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Gorakhpur News: वाहन चुराकर निकाल ले रहे पार्ट्स, बना रहे जुगाड़ गाड़ी

Fri, 18 Apr 2025 01:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:24 AM IST
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They are stealing vehicles and taking out their parts and making Jugaad vehicles
- शहर के प्रमुख सड़कों व तंज गलियों में दिनरात भरते हैं फर्राटे
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- न ही ट्रैफिक पुलिस और न ही परिवहन विभाग करती है कोई हस्तक्षेप
- प्रदूषण फैलाने के साथ सड़क हादसे का भी सबब बन रहे जुगाड़ वाहन

गोरखपुर। जिले की सड़कों पर जुगाड़ वाहन बड़ी संख्या में फर्राटा भर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐसे वाहनों में चोरी के पार्ट्स लग रहे हैं। विगत दिनों पकड़े गए चोर गिरोह से पूछताछ में पता चला कि वे चोरी के बाद वाहनों के पार्ट्स को निकालकर अलग-अलग जगहों पर बेच देते हैं। इससे भी आशंका है कि शहर में चलने वाले जुगाड़ वाहनों में इसका इस्तेमाल हो रहा है।
जुगाड़ वाहन का इस्तेमाल सवारी और माल ढुलाई के लिए किया जा रहा है। इससे शहर में प्रदूषण भी बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि इनकी संख्या हजार के पार है। इसका सबसे अधिक इस्तेमाल सीमेंट, बालू, सरिया, रसोई गैस सिलिंडर आदि की ढुलाई के लिए किया जा रहा है। इन जुगाड़ वाहनों से सड़क दुर्घटना की आशंका भी अधिक रहती है। इन वाहनों का न तो कहीं पंजीकरण होता है और न ही बीमा। कई गाड़ियों पर तो नंबर प्लेट भी देखने को नहीं मिलता है। इसके बावजूद कोई रोकटोक नहीं होती है। शहर के प्रमुख सड़कों व तंज गलियों में दिनभर फर्राटा भरते हैं।
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सुमेर सागर रोड, ट्रांसपोर्टनगर में बन रहे जुगाड़ वाहन
सूत्रों के अनुसार, शहर के सुमेर सागर रोड, ट्रांसपोर्टनगर, पीपीगंज, खोराबार, कुसम्ही, चौरीचौरा में जुगाड़ वाहन बनाने वाले मिल जाएंगे। यहां ऑर्डर पर 38 से 45 हजार रुपये में जुगाड़ वाहन बन जाएंगे। इसके लिए दुकानदारों को ऑर्डर देते हुए यह बताना पड़ता है कि किस उपयोग के लिए वाहन बनवा रहे हैं। एक जुगाड़ वाहन एक लीटर ईंधन में 25 से 30 किलोमीटर चलता है। देहात क्षेत्रों में तो पंपिंग सेट का इंजन फिट कर जुगाड़ वाहन तैयार किए जाते हैं, जो सड़कों पर दौड़ते आसानी से दिख जाएंगे।
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अपाची व प्लसर बाइक का भी हो रहा इस्तेमाल
सूत्रों के अनुसार जुगाड़ वाहन बनाने वाले अपाची व प्लसर बाइक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। भले ही समय पर इनके ब्रेक न लगे, लेकिन जुगाड़ वाहन सेल्फ से स्टार्ट जरूर होगी। सड़क पर सरिया, बालू, सीमेंट, सब्जी या दूसरा सामान लेकर दौड़ते ये शहर से लेकर देहात इलाकों में दिख जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, शहर के अलावा विभिन्न ब्लाॅकों व देहात क्षेत्रों में धंधेबाजों ने जुगाड़ वाहन बनाने का कारखाना खोल रखा है।


ठेले में बाइक, स्कूटर या पंपिंग सेट इंजन जोड़कर चलाना अपराध है। पकड़े जाने पर आरटीओ व यातायात पुलिस वाहनों को खड़ा कर देती है। एक सप्ताह पहले अभियान चलाया गया था। आगे भी जुगाड़ वाहन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।
- संजय कुमार, एसपी ट्रैफिक
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