रहा है। मांग बहुत कम होने के कारण बिक्री के साथ भाव भी गिर रहा है।
विज्ञापन
-बाजार में आधी हो गई मुर्गा-मछली की बिक्री, भाव भी गिरा
- रेस्टाेरेंट में भी कम हो गए हैं ग्राहक, बिक्री हुई कम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भीषण गर्मी में लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ गई है। यही कारण है कि चिकन,मछली के स्वाद के शौकीनों ने भी परहेज करना शुरू कर दिया है। घरों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट में भी चिकन, मछली खाने वाले कम हो गए हैं। बिक्री के साथ भाव भी गिरा है।
गर्मी में आसानी से नहीं पचने वाले खाने-पीने के सामानों से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। यही कारण है कि समझदार लोगों ने मांसाहारी और ज्यादा तेल मसाले वाले भोजन से परहेज करना शुरू कर दिया है। मंडी में मछली की बिक्री में करीब 40 प्रतिशत कमी आई तो होटल, रेस्टोरेंट में भी खपत कम हो गई।
विज्ञापन
मोहद्दीपुर में नाॅन वेज, वेज रेस्टोरेंट के मैनेजर संदीप सिंह ने बताया कि एक माह पहले 80 हजार रुपये की बिक्री होती थी, लेकिन अब 50 से 55 हजार रुपये ही बिक्री हो रही है।
विज्ञापन
ग्राहक नहीं होने पर गिरा रहे हैं मछली का भाव
मछली मंडी में एक माह पहले आंध्र प्रदेश से 10-12 ट्रक मछली आती थी, जबकि 10 से 15 ट्रक लोकल मछली आती थी, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी तेवर दिखा रही है, वैसे मछली खाने वाले लोग परहेज कर रहे हैं।
रोहू मछली 120 से 130 रुपये और बैकर 80 से 90 रुपये किलो बिकी थी, जबकि पहले रोहू 140-150 और बैकर 100 से 110 रुपये किलो तक बिकी थी।
मछली मंडी के अध्यक्ष गजेंद्र साहनी ने बताया कि मछली की बिक्री में 40 प्रतिशत गिरावट आ गई है। इस सीजन में लोकल अच्छी मछली टिकाऊ नहीं होती है, क्योंकि आंध्र प्रदेश में जिस प्रकार पैकिंग होती है, वैसी पैकिंग यहां नहीं हो पाती है। मछली व्यापारी आलमगीर अहमद ने बताया कि थोक मंडी में माल अधिक हो रहा है, तो भाव गिराकर दूसरे क्षेत्रों के व्यापारियों को बुलाया जा रहा है। मछली की बिक्री और भाव दोनों कम है।
भाव गिरा, फिर कम हो गए मुर्गे के खरीदार
गोरखपुर-वाराणसी मार्ग स्थित सेवईं बाजार में मुर्गे के थोक व्यापारी प्रदीप साहनी ने बताया कि भाव गिरने के बावजूद भी मुर्गे की बिक्री कम हो गई है, क्योंकि गर्मी अधिक है। 15 दिन पहले वह एक दिन में 15 क्विंटल मुर्गे बेचते थे, लेकिन अब 10-11 क्विंटल ही बिक्री हो रही है। शहर के शास्त्री चौक में मुर्गे की दुकान के मालिक संग्राम सिंह ने बताया कि गर्मी के कारण बिक्री अचानक कम हो गई है। 15- 20 दिन पहले हर दिन तीन क्विंटल बिक्री हो रही थी, जो डेढ़ क्विंटल के आसपास सिमट रही है। उस दौरान शहर में मुर्गा 300 रुपये किलो बिक रहा था, लेकिन 220 रुपये किलो बिक रहा है। मांग बहुत कम होने के कारण बिक्री के साथ भाव भी गिर रहा है।