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नगर निगम : सुथनी में शुरू हुई पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया, बनेगी सेनेटरी लैंडफिल साइट
Mon, 23 Feb 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 23 Feb 2026 02:37 AM IST
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गोरखपुर। सहजनवां क्षेत्र के सुथनी ग्राम पंचायत में प्रस्तावित देश के पहले इंटीग्रेटेड गारबेज सिटी प्रोजेक्ट के तहत 10 एकड़ में सेनेटरी लैंडफिल साइट (ठोस कचरा निपटान की एक वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग विधि) विकसित की जाएगी। लगभग 27.54 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए नगर निगम ने पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) एवं पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर निगम के अनुसार, फर्म के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। 13 मार्च को तकनीकी निविदा खोली जाएगी। केवल वही एजेंसियां चयन के लिए पात्र होंगी, जिन्होंने पूर्व में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं के लिए ईआईए-ईएमपी अध्ययन कर पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त कराई हो। एजेंसी प्रस्तावित लैंडफिल साइट से 10 किलोमीटर के दायरे में विस्तृत पर्यावरणीय अध्ययन करेगी, जिसमें मौजूदा आंकड़ों का सत्यापन, नए डाटा का संकलन और अनुमोदित टीओआर के अनुरूप ड्राफ्ट ईआईए रिपोर्ट तैयार करना शामिल होगा।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने बताया कि प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए कंसल्टेट फर्म हायर की जा रही है। इसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।
डंपिंग साइट से अलग होगी व्यवस्था
सेनेटरी लैंडफिल साइट सामान्य डंपिंग स्थल से भिन्न होती है। इसमें कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाती है, ताकि मिट्टी, भूजल और वायु प्रदूषण न हो। कचरे के जैविक एवं रासायनिक विघटन के लिए विशेष परतें और लीचेट प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाती है।
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नगर निगम के अनुसार, फर्म के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। 13 मार्च को तकनीकी निविदा खोली जाएगी। केवल वही एजेंसियां चयन के लिए पात्र होंगी, जिन्होंने पूर्व में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं के लिए ईआईए-ईएमपी अध्ययन कर पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त कराई हो। एजेंसी प्रस्तावित लैंडफिल साइट से 10 किलोमीटर के दायरे में विस्तृत पर्यावरणीय अध्ययन करेगी, जिसमें मौजूदा आंकड़ों का सत्यापन, नए डाटा का संकलन और अनुमोदित टीओआर के अनुरूप ड्राफ्ट ईआईए रिपोर्ट तैयार करना शामिल होगा।
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अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने बताया कि प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए कंसल्टेट फर्म हायर की जा रही है। इसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।
डंपिंग साइट से अलग होगी व्यवस्था
सेनेटरी लैंडफिल साइट सामान्य डंपिंग स्थल से भिन्न होती है। इसमें कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाती है, ताकि मिट्टी, भूजल और वायु प्रदूषण न हो। कचरे के जैविक एवं रासायनिक विघटन के लिए विशेष परतें और लीचेट प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाती है।
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