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Gorakhpur News: सीएमओ और अस्पताल संचालक से विवेचक ने की पूछताछ

Sat, 07 Mar 2026 02:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 02:09 AM IST
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The investigator questioned the CMO and the hospital operator.
- खंगाले गए सीसीटीवी कैमरे, रुपये ले जाते नहीं दिखा कोई संदिग्ध
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गोरखपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के नाम पर रुपये मांगकर ठगी की कोशिश के मामले में कैंट पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को प्रभारी निरीक्षक कैंट संजय सिंह ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर सीएमओ और अस्पताल संचालक से पूछताछ की। पुलिस अस्पताल संचालक को साथ लेकर उस स्थान पर पहुंची जहां रुपये देने का दावा किया गया था। लेकिन वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षित किए गए सीएमओ कार्यालय के फुटेज को खंगाला जिसमें रुपये देने का दावा करने वाला व्यक्ति आते-जाते दिखाई दिया, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आया।

शुक्रवार को शाम पांच बजे प्रभारी निरीक्षक कैंट संजय सिंह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने घटना से जुड़े सभी बिंदुओं पर बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान रुपये देने की जानकारी देने वाले अस्पताल संचालक को भी बुलाया गया। पुलिस ने उनसे घटना के संबंध में विस्तार से पूछताछ की। पुलिस को उम्मीद थी कि जहां रुपये दिए जाने का दावा किया गया है, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे से संदिग्ध की पहचान हो सकेगी, लेकिन वहां कोई कैमरा नहीं मिला। पुलिस ने इससे पहले सीएमओ कार्यालय परिसर के 15 दिन के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर लिए थे। शुक्रवार को जब यह फुटेज शिकायतकर्ता को दिखाई गई तो उसने खुद को आते-जाते तो पहचान लिया, लेकिन रुपये लेने वाले संदिग्ध की कोई तस्वीर साफ न होने से पहचान नहीं हो सकी। पुलिस अब फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। उधर, जिस नंबर (8419022640) से सीएमओ बनकर फोन किए गए थे, उसके महाराष्ट्र के थाणे में संचालित होने की जानकारी मिली थी। पुलिस की एक टीम तीन दिन पहले थाणे भेजी गई थी, लेकिन वहां अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। जालसाज ने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा है। काल डिटेल रिकार्ड, सिम पंजीकरण और संभावित बैंक खातों की जांच भी जारी है।
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सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन चल रही है और जल्द ही गुत्थी सुलझा ली जाएगी।
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